जशपुर में खूनी संघर्ष : धान रोपाई के दौरान दो पक्षों में हिंसक झड़प, महिलाओं से अभद्रता, सरपंच समेत 10 पर FIR…

जशपुर। जिले के पत्थलगांव थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां ग्राम पंचायत रघुनाथपुर के टुकूपखना गांव में जमीन विवाद ने खूनी और हिंसक रूप अख्तियार कर लिया। पैतृक खेत में धान की रोपाई कर रहे एक आदिवासी परिवार पर दूसरे पक्ष के लोगों ने हथियारों से लैस होकर हमला बोल दिया। इस दौरान न सिर्फ खड़ी फसल को ट्रैक्टरों से रौंदा गया, बल्कि बीच-बचाव करने आईं महिलाओं के साथ मारपीट और छेड़छाड़ की भी गंभीर शिकायत है।
पीड़ित पक्ष की तहरीर पर तत्परता दिखाते हुए पत्थलगांव पुलिस ने ग्राम सरपंच सहित 10 आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और एससी-एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम की संगीन धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
लाठी-कुदाल लेकर खेत में घुसे हमलावर, ट्रैक्टर से रौंदी फसल – शिकायतकर्ता संजय बड़ा के मुताबिक, घटना 17 जुलाई की सुबह की है जब उनका पूरा परिवार अपने पैतृक खेत में धान की रोपाई कर रहा था। इसी दौरान आरोपी कुदाल, लाठी और अन्य घातक हथियार लेकर खेत में घुस आए। आरोप है कि हमलावरों ने जातिसूचक गालियां देते हुए पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी देकर खेत से खदेड़ दिया। इतना ही नहीं, दबंगई दिखाते हुए आरोपियों ने दो ट्रैक्टरों को खेत में उतारकर रोपी गई धान की फसल को बेरहमी से रौंदकर भारी नुकसान पहुंचाया।
महिलाओं से बर्बरता : मारपीट और दुष्कर्म की धमकी – घटना में महिलाओं को भी निशाना बनाया गया। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि जब संजय बड़ा की मां मिलो बाई ने इस गुंडागर्दी का विरोध किया, तो उनके साथ मारपीट कर उन्हें जमीन पर धक्का दे दिया गया। वहीं, मां को बचाने पहुंची बहन के साथ न केवल छेड़छाड़ की गई, बल्कि उसे घसीटने का प्रयास भी किया गया। शिकायत में यह भी उल्लेख है कि आरोपियों ने पीड़ित परिवार को दुष्कर्म और जान से मारने की खौफनाक धमकी दी।
सरपंच समेत 10 नामजद, बीएनएस और SC-ST एक्ट में केस दर्ज – पुलिस ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए कुल 10 लोगों के खिलाफ अपराध क्रमांक 02/2026 दर्ज किया है। आरोपियों में शामिल हैं:
- भगवानों यादव
- प्रेमचंद
- नरेंद्र यादव
- पदमन
- दिलबंधु
- जगबंधु
- नवीन यादव
- बिछी यादव
- दसई यादव
- गरीब साय (ग्राम सरपंच)
इन धाराओं के तहत फंसा शिकंजा : आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 189, 191, 329, 324, 115, 74, 351(2), 351(3) और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3(1)(f), 3(1)(w)(i), 3(1)(द) एवं 3(1)(घ) के तहत गैर-जमानती धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
“धान रोपाई के दौरान दो पक्षों के बीच हुए विवाद में 10 लोगों के खिलाफ बीएनएस और एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस पूरे मामले की हर पहलू से निष्पक्ष जांच कर रही है। साक्ष्यों के आधार पर आगे की कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।” – राकेश कुमार पटनवार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP), जशपुर
दूसरे पक्ष का दावा : “आरोप निराधार, जमीन हमारे नाम दर्ज” – दूसरी ओर, इस पूरे मामले में आरोपी पक्ष के भगवानों यादव ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे झूठा बताया है। उनका दावा है कि जिस विवादित भूमि पर झगड़ा हुआ, वह राजस्व रिकॉर्ड (राजीव कूट) में उनके पक्ष के नाम पर दर्ज है, जबकि दूसरा पक्ष लंबे समय से उस पर अवैध रूप से अपना दावा ठोक रहा है।
वहीं मामले में नामजद सरपंच गरीब साय ने अपनी सफाई में कहा कि उनके सामने कोई जानलेवा हमला या छेड़छाड़ नहीं हुई, बल्कि केवल महिलाओं के बीच गाली-गलौज और झूमाझटकी हुई थी। फिलहाल, पुलिस दोनों पक्षों के बयानों और मौके के साक्ष्यों को खंगाल रही है ताकि सच सामने आ सके।




