रायगढ़ में करोड़ों की ठगी का पर्दाफाश: ‘ऑपरेशन क्लीन हंट’ में धराया 1.77 करोड़ का महाठग, जांजगीर-चांपा से हुई गिरफ्तारी…

मुख्य बिंदु:
- मुनाफे का मायाजाल: शेयर मार्केट में हर महीने 6% ब्याज का दिया था लालच।
- ठगी का आंकड़ा: 13 से ज्यादा लोगों की गाढ़ी कमाई डकारी, 1 करोड़ 77 लाख रुपये पार कर गया आंकड़ा।
- कब खुली पोल: बिना डीमैट खाते के ट्रेडिंग का दावा पड़ा भारी, शेयर बाजार में नुकसान के बाद खड़ा किया हाथ।
- आरोपी की पृष्ठभूमि: पश्चिम बंगाल के नादिया जिले का रहने वाला है 43 वर्षीय शातिर आरोपी विश्वजीत देवनाथ।
रायगढ़ पुलिस के “ऑपरेशन क्लीन हंट” ने एक और बड़े जालसाज का पर्दाफाश किया है। शेयर मार्केट और बंपर मुनाफे के नाम पर भोले-भाले लोगों की गाढ़ी कमाई लूटने वाला मास्टरमाइंड विश्वजीत देवनाथ अब सलाखों के पीछे है। इस शातिर ठग ने रायगढ़ के 13 से अधिक निवेशकों को अपने सुनहरे जाल में फंसाकर 1 करोड़ 77 लाख रुपये की भारी-भरकम चपत लगाई थी।
ऐसे बिछाया ठगी का मायाजाल – आरोपी विश्वजीत देवनाथ, जो खुद को LED बल्ब मैन्युफैक्चरर और शेयर मार्केट का महारथी बताता था, उसने ठगी का एक अचूक फॉर्मूला तैयार किया। उसने निवेशकों को प्रतिमाह 6 प्रतिशत का मोटा ब्याज और 10 प्रतिशत मूलधन वापसी का ऐसा ख्वाब दिखाया कि लोग बैंकों से कर्ज लेकर भी पैसा लगाने लगे।
दरोगापारा निवासी शिकायतकर्ता संजय मिश्रा ने 2022 में इसके झांसे में आकर ICICI बैंक से 12 लाख रुपये का लोन लेकर निवेश किया था। शुरुआत में आरोपी ने विश्वास जीतने के लिए समय पर ब्याज दिया। इस लालच में आकर विकास साहू, राकेश मनहर, रितेश साव समेत 13 अन्य लोगों ने भी अपनी जीवन भर की पूंजी इस ठग के हवाले कर दी। देखते ही देखते यह आंकड़ा 1 करोड़ 77 लाख 10 हजार रुपये तक पहुंच गया।
डीमैट खाते की सच्चाई और पुलिस की दबिश – खेल तब बिगड़ा जब निवेशकों को पता चला कि शेयर ट्रेडिंग के लिए डीमैट (Demat) खाते की सख्त जरूरत होती है, जबकि आरोपी ने किसी भी निवेशक को कोई डीमैट दस्तावेज नहीं दिया था। ठगी का अहसास होते ही 30 मई 2026 को थाना कोतवाली में धारा 420 के तहत मामला दर्ज कराया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए रायगढ़ के एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने कमान संभाली। जांच में पुलिस को भनक लगी कि इस शातिर पर जांजगीर-चांपा में भी धोखाधड़ी का केस दर्ज है। इसके बाद कोतवाली टीआई सुखनंदन पटेल के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने जांजगीर-चांपा पुलिस से सटीक तालमेल बिठाकर वहां दबिश दी और आरोपी को धर दबोचा।
कबूलनामा : शेयर बाजार में डूबी रकम और जब्त हुई फॉर्च्यूनर – रायगढ़ लाकर न्यायालय में पेश किए गए आरोपी ने पुलिस की पूछताछ में अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उसने बताया कि वह निवेशकों की रकम अलग-अलग बैंक खातों और ट्रेडिंग प्लेटफार्म के जरिए शेयर बाजार में लगाता था। लेकिन मई 2025 के बाद शेयर बाजार में उसे भारी नुकसान हुआ, जिसके बाद उसने निवेशकों के पैसे लौटाने बंद कर दिए। आरोपी ने यह भी उगला कि उसकी ऐशो-आराम की फॉर्च्यूनर (Fortuner) गाड़ी और अहम बैंकिंग दस्तावेज पहले ही चांपा पुलिस अपने एक केस में जब्त कर चुकी है।
एसएसपी की सख्त चेतावनी: “लालच में न आएं” – इस बड़ी कामयाबी पर रायगढ़ एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने कहा:
“निवेश के नाम पर लोगों की गाढ़ी कमाई हड़पना बेहद गंभीर अपराध है। रायगढ़ पुलिस ऐसे अपराधियों के विरुद्ध ‘ऑपरेशन क्लीन हंट’ के तहत चुन-चुन कर कार्रवाई कर रही है। जनता से अपील है कि शेयर मार्केट, ऑनलाइन निवेश या किसी भी शॉर्टकट मुनाफे वाली योजना में पैसा लगाने से पहले उसकी वैधता और दस्तावेजों की अच्छी तरह जांच कर लें।”
पुलिस ने आम जनता से यह भी अपील की है कि किसी भी संदिग्ध निवेश योजना या साइबर ठगी की भनक लगते ही तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी पुलिस थाने से संपर्क करें। फिलहाल पुलिस इस महाठग के बैंक खातों, ट्रेडिंग अकाउंट्स और अन्य वित्तीय लेनदेन की गहराई से कुंडली खंगाल रही है, ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य चेहरों को भी बेनकाब किया जा सके।




