स्वास्थ्य के ‘मसीहा’ या ठगी के सौदागर? अंबिकापुर के लक्ष्मी नारायण हॉस्पिटल पर FIR; आयुष्मान कार्ड भी चूसा, जेब भी काटी!…

अंबिकापुर। गैस की शिकायत लेकर पहुंचे एक मरीज को ‘हार्ट अटैक’ का खौफ दिखाना… फिर आयुष्मान कार्ड ब्लॉक होने का झूठा नाटक रचकर बेबस परिजनों से ₹1.60 लाख नगद ऐंठ लेना… और पीठ पीछे उसी ‘ब्लॉक’ कार्ड से गुपचुप तरीके से ₹1.50 लाख से ज्यादा सरकारी रकम भी हजम कर जाना! जी हाँ, अंबिकापुर के गुदरी चौक स्थित लक्ष्मी नारायण हॉस्पिटल पर धोखाधड़ी का एक ऐसा सनसनीखेज आरोप लगा है, जिसने डॉक्टर और अस्पताल प्रबंधन के रसूख को सरेबाजार बेनकाब कर दिया है।
इस दोहरी लूट के खिलाफ कोतवाली पुलिस ने आखिरकार अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ धोखाधड़ी की गैर-जमानती धाराओं में FIR दर्ज कर ली है।
गैस का दर्द बताकर डराया, फिर खेल दिया ‘स्टेंट’ का खेल : मामला बलरामपुर जिले के रघुनाथनगर (गिरवानी) का है। विवेक जायसवाल अपने बड़े पिता राजेंद्र प्रसाद जायसवाल को पेट दर्द की शिकायत पर 17 अप्रैल 2026 को इस तथाकथित ‘मल्टीस्पेशलिटी’ अस्पताल लेकर पहुंचे थे। डॉक्टरों ने गैस के दर्द को सीधे ‘दिल का ब्लॉकेज’ बता दिया और डराया कि फौरन एंजियोप्लास्टी कर तीन स्टेंट डालने होंगे। परिजनों को दिलासा दिया गया कि सब कुछ ‘आयुष्मान कार्ड’ से मुफ्त हो जाएगा।
‘कार्ड ब्लॉक है…’ का झूठ और ₹1.60 लाख की जबरन वसूली – मरीज जब ऑपरेशन थिएटर के हवाले हो गया, तब अस्पताल प्रबंधन ने अपना असली रंग दिखाया। परिजनों को अचानक बताया गया कि “आपका आयुष्मान कार्ड ब्लॉक हो गया है, तुरंत ₹1,60,000 नगद जमा करो, नहीं तो मरीज की जान को खतरा है।”
अस्पताल के इस चक्रव्यूह में फंसे सहमे हुए परिजनों ने जैसे-तैसे पैसों का इंतजाम किया और काउंटर पर ₹1.60 लाख कैश गिन दिए। अस्पताल ने तीन की जगह दो ही स्टेंट डाले और तीसरा स्टेंट बाद में लगाने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया।
डिजिटल इंडिया में पकड़ा गया ‘सफेदपोश’ फर्जीवाड़ा – अस्पताल की नीयत पर शक होने पर जब पीड़ित विवेक जायसवाल ने बाद में आयुष्मान पोर्टल पर जाकर अपने कार्ड की हिस्ट्री चेक की, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। जिस कार्ड को अस्पताल ने ‘ब्लॉक’ बताकर कैश वसूला था, उसी कार्ड से लक्ष्मी नारायण हॉस्पिटल प्रबंधन ने ₹1,50,460 की सरकारी राशि चुपचाप आहरित (विड्रॉ) कर ली थी!
जब पीड़ित ने इस ‘डबल पेमेंट’ पर अस्पताल से जवाब मांगा, तो प्रबंधन सीधे मुकर गया और सीनाजोरी पर उतर आया।
कोतवाली पुलिस ने कसी नकेल : धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज – गरीबों के हक के पैसे और मजबूरी का तमाशा बनाने वाले इस अस्पताल की शिकायत जब कोतवाली थाने पहुंची, तो पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए लक्ष्मी नारायण हॉस्पिटल प्रबंधन के खिलाफ धारा 318 (4) (धोखाधड़ी) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया है।
बड़ा सवाल : सरकार गरीबों के मुफ्त इलाज के लिए आयुष्मान योजना चला रही है, लेकिन चंद लालची अस्पताल इसे अपनी तिजोरी भरने का जरिया बना चुके हैं। अब देखना यह है कि पुलिस इस ‘सफेदपोश’ ठगी के जिम्मेदारों को कब सलाखों के पीछे भेजती है और अस्पताल का लाइसेंस सस्पेंड होता है या नहीं!




