रायगढ़

रायगढ़ एक्सक्लूसिव : बाकारुमा-लैलूंगा सड़क निर्माण में गरमाया भूमि विवाद, कल राजपुर में होगा ‘आर-पार’ का सीमांकन!…

रायगढ़। जिले के बहुचर्चित ‘बाकारुमा-लैलूंगा सड़क निर्माण’ प्रोजेक्ट में जमीन का पेंच अब एक बेहद नाजुक और तनावपूर्ण मोड़ पर आ खड़ा हुआ है। राजपुर गांव की बेशकीमती और विवादित भूमि को लेकर कई महीनों से चल रही रस्साकशी का फैसला कल यानी 12 जून 2026 को होने जा रहा है। तहसीलदार रायगढ़ के आदेश (दिनांक 19/02/2026) के बाद अंततः राजस्व निरीक्षक ने नोटिस जारी कर दिया है, जिससे प्रशासनिक अमले और पक्षकारों के बीच हलचल तेज हो गई है।

इस हाई-प्रोफाइल मामले में कानूनी दांव-पेंच भी पूरी तरह से तैयार हैं, जिसके लिए वकीलों (संलग्न तस्वीर) ने कमर कस ली है। कल का दिन राजपुर के लिए बेहद अहम होने वाला है।

क्या है पूरा मामला और क्यों है यह इतना संवेदनशील?

  • विवाद का केंद्र : राजपुर स्थित खसरा नंबर 380/6, जिसका कुल रकबा 0.676 हेक्टेयर है।
  • आमने-सामने कई पक्ष : इस मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आवेदक राकेश कुमार (पिता कीर्तन प्रसाद) के सामने केवल कुछ व्यक्ति नहीं, बल्कि “समस्त ग्रामवासी राजपुर” को पक्षकार बनाया गया है। इसके अलावा सिद्धार्थ, मुकेश, सोमेश और देवमती जैसे नाम भी इस सूची में शामिल हैं।
  • पत्रकार महासंघ की नजर : दस्तावेज़ के शीर्ष पर ‘राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ के प्रदेश सचिव’ का उल्लेख स्पष्ट करता है कि इस सड़क निर्माण और भूमि अधिग्रहण/सीमांकन पर मीडिया की पैनी नजर है और इसमें किसी भी तरह की प्रशासनिक लापरवाही तुरंत सुर्खियां बनेगी।
  • कानूनी चुनौती की तैयारी : सूत्रों और उपलब्ध तस्वीरों के अनुसार, इस सीमांकन को लेकर कानूनी फौज पूरी तरह मुस्तैद है। यदि कल राजस्व विभाग की कार्रवाई में जरा भी पारदर्शिता की कमी दिखी, तो यह मामला सीधे कोर्ट के गलियारों में एक बड़ी कानूनी जंग का रूप ले लेगा।

कल सुबह 10 बजे होगा ‘फैसला’ : ​राजस्व निरीक्षक (राजपुर सर्कल) ने सभी संबंधित पक्षों, पटवारी (हल्का नं. 03) और कोटवार को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे कल सुबह 10:00 बजे अपने-अपने भूमि संबंधी अभिलेखों (कागजातों) के साथ मौके पर उपस्थित रहें।

कल सुबह राजपुर के उस 0.676 हेक्टेयर जमीन के टुकड़े पर सिर्फ फीता नहीं नापा जाएगा, बल्कि यह तय होगा कि बाकारुमा-लैलूंगा सड़क के रास्ते में आ रही इस जमीन का असली हकदार कौन है। प्रशासन के लिए शांतिपूर्ण तरीके से इस सीमांकन को निपटाना किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं होगा।

Admin : RM24

Investigative Journalist & RTI Activist

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!