जशपुर में इंसानियत शर्मसार : मानसिक रूप से कमजोर युवती को हवस का शिकार बनाने वाला दरिंदा गिरफ्तार…

- घर के आंगन से उठाकर ले गया आरोपी, बहन ने खांसने की आवाज सुनी तो रंगे हाथों पकड़ाया; जशपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर आरोपी को भेजा सलाखों के पीछे।…
जशपुर। जिले के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र में एक ऐसी वारदात सामने आई है, जिसने समाज और इंसानियत दोनों को शर्मसार कर दिया है। एक 41 वर्षीय शख्स ने अपनी हवस मिटाने के लिए 32 वर्षीय उस युवती को अपना शिकार बनाया, जिसकी मानसिक हालत पिछले 15-16 सालों से ठीक नहीं है। हालांकि, जशपुर पुलिस ने मामले में बेहद संवेदनशीलता और तत्परता दिखाते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर जेल की सलाखों के पीछे धकेल दिया है।
रूह कंपा देने वाली वारदात : कैसे दिया घटना को अंजाम? – पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पीड़िता अपने पिता और छोटी बहन के साथ रहती है। उसकी दिमागी हालत ठीक नहीं है और वह अक्सर चुपचाप ही रहती है।
- 21 मई 2026 की शाम : शाम करीब 6:00 बजे पीड़िता अपने घर के आंगन में बैठी थी।
- लापता होने पर मची हड़कंप : शाम 7:00 बजे जब उसकी छोटी बहन (प्रार्थिया) उसे खाना खिलाने के लिए आंगन में बुलाने गई, तो पीड़िता वहां से गायब थी। परिजनों ने घबराकर गांव में उसकी तलाश शुरू की।
- खांसने की आवाज से खुला राज : खोजबीन करते हुए रात करीब 7:30 बजे परिजन जब गांव के ही संतोष राम के घर के पास से गुजर रहे थे, तभी उन्हें पीड़िता के खांसने की आवाज आई।
- रंगे हाथों पकड़ाया आरोपी : परिजन जब संतोष राम के घर के अंदर घुसे, तो उनके होश उड़ गए। आरोपी संतोष राम उनकी मानसिक रूप से कमजोर बहन के साथ आपत्तिजनक हालत में था। परिजनों को देखते ही वह दरिंदा मौके से फरार हो गया, जिसके बाद परिजन पीड़िता को सुरक्षित घर लेकर आए।
पुलिस का एक्शन : 24 घंटे के भीतर दबोचा गया आरोपी – मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़िता की छोटी बहन ने 23 मई को सिटी कोतवाली जशपुर में मामले की शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर तुरंत एक्शन लिया:
- दर्ज धाराएं : BNS की धारा 64 (2)(k) और 87 के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज।
- गिरफ्तारी : थाना प्रभारी निरीक्षक मोर ध्वज देशमुख के नेतृत्व में पुलिस टीम ने दबिश देकर आरोपी संतोष राम (41 वर्ष) को उसके घर से ही धर दबोचा।
- कबूलनामा और जेल : पुलिस की कड़ी पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पर्याप्त सबूतों के आधार पर उसे 24 मई 2026 को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
इस त्वरित कार्रवाई में महिला प्रधान आरक्षक सावित्री भगत, आरक्षक राजकेश्वर सिंह, उपेंद्र सिंह, नगर सैनिक रवि डनसेना और थानेश्वर देशमुख की अहम भूमिका रही।
“महिलाओं के खिलाफ अपराध बर्दाश्त नहीं” – डीआईजी : इस जघन्य अपराध पर कड़ा रुख अख्तियार करते हुए डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर, डॉ. लाल उमेद सिंह ने स्पष्ट संदेश दिया है। उन्होंने कहा:
“जशपुर पुलिस महिलाओं से संबंधित अपराधों को लेकर अत्यंत संवेदनशील है। एक मानसिक रूप से कमजोर पीड़िता के साथ ऐसा घिनौना कृत्य करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। ऐसे अपराधों में संलिप्त किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”




