कर्ज या खौफ? कारोबारी ने पत्नी और 3 बच्चों को जहर देकर खुद लगाई फांसी!… जांच में जुटी पुलिस…

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के टिकरापारा थाना क्षेत्र (संजय नगर) से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है। एक पुरानी बैटरी कारोबारी ने खौफनाक कदम उठाते हुए पहले अपनी पत्नी और तीन जवान बच्चों को खाने में जहर देकर सुलाया और फिर खुद फंदे पर झूल गया। एक ही झटके में हंसता-खेलता पांच जिंदगियों का पूरा परिवार खत्म हो गया। शुक्रवार रात जब बंद मकान से सड़न की बदबू उठी, तब इस रूह कंपा देने वाले नरसंहार का खुलासा हुआ।
क्राइम सीन : अंदर बिखरी थीं लाशें, मुंह से निकल रहा था झाग – गुरुवार शाम से ही संजय नगर स्थित सय्यद उमेर अली के किराए के मकान में सन्नाटा पसरा था। शुक्रवार रात करीब 10 बजे जब पड़ोसियों को असहनीय बदबू आई, तो पुलिस को इत्तला दी गई। टिकरापारा पुलिस ने जब दरवाजा तोड़ा, तो अंदर का मंजर देखकर अनुभवी पुलिसकर्मियों के भी पैर उखड़ गए:
- सय्यद शाहिद उर्फ सज्जू (45 वर्ष) : कमरे में फंदे से लटकता मिला।
- राबिया (पत्नी), इरशाद (19 वर्ष, बेटा), शाहिदा (17 वर्ष, बेटी), इरशाबा (16 वर्ष, बेटी) : चारों के शव जमीन पर बेतरतीब पड़े थे, मुंह से झाग निकल चुका था।
- बरामदगी : घटनास्थल से पुलिस को खाने के बर्तन और एक कीटनाशक (जहर) का डिब्बा मिला है, जो इस सामूहिक हत्याकांड की गवाही दे रहा है।
वो ‘चार मिस्ट्री मैन’ कौन थे? जांच के 3 बड़े बिंदु – मूल रूप से बिहार का रहने वाला यह परिवार पिछले 8 महीनों से यहाँ रह रहा था। पुलिस इस सामूहिक आत्महत्या/हत्या के पीछे के असली ‘ट्रिगर’ को तलाश रही है। जांच की सुई इन तीन बड़े बिंदुओं पर टिकी है:
- रहस्यमयी युवक : स्थानीय लोगों ने चौंकाने वाला खुलासा किया है कि पिछले 4-5 दिनों से 3 से 4 अज्ञात युवक लगातार शाहिद के घर आ रहे थे। वे हर बार 10-15 मिनट रुकते और चले जाते। क्या शाहिद को धमकाया जा रहा था?
- कर्ज और आर्थिक तंगी : शाहिद पुरानी बैटरियों का काम करता था। पुलिस उसके बैंक लेन-देन, व्यापारिक घाटे और कर्ज के दलदल की बारीकी से पड़ताल कर रही है।
- कॉल डिटेल्स (CDR) : पुलिस ने शाहिद और उसके बेटे इरशाद के मोबाइल जब्त कर लिए हैं। आखिरी 48 घंटों में किससे क्या बात हुई, इसके जरिए मुख्य आरोपियों तक पहुँचने की कोशिश जारी है।
वीआईपी कनेक्शन और फॉरेंसिक जांच – जिस मकान में यह खौफनाक वारदात हुई, उसके मकान मालिक सय्यद उमेर अली रायपुर के पूर्व महापौर एजाज ढेबर के निजी सचिव रह चुके हैं, जिससे मामला और संवेदनशील हो गया है। पुलिस ने देर रात ही साक्ष्य जुटाकर मकान को सील कर दिया है।
पुलिस का बयान : “शुरुआती जांच में मामला जहर देकर आत्महत्या का लग रहा है। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवा दिया गया है। फॉरेंसिक रिपोर्ट और संदिग्ध युवकों की पहचान के बाद ही मौत की असली वजह साफ हो पाएगी। हर एंगल से तफ्तीश जारी है।”
एक झटके में पूरे परिवार का इस तरह मिट जाना पूरे रायपुर को सन्न कर गया है। आखिर उन बंद दीवारों के पीछे ऐसा क्या खौफ था, जिसने एक पिता को ही अपने बच्चों का कातिल बना दिया? जवाब अब पुलिस की फाइलों और उन 4 संदिग्ध युवकों की तलाश में छिपा है।




