जशपुर

महा-घोटाला: पत्थलगांव में आदिवासियों की जमीन पर भू-माफियाओं का डाका, राजस्व रिकॉर्ड से फाइलें गायब और करोड़ों का खेल उजागर!…थाने में शिकायत दर्ज…

भाग – 10

जशपुर।  जिले के पत्थलगांव तहसील में आदिवासियों की जमीन निगलने वाले एक बेहद खौफनाक और सुनियोजित भू-माफिया सिंडिकेट (Land Scam Syndicate) का पर्दाफाश हुआ है। सरकारी दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा, राजस्व रिकॉर्ड रूम से फाइलों की चोरी, ‘जाति’ बदलने का गोरखधंधा और अवैध रूप से करोड़ों का बैंक लोन निकालने का यह मामला सामने आते ही प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है।

​स्वतंत्र पत्रकार ऋषिकेश मिश्रा द्वारा थाना प्रभारी, पत्थलगांव को सौंपी गई प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) की शिकायत (संलग्न दस्तावेज़ 1002569184.png के अनुसार) ने इस पूरे काले कारोबार की परतें उधेड़ कर रख दी हैं। इस बड़े षड्यंत्र में राजस्व विभाग के भ्रष्ट अधिकारियों की मिलीभगत की ओर भी सीधा इशारा किया गया है।

घोटाले के रोंगटे खड़े कर देने वाले तथ्य :

  • कूटरचना से बदल दी ‘जाति’: इस पूरे फर्जीवाड़े का मुख्य आरोपी नरेश कुमार सिदार (पिता- अजब सिंह) है। इसने सरकारी दस्तावेजों के साथ इतनी बड़ी छेड़छाड़ की है कि एक जगह रिकॉर्ड में अपनी जाति ‘गोंड’ दर्ज होने के बावजूद, पत्थलगांव के खसरा नंबर 513/85/ख में हेराफेरी कर खुद को ‘उरांव’ दर्शा दिया, ताकि आदिवासियों की बेशकीमती जमीन हड़पी जा सके।
  • फाइलें गायब, मुर्दों और वारिसों को दरकिनार कर फर्जी नामांतरण : ग्राम पत्थलगांव की खसरा क्रमांक 191/2/ख, 332/4, 344/3 भूमि, जो मूल रूप से सालिक राम (उरांव) के नाम दर्ज थी, उसे भी निगल लिया गया। सालिक राम के असली वारिसों (फिर्लस, फेरवन बड़ा, अगोटीना बड़ा) के जीवित होने के बावजूद, यह जमीन बिना किसी सक्षम आदेश के पहले सुशीला कुजूर के नाम की गई। अब तहसीलदार कार्यालय द्वारा इसी विवादित जमीन को अवैध रूप से नरेश कुमार सिदार, किशन सिंह और विकास राठिया के नाम नामांतरित करने का नया खेल खेला गया है।
  • कृषि भूमि का अवैध डायवर्जन और करोड़ों का बैंक लोन : माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं कि नरेश कुमार सिदार के नाम पर दर्ज जमीनों को रातों-रात वाणिज्यिक (Commercial) भूमि में बदल दिया गया। हद तो तब हो गई जब 28 अगस्त 2025 को इन जमीनों को HDFC बैंक, रायगढ़ में बंधक (Mortgage) रखकर करोड़ों रुपये का संदिग्ध लोन भी उठा लिया गया।
  • पर्दे के पीछे का मास्टरमाइंड और वायरल ‘ऑडियो क्लिप’ : इस पूरे भू-घोटाले का मुख्य सूत्रधार आयुष अग्रवाल बताया जा रहा है। एक वायरल ऑडियो क्लिप के जरिए यह खुलासा हुआ है कि आयुष अग्रवाल रायपुर के बड़े रसूखदारों को जशपुर की प्राइम लोकेशन वाली जमीनें कौड़ियों के दाम दिलाने के लिए अवैध सौदेबाजी का सिंडिकेट चला रहा है।

PMO तक पहुंची आंच, तहसीलदार की रिपोर्ट में भी पुष्टि – ​इस गंभीर मामले की गूंज अब दिल्ली तक पहुंच चुकी है। 5 जनवरी 2026 को इस घोटाले की लिखित शिकायत सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में दर्ज कराई गई है (पंजीकरण संख्या: PMOPG/D/2026/0007354)। इसके अलावा, 29 अप्रैल 2026 को तहसीलदार पत्थलगांव द्वारा पुलिस को सौंपी गई एक रिपोर्ट में भी आरोपी नरेश कुमार सिदार के नाम पर ग्राम पालीडीह और पत्थलगांव में कुल 3.821 हेक्टेयर अचल संपत्ति दर्ज होने की आधिकारिक पुष्टि हो चुकी है।

क्या होगी FIR और गिरफ्तारी? – शिकायतकर्ता ने पुलिस से स्पष्ट मांग की है कि आदिवासियों के अधिकारों का हनन करने वाले आरोपियों-  नरेश कुमार सिदार, आयुष अग्रवाल, सुशीला कुजूर, किशन सिंह, विकास राठिया और इस षड्यंत्र में शामिल राजस्व विभाग के अज्ञात भ्रष्ट दलालों और अधिकारियों के खिलाफ धोखाधड़ी (Cheating), दस्तावेजों में कूटरचना (Forgery), आपराधिक षड्यंत्र (Criminal Conspiracy) और SC/ST (Prevention of Atrocities) Act की संगीन धाराओं के तहत तत्काल FIR दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।

अब देखना यह है कि इतने पुख्ता सबूतों और दस्तावेजों के सामने आने के बाद जशपुर पुलिस और प्रशासन इन रसूखदार भू-माफियाओं पर कब शिकंजा कसती है, या फिर हमेशा की तरह फाइलें ठंडे बस्ते में डाल दी जाएंगी?

पूर्व में प्रकाशित खबर…

Admin : RM24

Investigative Journalist & RTI Activist

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