दल्ली राजहरा न्यायालय में विशेष लोक अदालत का आयोजन : आपसी समझौते से सुलझे 4 मामले, ₹7.88 लाख का भुगतान

फिरोज अहमद खान (पत्रकार)
बालोद। विवादों के त्वरित और सौहार्दपूर्ण समाधान के उद्देश्य से शनिवार को बालोद जिले के दल्ली राजहरा स्थित व्यवहार न्यायालय (खंडपीठ क्रमांक-07) में एक विशेष लोक अदालत का सफल आयोजन किया गया। इस अदालत का मुख्य केंद्र बिंदु परक्राम्य लिखत अधिनियम (नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट), 1881 की धारा 138 के तहत लंबित चेक बाउंस के मामलों का निपटारा करना था।
इस विशेष न्यायिक अभियान के दौरान कुल 8 महत्वपूर्ण प्रकरणों को विचारार्थ पटल पर रखा गया। दोनों पक्षों को सुनने और गहन विचार-विमर्श के बाद, आपसी राजीनामे एवं सुलह की नीति अपनाते हुए 4 जटिल मामलों का मौके पर ही सफलतापूर्वक निराकरण कर दिया गया। इन सुलझे हुए मामलों के माध्यम से अनादरित चेक से जुड़ी कुल 7 लाख 88 हजार 506 रुपये की बड़ी धनराशि का पक्षकारों के मध्य सुरक्षित भुगतान सुनिश्चित कराया गया।

इस विशेष लोक अदालत की पीठ का नेतृत्व पीठासीन अधिकारी श्रीमती श्रद्धा सिंह श्रीवास्तव (विशेष न्यायाधीश, दल्ली राजहरा) ने किया, जबकि सदस्य के रूप में वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश द्विवेदी एवं मनोज प्रताप सिंह ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। न्यायालय प्रशासन ने इस अवसर पर कहा कि लोक अदालत के माध्यम से विवादों का आपसी सहमति से त्वरित एवं सौहार्दपूर्ण समाधान संभव हो पा रहा है। इससे पक्षकारों को न केवल शीघ्र न्याय मिल रहा है, बल्कि उनके कीमती समय और धन की भी बड़ी बचत हो रही है।
इस विधिक आयोजन को पूरी तरह सफल बनाने में अधिवक्ता पवन कुमार गोयल, जगेन्द्र भारद्वाज, लोकेन्द्र भुआर्य, सुनील नंदी एवं हिंमानी पाण्डेय ने अपनी सक्रिय सहभागिता निभाई। इसके साथ ही न्यायालयीन स्टाफ से मनीष कुमार दर्रो, राजपाल साहू, खेमराज साहू, मणिशंकर देशमुख, श्रीमती कमलेश्वरी गांवरे तथा हरिश सोनकर का प्रबंधकीय सहयोग काफी सराहनीय रहा। अदालत की इस त्वरित पहल से प्रभावित होकर दोनों पक्षों ने राहत की सांस ली और न्यायिक व्यवस्था के प्रति आभार जताया।




