रायगढ़ में यातायात का नया अध्याय: केलो नदी किनारे बनेगा फोरलेन कॉरिडोर, शहर को मिलेगी जाम से मुक्ति…

रायगढ़। शहर की यातायात व्यवस्था को भविष्य के अनुकूल और सुगम बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने नगर पालिक निगम क्षेत्र में केलो नदी के किनारे प्रस्तावित फोरलेन मार्ग के निर्माण स्थल का निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को परियोजना में तेजी लाने के निर्देश दिए।
शहर के भीतर प्रवेश किए बिना मिलेगी कनेक्टिविटी – इस नई सड़क परियोजना का मुख्य उद्देश्य उर्दना चौक से संबलपुर राष्ट्रीय राजमार्ग तक बेहतर और वैकल्पिक कनेक्टिविटी प्रदान करना है। इस मार्ग के निर्माण से जशपुर रोड की ओर से आने वाले वाहन शहर के मुख्य मार्गों में प्रवेश किए बिना सीधे बिलासपुर-संबलपुर राष्ट्रीय राजमार्ग और रायपुर मार्ग तक पहुँच सकेंगे। इससे न केवल शहर के आंतरिक मार्गों पर वाहनों का दबाव कम होगा, बल्कि भारी वाहनों को भी एक सुगम वैकल्पिक रास्ता मिल सकेगा।
परियोजना के मुख्य बिंदु :
- नया मार्ग : उर्दना मोड़ से बड़े रामपुर, सर्किट हाउस, केलो नदी तट और मरीन ड्राइव होते हुए बोंदाटिकरा पुल तक सीधी पहुँच।
- विस्तार : एसईसीएल क्षेत्र से बोंदाटिकरा पुल, बोंदाटिकरा पुल से आकाशवाणी रोड होते हुए मेडिकल कॉलेज तक का मार्ग शामिल।
- यातायात में सुधार : इस इंटरनल रिंग रोड के बनने से शहर के ट्रैफिक दबाव में लगभग 40 प्रतिशत तक कमी आने की संभावना है।
- मरीन ड्राइव का विस्तार : प्रस्तावित चार मरीन ड्राइव परियोजनाओं में से तीन पर कार्य जारी है। शेष 2.3 किलोमीटर के निर्माण के लिए पीडब्ल्यूडी को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं, जिसके लिए राज्य शासन की सैद्धांतिक सहमति भी मिल चुकी है।
समय और ईंधन की होगी बचत – कलेक्टर ने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारियों को भू-अर्जन और प्रशासनिक स्वीकृतियों की प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। इस कॉरिडोर के तैयार हो जाने से आम नागरिकों को ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिलेगी, जिससे यात्रा के समय और ईंधन, दोनों की ही बचत होगी।
निरीक्षण के दौरान नगर निगम आयुक्त श्री बृजेश सिंह क्षत्रिय सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासन का यह निर्णय रायगढ़ के सुनियोजित शहरी विकास और आधुनिक यातायात प्रबंधन की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।




