बिलाईगढ़ में भू-माफिया और राजस्व अधिकारियों का बड़ा खेल : मृत व्यक्ति की जमीन हड़पने की साज़िश, एसपी से शिकायत…

सारंगढ़-बिलाईगढ़। छत्तीसगढ़ के नवनिर्मित जिले सारंगढ़-बिलाईगढ़ में भू-माफियाओं, पटवारी और उच्च राजस्व अधिकारियों की मिलीभगत से जमीन हड़पने का एक बेहद गंभीर और सनसनीखेज मामला सामने आया है। राजनैतिक दबाव और ‘आर्थिक लेन-देन’ के बल पर महज एक महीने के भीतर एक मृत व्यक्ति की कीमती जमीन को दूसरे के नाम दर्ज कराने का सनसनीखेज आरोप लगा है। पीड़ित पक्ष ने इस पूरे फर्जीवाड़े की लिखित शिकायत पुलिस अधीक्षक (SP) सारंगढ़-बिलाईगढ़ से करते हुए एफआईआर (FIR) दर्ज करने की मांग की है।
क्या है पूरा मामला? – आवेदक हेमंत कुमार निराला द्वारा पुलिस अधीक्षक को सौंपे गए शिकायती पत्र के अनुसार, ग्राम सरसींवा (प.ह.नं. 10) में उनके दिवंगत नाना स्व. नाथू के नाम पर खसरा नंबर 1026 (रकबा 0.134 हेक्टेयर) भूमि राजस्व अभिलेखों में दर्ज थी, जिस पर आवेदक का शांतिपूर्ण कब्जा चला आ रहा है।
आरोप है कि क्षेत्र के रसूखदार अशोक कुमार साहू और उनकी पत्नी सरोजनी साहू ने इस कीमती जमीन को हड़पने के लिए एक सोची-समझी साज़िश रची। इस साज़िश में हल्का पटवारी संतोष पाण्डेय और अनुभागीय अधिकारी राजस्व (SDM) स्निग्धा तिवारी ने कथित तौर पर अपने क्षेत्राधिकार से बाहर जाकर, मोटी रकम के लेन-देन और राजनैतिक दबाव में इस फर्जीवाड़े को अंजाम दिया।
नक्शे की ‘काट-छांट’ और कूटरचना का खेल – शिकायत में बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए बताया गया है कि भूइयां ऑनलाइन पोर्टल पर सरकारी रिकॉर्ड और नक्शे के साथ छेड़छाड़ (काट-छांट) की गई। सरोजनी साहू की मूल भूमि (खसरा नंबर 915/6, रकबा 0.081 हे.) को त्रुटिसुधार के नाम पर, हेरफेर करके स्व. नाथू की भूमि (खसरा नं. 1026) पर दिखा दिया गया। इस तरह कागजी जालसाजी कर पूरी जमीन हड़पने और छत्तीसगढ़ शासन की आंखों में धूल झोंकने की कोशिश की गई है।
सुपरफास्ट स्पीड से हुआ ‘न्याय’ : महज 1 महीने में आदेश – आमतौर पर राजस्व के मामले सालों-साल चलते हैं, लेकिन इस मामले में अधिकारियों की ‘मेहरबानी’ और सक्रियता देखने लायक थी :
- 5 फरवरी 2024 : एसडीएम कोर्ट द्वारा पहली बार ऑर्डर शीट लिखी जाती है, तहसीलदार से जांच रिपोर्ट मांगी जाती है और इसी दिन दावा-आपत्ति के लिए इश्तहार जारी किया जाता है।
- 19 फरवरी 2024 : पटवारी द्वारा आनन-फानन में पंचनामा और जांच प्रतिवेदन तैयार कर तहसीलदार को सौंप दिया जाता है।
- 5 मार्च 2024 : महज 1 महीने के भीतर ही एसडीएम स्निग्धा तिवारी द्वारा सरोजनी साहू के पक्ष में अंतिम आदेश पारित कर जमीन उनके नाम दर्ज करने का फरमान सुना दिया जाता है और केस बंद कर दिया जाता है।
आवेदक ने की आपराधिक मुकदमा दर्ज करने की मांग – पीड़ित हेमंत कुमार निराला का कहना है कि यह पूरा मामला सीधे तौर पर धोखाधड़ी, पद के दुरुपयोग, जालसाजी और भ्रष्टाचार का है। उन्होंने एसपी कार्यालय में आवेदन देकर मांग की है कि:
- आरोपी अशोक कुमार साहू और सरोजनी साहू के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो।
- साज़िश में शामिल हल्का पटवारी संतोष पाण्डेय और एसडीएम स्निग्धा तिवारी की भूमिका की जांच कर उनके खिलाफ भी धोखाधड़ी और कूटरचना का आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाए।
अब देखना यह होगा कि इस रसूखदार गठजोड़ और प्रशासन की नाक के नीचे हुए इस कथित खेल पर जिला पुलिस कप्तान क्या एक्शन लेते हैं।




