रायगढ़

सत्ता के साये में ‘जंगलराज’ : वीवीआईपी सुरक्षा घेरे के बीच नाबालिग से दरिंदगी, सिस्टम की संवेदनहीनता पर उठे गंभीर सवाल…

रायगढ़। रायगढ़ के पॉश और अति-सुरक्षित माने जाने वाले इलाके में हुई एक हृदयविदारक घटना ने स्थानीय प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। मंत्री ओ.पी. चौधरी के सरकारी आवास, पुलिस अधीक्षक (एसपी) के बंगले और महिला थाने के बेहद करीब स्थित एक खंडहरनुमा सरकारी भवन में एक नाबालिग बच्ची के साथ जघन्य दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया गया है।

सुरक्षा के दावों की खुली पोल – यह घटना उस इलाके में घटी है जिसे शहर का सबसे ‘वीवीआईपी’ क्षेत्र माना जाता है। जहाँ चौबीसों घंटे पुलिस का पहरा और सुरक्षा गार्ड तैनात रहते हैं, वहीं एक बेबस बच्ची के साथ हुई दरिंदगी इस बात का प्रमाण है कि सुरक्षा व्यवस्था केवल कागजों तक सीमित है। यह भवन, जो कांग्रेस शासनकाल में बना था, अब देखरेख के अभाव में खंडहर और कबाड़खाना बन चुका है और असामाजिक तत्वों के लिए सुरक्षित पनाहगाह बन गया है।

घटना का भयावह विवरण

  • पीड़ित परिवार की मजबूरी : पीड़ित परिवार अत्यंत गरीब है और शहर में भीख मांगकर अपना जीवन यापन करता है। इसी लाचारी के कारण उन्हें रात बिताने के लिए उस खंडहर का सहारा लेना पड़ा।
  • दरिंदगी का मंजर : नौ तारीख की रात, जब पूरा परिवार सो रहा था, तब एक आरोपी ने इस क्रूर घटना को अंजाम दिया। यह तथ्य और भी चिंताजनक है कि आरोपी खुद अपनी पत्नी और बच्ची के साथ उसी स्थान पर मौजूद था।
  • प्रशासनिक लापरवाही : घटना के दौरान हुई चीख-पुकार पर वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों ने कोई ध्यान नहीं दिया। उनका तर्क था कि उस खंडहर में अक्सर पारिवारिक विवाद और शोर-शराबा होता रहता है, जिसे उन्होंने सामान्य झगड़ा समझकर नजरअंदाज कर दिया।

जनता का आक्रोश और कार्रवाई -पुलिस और प्रशासन की इस घोर संवेदनहीनता के खिलाफ स्थानीय मोहल्ले के जागरूक और आक्रोशित नागरिकों ने खुद मोर्चा संभाला। निवासियों ने ही दरिंदे को रंगे हाथों दबोचा और उसे पुलिस के हवाले किया।

सिस्टम पर उठते सवाल – ​इस घटना ने ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ जैसे सरकारी नारों की जमीनी हकीकत को आईना दिखा दिया है। एक ऐसे क्षेत्र में, जहां प्रशासन के आला अधिकारी निवास करते हैं, वहां एक नाबालिग बच्ची का असुरक्षित होना यह दर्शाता है कि कानून-व्यवस्था का खौफ अपराधियों के मन से पूरी तरह खत्म हो चुका है।

Admin : RM24

Investigative Journalist & RTI Activist

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