डौंडीलोहारा पुलिस की बड़ी कामयाबी : ‘मिशन नवचेतना’ के तहत अंतर्राज्यीय गांजा तस्करी गिरोह का पर्दाफाश, मध्य प्रदेश से मुख्य सरगना सहित दो फरार आरोपी गिरफ्तार

फिरोज अहमद खान (पत्रकार)
बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में नशामुक्त समाज के निर्माण और अवैध मादक पदार्थों के नेटवर्क को नेस्तनाबूद करने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘मिशन नवचेतना’ को एक और बड़ी सफलता मिली है। पुलिस अधीक्षक किरण गंगाराम चव्हाण (भा.पु.से.) के कुशल निर्देशन में बालोद पुलिस ने एक अत्यंत प्रभावशाली कार्यवाही करते हुए अंतर्राज्यीय गांजा तस्करी गिरोह के अंतिम कड़ियों को भी सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। पुलिस की विशेष टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और साइबर विश्लेषण का सहारा लेते हुए पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश के रायसेन और भोपाल में दबिश देकर एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत फरार चल रहे दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है। इस कार्यवाही के साथ ही इस पूरे गिरोह के सभी 7 आरोपी अब पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं।
‘मिशन नवचेतना’ के तहत नशे के सौदागरों पर कड़ा प्रहार
बालोद जिले में अपराध और नशे के कारोबार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ (शून्य सहनशीलता) की नीति अपनाई जा रही है। इसी कड़ी में पुलिस अधीक्षक किरण गंगाराम चव्हाण के नेतृत्व में ‘मिशन नवचेतना’ अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य केवल अवैध पदार्थों की जब्ती तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे छिपे पूरे अंतर्राज्यीय सिंडिकेट और नेटवर्क को जड़ से उखाड़ फेंकना है। मध्य प्रदेश से हुई यह ताजा गिरफ्तारी इस बात का प्रमाण है कि कानून के हाथ अंतर्राज्यीय सीमाओं के पार भी अपराधियों को पकड़ने में पूरी तरह सक्षम हैं।
पूर्व में हुई कार्यवाही का घटनाक्रम
इस पूरे मामले की शुरुआत 09 जून 2026 को हुई थी, जब साइबर सेल और थाना डौण्डीलोहारा की संयुक्त टीम ने मुखबिर की सूचना पर ग्राम भेड़ी मुख्य मार्ग के पास एक ब़ड़ी घेराबंदी की थी। उस दौरान पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए 05 अंतर्राज्यीय तस्करों को रंगे हाथों दबोचा था।

पूर्व में की गई इस बड़ी कार्यवाही के दौरान पुलिस ने निम्नलिखित सामग्रियां जब्त की थीं:
- अवैध गांजा : 72.621 किलोग्राम (अनुमानित बाजार मूल्य लगभग ₹36,31,050)
- वाहन : तस्करी में इस्तेमाल की जा रही 04 मोटरसाइकिलें
- संचार उपकरण : 06 मोबाइल फोन
- कुल जब्त संपत्ति : ₹40,52,050 (चालीस लाख बावन हजार पचास रुपये)
इस कार्यवाही के बाद गिरफ्तार किए गए पांचों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया था। हालांकि, उस समय पुलिस की टीम को चकमा देकर एक आरोपी मौके से फरार होने में सफल रहा था। इसके बाद जब पकड़े गए आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ की गई, तो इस पूरे अंतर्राज्यीय गिरोह के मुख्य सरगना का नाम और पूरा नेटवर्क सामने आया।
मध्य प्रदेश में विशेष टीम की दबिश और सरगना की गिरफ्तारी
मामले की गंभीरता और अंतर्राज्यीय कड़ियों को देखते हुए पुलिस अधीक्षक किरण गंगाराम चव्हाण ने फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए एक विशेष टीम का गठन किया। इस टीम ने साइबर सेल की मदद से तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन और गहन विश्लेषण के आधार पर आरोपियों के ठिकानों को ट्रैक किया। पुख्ता जानकारी मिलते ही बालोद पुलिस की इस विशेष टीम को तुरंत मध्य प्रदेश के लिए रवाना किया गया।
विशेष टीम ने मध्य प्रदेश के अलग-अलग जिलों में स्थानीय स्तर पर खुफिया इनपुट जुटाए और पूरी योजना के साथ दबिश दी। पुलिस ने रायसेन और भोपाल के शुकी सेवरिया इलाके में घेराबंदी कर न केवल मौके से फरार हुए आरोपी को दबोचा, बल्कि इस पूरे गांजा तस्करी नेटवर्क के मुख्य सरगना को भी गिरफ्तार कर लिया। ट्रांजिट रिमांड पर दोनों आरोपियों को बालोद लाया गया है, जिनसे पूछताछ में अंतर्राज्यीय तस्करी से जुड़े कई अन्य चौंकाने वाले और महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं, जिन पर पुलिस की आगे की विवेचना जारी है।
मध्य प्रदेश से गिरफ्तार किए गए आरोपियों का विवरण
पुलिस की गिरफ्त में आए दोनों आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है:
- भगवान सिंह बंजारा उर्फ भग्गु (गिरोह का मुख्य सरगना), पिता माघता लाल, उम्र 21 वर्ष, निवासी: एकता नगर, शुकी सेवरिया, जिला भोपाल (मध्य प्रदेश)।
- सतनाम गोड़, पिता धिरा गोड़, उम्र 31 वर्ष, निवासी: राहुल नगर, वार्ड क्रमांक-14, जिला रायसेन (मध्य प्रदेश)।
सुरक्षित युवा, समृद्ध बालोद : पुलिस प्रशासन का संकल्प
इस शानदार सफलता पर बालोद पुलिस अधीक्षक किरण गंगाराम चव्हाण (आईपीएस) के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती मोनिका ठाकुर के मार्गदर्शन और एसडीओपी डौण्डीलोहारा बोनीफास एक्का के पर्यवेक्षण में पूरी टीम की सराहना की जा रही है।
इस जटिल ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम देने में थाना प्रभारी डौण्डीलोहारा निरीक्षक सुनील तिर्की, सउनि अनित राम यादव, आरक्षक बेनीराम साहू सहित साइबर सेल के सउनि धरम भुआर्य, प्रधान आरक्षक विवेक शाही, आरक्षक विपिन गुप्ता, पुरन देवांगन, भोपसिंह साहू एवं गुलजारी साहू की भूमिका अत्यंत सराहनीय और उल्लेखनीय रही है।
बालोद पुलिस अधीक्षक का संदेश :
“मिशन नवचेतना के तहत बालोद पुलिस का मुख्य ध्येय युवाओं को नशे के दलदल से बचाना और समाज को पूरी तरह सुरक्षित व नशामुक्त बनाना है। अवैध मादक पदार्थों के कारोबार में शामिल किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। हमारा यह अभियान भविष्य में भी इसी तरह पूरी कठोरता के साथ निरंतर जारी रहेगा।”
बालोद जिला पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि वे अपने आस-पास होने वाली किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अवैध नशे के कारोबार की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते अपराधियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा सकें।
आपातकालीन एवं सहायता सेवा नंबर
आपातकालीन सेवा : 112
साइबर हेल्पलाइन : 1930
मिशन नवचेतना : 1933




