लैलूंगा का महाविद्यालय या वसूली का अड्डा? ‘डर्टी प्रोफेसर’ के थप्पड़कांड के पीछे ढाई लाख की फिरौती का सनसनीखेज खेल!… जाने आखिर क्या है पूरा मामला…

रायगढ़। शिक्षा के मंदिर में जब एक गुरु की गरिमा तार-तार हुई और कॉलेज के प्रोफेसर के साथ जेडी कॉलोनी का एक रूम अखाड़े में तब्दील हो गया, तो हर कोई सन्न रह गया। शासकीय महाविद्यालय कुंजारा के प्रोफेसर के साथ एक युवती ने अपने मंगेतर के साथ मिलकर सरेआम धुनाई कर दी। आरोप लगा कि यह प्रोफेसर पिछले डेढ़ साल से युवती को सोशल मीडिया पर अश्लील मैसेज भेजकर शारीरिक संबंध बनाने का दबाव बना रहा था।
लेकिन रुकिए! इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के बाद जब मामले की इनसाइड स्टोरी और कुछ बेहद गोपनीय ऑडियो-वीडियो क्लिप्स सामने आईं, तो ‘पीड़िता’ की कहानी पूरी तरह पलट गई और ब्लैकमेलिंग का एक खौफनाक चेहरा उजागर हो गया।
दौर-ए-थप्पड़कांड : कॉलेज के प्रोफेसर के साथ वो ‘हाई-वोल्टेज ड्रामा’ – लगातार हो रही मानसिक प्रताड़ना का हवाला देकर युवती अपने कथित होने वाले पति के साथ सीधे जेडी कॉलोनी पहुंची। वहां उसने प्रोफेसर रेमन भार्गव का गिरेबान पकड़ा और थप्पड़ों की बौछार कर दी। वीडियो में युवती गरजते हुए प्रोफेसर की पत्नी के सामने कहती है :
“मैं शादी करने वाली हूं और तुम मुझे लूटोगे? तुम्हारे घर को मैं पूरी तरह नोंच कर रख दूंगी।”
इस दौरान जहां प्रोफेसर की बोलती बंद थी, वहीं उसकी पत्नी हाथ जोड़कर बीच-बचाव करती दिखी। युवती ने चीख-चीखकर समाज की अन्य लड़कियों से भी अपने समर्थन में आने की हुंकार भरी।
कैमरे के पीछे का सच : हवस का शिकार या ढाई लाख की फिरौती? – घटना के बाद लीक हुए वीडियो और बातचीत के एक ऑडियो ने इस पूरे मामले को जबरन वसूली (Extortion) के बड़े रैकेट में बदल दिया है।
पड़ताल में उजागर हुए 4 सबसे बड़े और तीखे सवाल :
- सरेआम ढाई लाख की डिमांड और धमकी: लीक हुए वीडियो में कथित पीड़िता न्याय मांगने नहीं, बल्कि पैसों की डील करती दिख रही है। वह साफ शब्दों में प्रोफेसर को धमकाते हुए कह रही है: “ढाई लाख रुपये की बात है, आप शाम तक कीजिये सर। अगर मेरा वीडियो वायरल हुआ तो आप कहीं के नहीं रहेंगे। आप ढाई लाख रुपये के लिए अपना गाड़ी बेचो या कुछ भी करो, आप लाओ… अगर मेरा वीडियो वायरल हो गया, तो मैं आपकी बेटी को भी नहीं छोड़ूंगी (उठवा लूंगी)।”
- फर्जी छात्रा का नकाब : शुरुआती खबरों में दावा किया गया कि युवती कॉलेज की छात्रा है। लेकिन पड़ताल में खुलासा हुआ कि युवती शासकीय महाविद्यालय की स्टूडेंट है ही नहीं, बल्कि वह प्रोफेसर की पड़ोसन है।
- सगाई का दावा भी संदेहास्पद : कॉलोनी में तमाशा करते वक्त युवती ने दावा किया था कि उसकी शादी होने वाली है। लेकिन प्रोफेसर के परिवार के मुताबिक, युवती की कोई सगाई हुई है; नहीं हैँ? उसका किसी के साथ केवल संबंध (रिलेशन) है।
- एहसान फरामोशी की हद : प्रोफेसर की पत्नी ने रोते हुए बताया कि उनके युवती के परिवार के साथ बेहद अच्छे संबंध थे। जब युवती के पिता बीमार थे, तो उन्होंने अपनी बेटी के गुल्लक के पैसे तोड़कर और निजी तौर पर 30,000 रुपये देकर उनकी आर्थिक मदद की थी। यही नहीं, युवती अक्सर उनके घर आकर जन्मदिन मनाती, एनवर्सरी पर फोटो डालकर शुभकामना देती और साथ में पिकनिक भी जाती थी। सवाल उठता है कि अगर डेढ़ साल से शोषण हो रहा था, तो यह पारिवारिक नजदीकियां क्यों थीं?
तथाकथित सिंडिकेट : पत्रकारों की आड़ में ब्लैकमेलिंग? – लीक हुए साक्ष्यों से यह बात शीशे की तरह साफ हो चुकी है कि कॉलोनी में हुए इस ड्रामे को बकायदा प्लान किया गया था। कुछ तथाकथित स्थानीय लोगों और कथित पत्रकारों को वहां पहले से बुलाकर रखा गया था ताकि वीडियो बनाकर प्रोफेसर पर दबाव बनाया जा सके। वीडियो में बकायदा पैसों की सौदेबाजी चल रही है कि “तीन-तीन लाख की बात हुई थी, जिसे कम करके ढाई लाख किया गया”। युवती ने यह भी धमकी दी कि यदि इस विवाद के कारण उसका रिलेशन प्रभावित हुआ, तो वह प्रोफेसर की नौकरी और परिवार दोनों बर्बाद कर देगी।
पड़ताल का निष्कर्ष : आखिर सच क्या है? – इस पूरे मामले ने अब एक गंभीर कानूनी और सामाजिक मोड़ ले लिया है। क्या एक शिक्षक वाकई ‘डर्टी प्रोफेसर’ है जिसने मर्यादा लांघी? या फिर एक सीधे-साधे परिवार को जाल में फंसाकर, कुछ तथाकथित लोगों के साथ मिलकर ढाई लाख रुपये ऐंठने और करियर तबाह करने की यह एक खौफनाक साजिश है?
इस जबरन वसूली, ब्लैकमेलिंग और बेटी को उठाने की धमकी देने वाले गिरोह का असली सच क्या है? इस मामले में गहन पड़ताल और कानूनी जांच अभी भी बाकी है…
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