अंबिकापुर

खाकी दागदार! अंबिकापुर में सीएसपी के आरक्षक और पत्नी पर IPC 420 का मुकदमा, PWD के नाम पर ब्यूटी पार्लर संचालिका से 30 लाख की महाठगी…FIR दर्ज…

अंबिकापुर। कानून के रक्षक ही जब भक्षक बन जाएं, तो न्याय की उम्मीद किससे की जाए? छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले से एक ऐसा ही सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने पूरे पुलिस महकमे को हिलाकर रख दिया है। अंबिकापुर सीएसपी कार्यालय में वाहन चालक के पद पर तैनात एक रसूखदार आरक्षक और उसकी पत्नी ने घरेलू संबंधों को तार-तार करते हुए एक परित्यक्ता महिला से 30 लाख रुपये की मोटी रकम डकार ली।

​इस हाई-प्रोफाइल धोखाधड़ी के सामने आने के बाद खुद प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) ने मामले को गंभीरता से लिया, जिसके निर्देश पर गांधीनगर पुलिस ने आरोपी दंपत्ति के खिलाफ IPC (भारतीय दंड संहिता) की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।

मासूम चेहरा, रसूखदार खाकी और 75 लाख का ‘फर्जी’ दांव – ठगी का यह घिनौना खेल पटपरिया (गांधीनगर) निवासी अनुपमा सिंह के साथ खेला गया, जो ‘अनुपमा मेकओवर’ नाम से ब्यूटी पार्लर चलाकर अपने दो बच्चों का पेट पालती हैं। पुलिस एफआईआर के मुताबिक, अंबिकापुर सीएसपी के ड्राइवर आरक्षक प्रवीण प्रताप सिंह की पत्नी अलका प्रताप सिंह पीड़िता की रिश्तेदार लगती है। इसी घनिष्ठता और घरेलू संबंधों का फायदा उठाकर आरक्षक दंपत्ति ने जाल बुना।

​वर्ष 2023 में आरोपियों ने जमीन खरीदने के बहाने तत्काल पैसों की किल्लत बताई और पीड़िता के सामने जाल फेंकते हुए कहा कि:

​”रायपुर PWD मुख्यालय में हमारा 75 लाख रुपये का भुगतान अटका हुआ है, जो बस कुछ ही दिनों में क्लियर होने वाला है। जैसे ही पैसा आएगा, हम पाई-पाई लौटा देंगे।”

​खाकी की वर्दी और पारिवारिक रिश्ते पर भरोसा करके पीड़िता ने जुलाई 2023 में अपनी गाढ़ी कमाई से कुल 30 लाख रुपये अलग-अलग किश्तों में सौंप दिए।

रकम डकार कर दी ‘फंसाने और जान से मारने की’ धमकी – पैसे ऐंठने के बाद आरक्षक दंपत्ति का असली रंग सामने आया। बार-बार पैसे मांगने पर वे टालमटोल करते रहे। मार्च 2025 तक भारी दबाव के बाद उन्होंने रो-धोकर सिर्फ 10 लाख रुपये वापस किए। बाकी बचे 20 लाख रुपये के लिए उन्होंने 10-10 लाख के दो चेक थमा दिए, जो बैंक में लगते ही ‘बाउंस’ हो गए।

​हद तो तब हो गई जब पीड़िता ने थक-हारकर कानूनी नोटिस भेजा। आरोपी आरक्षक ने अपनी वर्दी का धौंस दिखाते हुए पीड़िता को ही उल्टा एससी-एसटी एक्ट (SC-ST Act) जैसे झूठे मामलों में फंसाने और जान से मारने की खुली धमकी दे डाली।

शहर के कई और रईस भी आ चुके हैं इस आरक्षक के झांसे में! – जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि वर्दीधारी आरक्षक ने सिर्फ अनुपमा सिंह को ही नहीं, बल्कि PWD में पैसा फंसे होने का यही रोना रोकर शहर के कई अन्य लोगों को भी अपनी ठगी का शिकार बनाया है। पीड़ित महिला की शिकायत के अनुसार:

  • मृत्युंजय गुप्ता से 10 लाख रुपये ऐंठे गए।
  • विवेक तिवारी को 4.30 लाख रुपये का चूना लगाया गया।
  • जगजीत सिंह से 4.50 लाख रुपये लेकर उन्हें भी झूठे केस में फंसाने की धमकी दी जा रही है।

कानूनी शिकंजा : IPC की धाराओं के तहत FIR दर्ज – ​डीजीपी के कड़े रुख के बाद गांधीनगर पुलिस ने मामले को दबाने की हर कोशिश को नाकाम करते हुए आरोपी आरक्षक प्रवीण प्रताप सिंह और उसकी पत्नी अलका प्रताप सिंह के खिलाफ IPC (भारतीय दंड संहिता 1860) की धारा 420 (धोखाधड़ी) और धारा 34 (साझा आपराधिक मंशा) के तहत एफआईआर (नंबर 0424) दर्ज कर ली है।

​इस पूरे मामले की कमान सहायक उपनिरीक्षक (ASI) बीरेंद्र कुजूर को सौंपी गई है। अब देखना यह है कि पुलिस अपने ही महकमे के इस ‘काली भेड़’ को कब सलाखों के पीछे भेजती है। 

Admin : RM24

Investigative Journalist & RTI Activist

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