कानून को ठेंगा दिखा रहा दिव्यांग सटोरिया, क्या नए थाना प्रभारी लगा पाएंगे लगाम?

फिरोज अहमद खान (पत्रकार)
बालोद। जिला बालोद के दल्ली राजहरा थाना अंतर्गत आने वाला गांधी चौक इन दिनों एक बार फिर सुर्खियों में है। वजह कोई विकास कार्य या जनहित का मुद्दा नहीं, बल्कि खुलेआम फल-फूल रहा अवैध सट्टे का कारोबार है। इस पूरे काले साम्राज्य की कमान ‘खिलावन’ नाम के एक दिव्यांग व्यक्ति के हाथों में है, जो कानून और प्रशासन की नाक के नीचे बड़ी ही धमक और शान के साथ इस अवैधानिक धंधे को संचालित कर छत्तीसगढ़ पुलिस को ठेंगा दिखा रहा है। स्थानीय मीडिया, समाचार पत्रों और न्यूज़ चैनलों में लगातार इस अवैध गतिविधि के खिलाफ खबरें प्रकाशित और प्रसारित हो रही हैं, लेकिन विडंबना देखिए कि बालोद पुलिस की पलटन अब तक इस दिशा में एक ठोस कदम आगे बढ़ाने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई है।

इस पूरे मामले में सबसे हैरान करने वाली भूमिका वार्ड क्रमांक 20 के कांग्रेस पार्षद रोशन पटेल की सामने आ रही है। गांधी चौक में पैर पसार चुके इस सट्टे के अवैध कारोबार पर जनप्रतिनिधि ने पूरी तरह से चुप्पी साध रखी है। स्थिति तब और ज्यादा संदेहास्पद हो जाती है जब इस संवेदनशील मुद्दे पर जानकारी लेने या उनका पक्ष जानने के लिए उनसे संपर्क करने की कोशिश की जाती है; पार्षद महोदय फोन उठाना भी मुनासिब नहीं समझते। जनप्रतिनिधि का यह ‘नो रिस्पांस’ रवैया अब खुद वार्डवासियों के गले नहीं उतर रहा है और स्थानीय जनता के बीच कई तरह के गंभीर सवाल तैर रहे हैं। वही पुलिस से नाराज वार्ड के कुछ लोगों का अंदेशा है कि थाना प्रभारी, खिलावन को केवल समझाइश देकर ही छोड़ देंगे?
थाना प्रभारी आए और गए, पर खिलावन को नहीं करवा पाए “हवालात की सैर”
इतिहास गवाह है कि दल्ली राजहरा शहर में कई थाना प्रभारी आए और अपनी सेवा देकर चले गए, लेकिन गांधी चौक के इस चक्रव्यूह को कोई भेद नहीं पाया। सट्टे की इस अवैध दुकान को बंद करवाकर मुख्य आरोपी खिलावन साहू को हवालात की सैर कराने का माद्दा अब तक कोई नहीं दिखा सका। हालांकि, अब शहर की कमान नए और अपनी दबंग छवि के लिए मशहूर कद्दावर थाना प्रभारी अविनाश सिंह के हाथों में है। कार्यभार संभालते ही थाना प्रभारी अविनाश सिंह ने लगातार अवैध कारोबारियों की कमर तोड़नी शुरू कर दी है, जिससे अपराधियों में हड़कंप मचा हुआ है।

थाना प्रभारी की इसी बेबाक और सख्त कार्यशैली को देखते हुए वार्ड 20 के सटोरिए से त्रस्त वार्डवासी उम्मीद भरी नजरों से उनकी ओर देख रहे हैं। स्थानीय लोगों के बीच अब यह दिली तमन्ना बन चुकी है कि नए साहब इस बार सट्टे के इस सिंडिकेट पर पूरी तरह से लगाम कसेंगे। जनता चाहती है कि कानून का ऐसा डंडा चले कि आरोपी खिलावन को सीधे उस ‘सरकारी सुविधा से लैस विशालकाय भवन’ (जेल) में दाखिल कराया जाए, जहां उनकी सुरक्षा के लिए चप्पे-चप्पे पर अत्याधुनिक बंदूकों से लैस सुरक्षा प्रहरी तैनात रहते हैं।
गांधी चौक को इस सामाजिक बुराई से मुक्त कराने की यह दिली तमन्ना अब राजहरा थाना प्रभारी अविनाश सिंह के ही हाथों में है। यदि इस बार इस अवैध नेटवर्क को ध्वस्त कर एक बड़ी कार्यवाही की प्रेस विज्ञप्ति जारी होती है, तो निश्चित रूप से दुर्ग रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) अभिषेक शांडिल्य और बालोद के पुलिस अधीक्षक (एसपी) योगेश कुमार पटेल का नाम जिले के इतिहास में सुनहरे अक्षरों में दर्ज किया जाएगा। अब देखना बेहद दिलचस्प होगा कि दबंग पुलिसिया थाना प्रभारी कब तक राजहरा स्थित गांधी चौक के ‘सट्टे के खेले’ का अंत करते है?




