तमनार में लापरवाह पंचायत सचिव पर गिरी गाज : रायगढ़ जिला पंचायत सीईओ की बड़ी कार्रवाई, हमीरपुर सचिव आशीष बारिक तत्काल प्रभाव से निलंबित…

रायगढ़। सरकारी कार्यों में लापरवाही, बैठकों से नदारद रहना और उच्च अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना करना एक पंचायत सचिव को भारी पड़ गया है। जिला पंचायत रायगढ़ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) अभिजीत बबन पठारे ने एक कड़ा रुख अपनाते हुए ग्राम पंचायत हमीरपुर (जनपद पंचायत तमनार) के सचिव आशीष बारिक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

यह कार्रवाई जनपद स्तर पर होने वाली साप्ताहिक समीक्षा बैठकों में बिना किसी पूर्व सूचना के लगातार गायब रहने और शासकीय दायित्वों के प्रति घोर लापरवाही बरतने के कारण की गई है।
क्यों गिरी निलंबन की गाज? – प्राप्त जानकारी के अनुसार, जनपद पंचायत तमनार के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने 3 जून 2026 को जिला मुख्यालय को एक प्रतिवेदन सौंपा था। इस रिपोर्ट में साफ किया गया था कि सचिव आशीष बारिक जनपद स्तरीय समीक्षा बैठकों में अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित रहते थे। इसके अलावा, शासकीय कार्यों में रुचि न लेना और उच्चाधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना करना उनकी कार्यशैली का हिस्सा बन चुका था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जब जांच की गई, तो प्रथम दृष्टया सचिव को दोषी पाया गया। उनका यह कृत्य छत्तीसगढ़ पंचायत सेवा (आचरण) नियम 1998 के नियम 3 के उप-नियम (1), (2) और (3) के सर्वथा विपरीत है, जो कि कदाचरण की श्रेणी में आता है।
तत्काल प्रभाव से निलंबन, तमनार रहेगा मुख्यालय – सीईओ जिला पंचायत द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, छत्तीसगढ़ पंचायत सेवा (अनुशासन तथा अपील) नियम 1999 के नियम 4 के तहत आशीष बारिक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता की पात्रता होगी, तथा इस अवधि के लिए उनका मुख्यालय जनपद पंचायत तमनार निर्धारित किया गया है।
प्रभार सौंपने और चार्जशीट तैयार करने के निर्देश – जिला पंचायत ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए केवल निलंबन पर ही ब्रेक नहीं लगाया है, बल्कि संबंधित अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर आरोपी सचिव के विरुद्ध आरोप पत्र (चार्जशीट), आरोप विवरण, साक्ष्यों और गवाहों की सूची तैयार कर कार्यालय में प्रस्तुत करने के कड़े निर्देश दिए हैं।
वहीं, ग्राम पंचायत हमीरपुर का अतिरिक्त प्रभार ग्राम पंचायत गौरबहरी के सचिव हेमसागर साव को सौंपने का आदेश जारी किया गया है, ताकि ग्रामीणों के काम प्रभावित न हों।
सीईओ का कड़ा संदेश : इस बड़ी कार्रवाई से रायगढ़ जिले के प्रशासनिक हलकों और खासकर पंचायत सचिवों में हड़कंप मच गया है। जिला पंचायत के इस कड़े कदम से साफ संदेश जाता है कि शासकीय कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता, लापरवाही या अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।




