बड़ा झटका : तमनार बायपास की जद में आए 5 गांव, जमीन की खरीदी-बिक्री, दान और बंटवारे पर तत्काल प्रभाव से लगी पूर्ण रोक!…

रायगढ़/तमनार | तमनार क्षेत्र में प्रस्तावित 8.50 किलोमीटर लंबे बायपास मार्ग के निर्माण को लेकर रायगढ़ जिला प्रशासन ने एक बड़ा और सख्त कदम उठाया है। कलेक्टर (भू-अर्जन) कार्यालय ने आदेश जारी करते हुए तमनार तहसील के 5 गांवों में जमीनों की किसी भी प्रकार की खरीदी-बिक्री, दान, हस्तांतरण और बंटवारे पर तत्काल प्रभाव से पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। इस आदेश के बाद से प्रभावित गांवों के भू-स्वामियों में हड़कंप की स्थिति है।

लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा बनाए जाने वाले इस बायपास के लिए प्रशासन ने जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज कर दी है। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी (डिजिटल हस्ताक्षर) द्वारा जारी इस सख्त आदेश में स्पष्ट कर दिया गया है कि प्रभावित खसरों की अब कोई रजिस्ट्री या नामांतरण नहीं होगा।
इन 5 गांवों की जमीनों पर लगा ‘लॉक’ : प्रशासन द्वारा जारी सूची के अनुसार, बायपास निर्माण से तमनार तहसील के 5 गांवों के कुल 269 खसरे प्रभावित हो रहे हैं। जिन गांवों की जमीन पर प्रतिबंध लगा है, वे इस प्रकार हैं:
- गोड़ी (कुल 33 खसरा)
- तमनार (कुल 72 खसरा)
- महलोई (कुल 70 खसरा)
- बुड़िया (कुल 79 खसरा)
- झिंकाबहाल (कुल 15 खसरा)
रजिस्ट्रार और तहसीलदार को सख्त चेतावनी – कलेक्टर के आदेश में उप पंजीयक (सब-रजिस्ट्रार) घरघोड़ा और तहसीलदार तमनार को कड़े निर्देश दिए गए हैं। उन्हें सख्त हिदायत दी गई है कि वे यह सुनिश्चित करें कि इन प्रतिबंधित गांवों की प्रभावित भूमि का किसी भी हाल में विक्रय, दान या अन्य कोई भी अंतरण संबंधी कार्य संपादित न किया जाए।
बिना कागजी कार्रवाई के खेतों में नहीं गड़ेगा चूना, सर्वे की होगी वीडियोग्राफी – जमीन अधिग्रहण के दौरान किसी भी प्रकार की धांधली या किसानों के विरोध से बचने के लिए प्रशासन ने PWD की सर्वे टीम पर भी लगाम कसी है। आदेश में साफ लिखा है:
- राजस्व विभाग की मौजूदगी अनिवार्य : PWD की सर्वे टीम अकेले खेतों में नहीं जाएगी, बल्कि राजस्व अमले के साथ ही सर्वे करेगी।
- ‘पत्रक-10’ के बिना मार्किंग नहीं : बिना ‘पत्रक-10’ तैयार किए किसी भी किसान के खेत या जमीन पर झंडी या चूने से मार्किंग (निशान) नहीं लगाई जाएगी।
- कैमरे की निगरानी में होगा काम : जिस दिन फील्ड में सर्वे होगा, उसी दिन पत्रक तैयार होगा। पूरे सर्वे और मौके के निरीक्षण की कम्पलीट वीडियोग्राफी कराई जाएगी, जिसे कलेक्टर कार्यालय में जमा करना अनिवार्य होगा।
क्या होगा आगे? – इस आदेश के तत्काल प्रभाव से लागू होने के बाद, अब इन 5 गांवों के प्रभावित किसान अपनी जमीन का सौदा नहीं कर पाएंगे। प्रशासन अब पूरी तरह से अधिग्रहण की कार्रवाई करेगा, जिसके बाद तय सरकारी मुआवजे के वितरण की प्रक्रिया शुरू होगी। वीडियोग्राफी और ‘पत्रक-10’ की अनिवार्यता से यह तय है कि प्रशासन इस बायपास प्रोजेक्ट में किसी भी तरह की लापरवाही या विवाद की गुंजाइश नहीं छोड़ना चाहता।




