BIG BREAKING: स्कूल में ‘ड्रग्स’ का खूनी खेल! 8 छात्र क्लासरूम में हुए बेसुध , ICU में तड़प रही है एक मासूम जिंदगी!…

दुर्ग। पंचशील नगर का शनिवार को शासकीय चंद्रशेखर आजाद उच्चतर माध्यमिक विद्यालय उस समय एक श्मशान जैसी खामोशी में डूब गया, जब स्कूल की एक क्लास से चीखने-चिल्लाने की आवाजें आने लगीं। क्लासरूम के भीतर का नजारा देखकर शिक्षकों के पैरों तले से जमीन खिसक गई – 8 छात्र फर्श पर बेसुध पड़े तड़प रहे थे। नशे की किसी प्रतिबंधित दवा के ओवरडोज ने हंसते-खेलते बच्चों को मौत के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया है।
सभी को आनन-फानन में अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया है। इनमें से छात्र की हालत अत्यंत गंभीर बनी हुई है, जो इस समय आईसीयू (ICU) में वेंटिलेटर पर जिंदगी की भीख मांग रहा है।
रक्षक बना भक्षक : क्लासमेट ने ही परोसी ‘मौत की पुड़िया’! – इस पूरे कांड का सबसे घिनौना और रोंगटे खड़े कर देने वाला सच यह है कि इन मासूमों की रगों में जहर घोलने वाला कोई बाहरी अपराधी या पेडलर नहीं है। यह खौफनाक काम उन्हीं के साथ बेंच साझा करने वाले एक सहपाठी ने किया है। उसी छात्र ने जेब से निकालकर ये नशीली गोलियां बच्चों को दी थीं। दवा गले से नीचे उतरते ही बच्चों का दिमाग और शरीर सुन्न हो गया और वे एक-एक कर जमीन पर गिर पड़े।
कोतवाली थाने पर महा-हंगामा : आक्रोशित परिजनों ने घेरा सिस्टम! – घटना की खबर मिलते ही पीड़ित परिवारों के पैरों तले जमीन खिसक गई। बदहवास और गुस्से से लाल परिजनों ने कोतवाली थाने का घेराव कर दिया। थाने के बाहर चीख-पुकार और भारी आक्रोश का माहौल है। परिजनों का साफ कहना है कि “आज हमारे बच्चे स्कूल पढ़ने गए थे, नशा करने नहीं!” उन्होंने दोषी छात्र और उसे यह जहर सप्लाई करने वाले मास्टरमाइंड के खिलाफ सख्त से सख्त धाराओं में कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस की रडार पर 3 सबसे बड़े और कड़वे सवाल : कोतवाली पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर बेहद आक्रामक रुख अपना लिया है। पुलिस अब इन तीन कड़ियों को जोड़ने में जुटी है :
- आखिर वह कौन सा घातक केमिकल था, जिसने चंद मिनटों में बच्चों को आईसीयू पहुंचा दिया?
- एक नाबालिग छात्र के पास यह प्रतिबंधित और नशीली दवा कहां से आई? इसके पीछे कौन सा बड़ा रैकेट है?
- क्या शहर के मेडिकल स्टोर चंद रुपयों के लालच में बच्चों को बिना पर्चे के ‘मौत का सामान’ बेच रहे हैं?




