बलरामपुर : हायर सेकंडरी स्कूल बसंतपुर के प्राचार्य पर महिला सहकर्मी ने लगाया गंभीर आरोप, विभागीय लापरवाही के बाद मामला थाने पहुंचा…

बलरामपुर। जिले के वाड्रफनगर ब्लॉक अंतर्गत आने वाले बसंतपुर हायर सेकंडरी स्कूल में एक महिला सहकर्मी (शिक्षिका/कर्मचारी) ने विद्यालय के प्राचार्य पर शारीरिक संबंध बनाने का दबाव बनाने और मना करने पर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का अत्यंत गंभीर आरोप लगाया है।
पीड़िता के अनुसार, जब उन्होंने इस मामले की शिकायत शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों से की, तो न्याय मिलने के बजाय उन पर ही शिकायत दबाने और आरोपी प्राचार्य से समझौता करने का अनुचित दबाव बनाया जाने लगा। परेशान होकर अंततः पीड़िता ने बसंतपुर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
मामले का पूरा ब्योरा – पीड़ित महिला सहकर्मी ने अपनी लिखित शिकायत में उल्लेख किया है कि विद्यालय में पदस्थ प्राचार्य लंबे समय से उन पर अनुचित नजर रख रहे थे। आरोप है कि प्राचार्य द्वारा महिला पर शारीरिक संबंध बनाने का निरंतर अनुचित दबाव बनाया जा रहा था। जब महिला ने इसका कड़ा विरोध किया और प्राचार्य की मांगों को मानने से इनकार कर दिया, तो आरोपी ने उन्हें पद का भय दिखाकर प्रशासनिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया।
विद्यालय के दैनिक कार्यों में बाधा उत्पन्न करने, कार्य वातावरण को दूषित करने और मानसिक दबाव बनाने से तंग आकर पीड़िता ने न्याय के लिए उच्च अधिकारियों का रुख किया।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर गंभीर सवाल – पीड़िता ने अपनी शिकायत में विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) तथा जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) की कार्यप्रणाली पर भी बेहद गंभीर सवाल उठाए हैं।
- शिकायत अनसुनी करना : महिला ने पहले विभागीय स्तर पर लिखित आवेदन देकर बीईओ और डीईओ को प्राचार्य की हरकतों से अवगत कराया था।
- समझौते का दबाव : आरोप है कि अधिकारियों ने मामले की निष्पक्ष जांच करने या अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के स्थान पर मामले को रफा-दफा करने का प्रयास किया।
- मानसिक उत्पीड़न : पीड़िता पर विभागीय अधिकारियों द्वारा बार-बार यह दबाव डाला गया कि वे अपनी शिकायत वापस ले लें और प्राचार्य के साथ राजीनामा/समझौता कर लें।
विभागीय अधिकारियों के इस उदासीन और असहयोगी रवैये के कारण पीड़िता को न्याय की उम्मीद खत्म होती दिखी, जिसके बाद उन्होंने पुलिस की शरण ली।
आरोपी प्राचार्य का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड – मामले के सामने आने के बाद प्राचार्य के पूर्व आचरण को लेकर भी कई बातें उजागर हुई हैं।
- स्थानीय सूत्रों और प्राथमिक जानकारियों के अनुसार, आरोपी प्राचार्य के खिलाफ पूर्व में भी मारपीट और अभद्रता के एक मामले में प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज हो चुकी है।
- पूर्व में आपराधिक मामला दर्ज होने के बावजूद प्रशासनिक स्तर पर कड़ी कार्रवाई न होना और अब महिला सहकर्मी के उत्पीड़न के मामले को दबाने की कोशिश करना, शिक्षा विभाग के प्रशासनिक नियंत्रण पर कई सवाल खड़े करता है।
पुलिस की कार्रवाई और वर्तमान स्थिति : बसंतपुर थाना पुलिस ने पीड़िता की लिखित शिकायत प्राप्त होने के बाद मामले को गंभीरता से लिया है :
- जांच प्रक्रिया : पुलिस ने शिकायत पत्र के आधार पर प्राथमिक जांच (Preliminary Enquiry) शुरू कर दी है। इसके तहत विद्यालय के अन्य कर्मचारियों, चश्मदीदों और घटनाक्रम से जुड़े साक्ष्यों का परीक्षण किया जा रहा है।
- पुलिस का वक्तव्य : पुलिस अधिकारियों का कहना है कि महिला द्वारा लगाए गए सभी आरोपों और प्रस्तुत दस्तावेजों की गहनता से जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य और साक्ष्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आरोपी के खिलाफ वैधानिक एवं कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय प्रतिक्रिया : शिक्षा के मंदिर कहे जाने वाले विद्यालय में इस प्रकार की घटना सामने आने से बसंतपुर सहित पूरे बलरामपुर जिले में काफी आक्रोश है। स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और दोषी प्राचार्य के साथ-साथ मामला दबाने का प्रयास करने वाले विभागीय अधिकारियों पर भी सख्त कार्रवाई की जाए।




