रायगढ़

महा-खुलासा : तमनार में आतंक मचाने वाले ‘नट गैंग’ का पत्थलगांव कनेक्शन; बैकुंठपुर जेल से खींच लाया गया मास्टरमाइंड विशाल!…

  • पत्थलगांव के शातिर अपराधी ने साथी संग मिलकर अपेक्स बैंक के बाहर की थीं बैक-टू-बैक 3 वारदातें, रायगढ़ पुलिस ने कड़ियां जोड़कर सलाखों के पीछे भेजा…

रायगढ़। तमनार और आसपास के इलाकों में बैंक उपभोक्ताओं के लिए खौफ का दूसरा नाम बन चुके शातिर ‘उठाईगीर गिरोह’ के खिलाफ रायगढ़ पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) श्री शशि मोहन सिंह के कड़े तेवरों के बाद, तमनार पुलिस ने एक बेहद जटिल ऑपरेशन को अंजाम देते हुए गिरोह के मुख्य मास्टरमाइंड हरि उर्फ विशाल नट (41 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़ा गया मुख्य आरोपी पत्थलगांव (जिला जशपुर) के ग्राम गाला का रहने वाला है, जिसने अपने साथी के साथ मिलकर रायगढ़ जिले में तहलका मचा रखा था।

​यह शातिर अपराधी रायगढ़ पुलिस की आंखों में धूल झोंककर कोरिया जिले के एक अन्य मामले में जिला जेल बैकुंठपुर में बंद था। लेकिन तमनार पुलिस ने कानून का ऐसा शिकंजा कसा कि माननीय न्यायालय से प्रोडक्शन वारंट हासिल कर आरोपी को सीधे तमनार थाने की सलाखों के पीछे ला खड़ा किया।

क्राइम फाइल : पत्थलगांव के शातिर चोरों ने तमनार को बनाया था ‘हंटिंग ग्राउंड’ – जशपुर के पत्थलगांव इलाके से आकर इस गिरोह ने तमनार के अपेक्स बैंक को अपना मुख्य केंद्र बनाया था। ये बैंक से बड़ी रकम निकालने वालों पर नजर रखकर पलक झपकते ही वारदात को अंजाम देकर रफूचक्कर हो जाते थे। पुलिस की केस डायरी के मुताबिक, इस गिरोह ने तमनार में तीन बड़ी वारदातों को अंजाम दिया:

1. बाजारपारा में होटल के बाहर उड़ाए ₹20,000

  • तारीख : 09 अप्रैल 2026
  • शिकार : ग्राम झरना निवासी गोसाई राम राठिया और उनकी बहन।
  • वारदात : पीड़ित अपनी बहन के साथ अपेक्स बैंक से ₹20,000 निकालकर बाजारपारा स्थित एक होटल में नाश्ता करने रुके थे। उन्होंने रुपयों और दस्तावेजों से भरा थैला अपनी मोटरसाइकिल के हैंडल में टांग दिया था। आरोपियों ने पलक झपकते ही थैला पार कर दिया। (अपराध क्रमांक 68/2026 धारा 303(2) बीएनएस)

2. बेबस बुजुर्ग की झपकी और ₹24,000 पार

  • तारीख : 14 मई 2026
  • शिकार : ग्राम सराईपाली निवासी 65 वर्षीय बुजुर्ग रहंसराम खम्हारे।
  • वारदात : बुजुर्ग रहंसराम बैंक से ₹24,000 निकालकर यात्री प्रतीक्षालय में बस का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान भीषण गर्मी के कारण उन्हें झपकी आ गई। शातिर चोर इसी ताक में थे; उन्होंने बुजुर्ग के पास रखा पीले रंग का थैला उड़ा दिया, जिसमें नकदी के साथ पासबुक व आधार कार्ड भी था। (अपराध क्रमांक 97/2026 धारा 303(2) बीएनएस)

3. तहसील कार्यालय के बाहर ₹2 लाख का डिक्की तोड़ कांड

  • तारीख : 08 जून 2026
  • शिकार : ग्राम गौरबहरी निवासी लोकेश्वर पटेल।
  • वारदात : लोकेश्वर ने अपेक्स बैंक से ₹2 लाख की भारी-भरकम राशि निकाली और उसे अपनी बाइक की डिक्की में लॉक कर तहसील कार्यालय चले गए। आरोपियों ने महज कुछ सेकेंड्स के भीतर लोहे के औजार से बाइक की डिक्की को उखाड़ फेंका और ₹2 लाख की पूरी गड्डी लेकर फरार हो गए। (अपराध क्रमांक 135/2026 धारा 303(2), 3(5) बीएनएस)

मिशन ‘क्लीन स्वीप’ : CCTV के चक्रव्यूह में फंसे आरोपी – लगातार हो रही इन वारदातों से पुलिस महकमे में हड़कंप था। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने तत्काल अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) श्री अनिल सोनी और एसडीओपी धरमजयगढ़ श्री सिद्धांत तिवारी के सुपरविजन में एक स्पेशल टीम का गठन किया।

​थाना प्रभारी निरीक्षक प्रशांत राव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने बैंक और तहसील कार्यालय के आसपास लगे दर्जनों सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के फुटेज खंगाले। तकनीकी इनपुट्स और साइबर सेल की मदद से पुलिस को दो संदिग्धों— पत्थलगांव निवासी विशाल उर्फ हरि नट और उसके साथी धर्मेन्द्र नट के हुलिए मिले।

पहला मोहरा धर्मेंद्र की गिरफ्तारी हुआ तो बरामद हुईं दो अपाचे बाइक – पुलिस टीम ने जाल बिछाते हुए 19 जून 2026 को गिरोह के पहले सदस्य धर्मेंद्र नट को दबोच लिया था। धर्मेंद्र ने पुलिसिया पूछताछ के सामने घुटने टेक दिए और कबूल किया कि उसने अपने आका हरि उर्फ विशाल नट के साथ मिलकर तीनों चोरियां की थीं।

​धर्मेंद्र की निशानदेही पर पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल होने वाली TVS अपाचे मोटरसाइकिल, चोरियों के पैसों से ऐश करने के लिए खरीदी गई एक और बिल्कुल नई चमचमाती अपाचे बाइक और डिक्की तोड़ने में इस्तेमाल होने वाले लोहे के नुकीले औजार पहले ही बरामद कर लिए थे।

अय्याशी का कबूलनामा : जुए और शराब में उड़ा दिए ₹2.44 लाख – धर्मेंद्र की गिरफ्तारी के बाद मुख्य सरगना विशाल नट फरार था, जिसे तमनार पुलिस ने बैकुंठपुर जेल से रिमांड पर लेकर तमनार थाने के लॉकअप में बंद किया। पुलिस रिमांड के दौरान जब पत्थलगांव के इस शातिर अपराधी से कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उसने बताया कि वे वारदात को अंजाम देने के बाद सीधे दूसरे जिलों में भाग जाते थे। उसने कबूल किया :

“हमने तीनों वारदातों से मिले ₹2 लाख 44 हजार रुपये को आपस में बराबर-बराबर बांट लिया था। पुलिस से बचने के लिए हम ठिकाने बदलते रहे और अधिकांश रकम जुआ खेलने, महंगी शराब और ऐशो-आराम में पूरी तरह उड़ा दी।”

जांबाज टीम को शाबाशी; आरोपी फिर जेल की कालकोठरी में –

  • मुख्य आरोपी की पहचान: हरि उर्फ विशाल नट पिता हरिचरण नट (41 वर्ष), निवासी ग्राम गाला, थाना पत्थलगांव, जिला जशपुर।

​इस अंधे मामले का पर्दाफाश करने और पत्थलगांव के इस शातिर मास्टरमाइंड तक पहुंचने में तमनार थाना प्रभारी निरीक्षक प्रशांत राव, प्रधान आरक्षक बनारसी सिदार, हेम प्रकाश सोन और आरक्षक पुष्पेन्द्र सिदार की भूमिका बेहद सराहनीय रही। आवश्यक वैधानिक कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद मुख्य आरोपी विशाल नट को अदालत में पेश किया गया, जहाँ से माननीय न्यायालय के आदेश पर उसे पुनः जेल की कालकोठरी में भेज दिया गया है।

Ambika Sao

सह-संपादक : छत्तीसगढ़

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