रायगढ़

पत्थलगांव में भू-माफिया का दुस्साहस: अधिवक्ता की जमीन पर अवैध कब्जा, कूट रचित दस्तावेजों से किया सरकारी सिस्टम को ‘गुमराह’!…FIR दर्ज…

जशपुर। जिले के ग्राम लुडेग में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने राजस्व विभाग और स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रायगढ़ के अधिवक्ता विकाश अग्रवाल ने आरोप लगाया है कि प्रवीण टोप्पो और जोन टोप्पो नामक व्यक्तियों ने सुनियोजित आपराधिक षड्यंत्र के तहत कूट रचित दस्तावेजों (Forged Documents) का इस्तेमाल कर उनकी पुश्तैनी भूमि पर न केवल अवैध कब्जा किया, बल्कि सरकारी रिकॉर्ड में भी फर्जीवाड़ा किया।

क्या है ‘धोखाधड़ी’ का खेल? – अधिवक्ता के अनुसार, वर्ष 1984 में धरमदास टोप्पो द्वारा बेची गई भूमि का लाभ उठाकर, 30 साल बाद आरोपियों ने मृतक धरमदास तिग्गा की जगह अपने पिता धरमदास टोप्पो का मृत्यु प्रमाण-पत्र राजस्व विभाग में पेश कर दिया। नाम की समानता का दुरूपयोग कर खुद को कानूनी वारिस बताकर पूरी जमीन का नामांतरण अपने नाम करवा लिया।

दस्तावेजों में हेराफेरी का सनसनीखेज खुलासा : आरोपियों द्वारा प्रस्तुत मृत्यु प्रमाण-पत्र में पिता का नाम तक बदल दिया गया। राजस्व रिकॉर्ड में अंकित असली पिता ‘मार्टिन टोप्पो’ को दरकिनार कर ‘पी.के. टोप्पो’ का नाम दर्ज करवाना यह सिद्ध करता है कि यह एक सोची-समझी धोखाधड़ी है।

‘अवैध’ नाम पर ‘जबरन’ कब्जा : – हैरानी की बात यह है कि गलत तरीके से नामांतरण कराने के बाद अब ये आरोपी अपनी इस ‘फर्जी जमीन’ की आड़ लेकर अधिवक्ता विकाश अग्रवाल की वैध भूमि (खसरा नं. 132/2/ड/2) पर भी जबरन कब्जा कर रहे हैं। अधिवक्ता का आरोप है कि उन्हें अपनी ही जमीन पर जाने से रोका जा रहा है, जो कि सीधे तौर पर कानून-व्यवस्था को चुनौती है।

प्रशासन की चुप्पी और कानून का डर : अधिवक्ता विकाश अग्रवाल ने पत्थलगांव थाना प्रभारी को लिखित शिकायत सौंपकर FIR दर्ज करने की मांग की थी। पीड़ित का कहना है कि यदि एक अधिवक्ता के साथ ऐसी धोखाधड़ी और दबंगई की जा सकती है, तो आम आदमी की क्या बिसात?

क्या है मुख्य मांगे?

  1. नामांतरण निरस्त हो : धोखाधड़ी के आधार पर हुए अवैध नामांतरण को तत्काल प्रभाव से राजस्व विभाग निरस्त करे।
  2. कब्जा मुक्त हो : अधिवक्ता की भूमि से अवैध कब्जा तुरंत हटाया जाए।

अब जशपुर पुलिस और प्रशासन पर निगाहें हैं कि क्या वे इस भू-माफिया के खिलाफ सख्त एक्शन लेंगे या फिर यह मामला फाइलों में ही दब जाएगा?

Admin : RM24

Investigative Journalist & RTI Activist

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