मौत का कॉन्ट्रैक्ट : बिना सुरक्षा किट हाईटेंशन लाइन के नीचे झोंक दिए कर्मचारी, दो की तड़पकर मौत, कंपनी मालिक पर FIR

रायपुर। राजधानी का पॉश इलाका प्रोफेसर कॉलोनी शनिवार को उस वक्त चीखों और मातम से दहल उठा, जब नरेंद्र कुमार वर्मा के मकान की छत पर सोलर पैनल लगा रहे दो युवकों की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई। यह हादसा नहीं, बल्कि सीधे-सीधे लापरवाही की पराकाष्ठा है, जहां चंद रुपयों के मुनाफे के लिए इंसानी जिंदगियों को मौत के मुंह में धकेल दिया गया। पुलिस ने इस मामले में ‘KY एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड’ के संचालक कमलेश कुमार सेन के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या और लापरवाही का संगीन मामला दर्ज कर लिया है।

मौत की छत : न हेलमेट, न ग्लव्स… बस सीधे करंट का जाल – जांच में जो सच सामने आया है, वह रोंगटे खड़े कर देने वाला है। मकान मालिक नरेंद्र कुमार वर्मा ने सोलर पैनल लगाने का एमओयू (MOU) ‘KY एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड’ के साथ किया था। 4 जुलाई को कंपनी के डायरेक्टर कमलेश कुमार सेन ने अपने तीन कर्मचारियों – संजीव साहू, प्रमोद चंद्राकर और आशीष कुमार चंद्राकर – को प्रोफेसर कॉलोनी भेजा।
छत के ठीक ऊपर से जानलेवा हाईटेंशन लाइन गुजर रही थी, लेकिन संचालक कमलेश सेन ने अपने कर्मचारियों को सुरक्षा की basic किट (इंसुलेटेड ग्लव्स, सेफ्टी शूज या हेलमेट) तक मुहैया नहीं कराई। जैसे ही प्रमोद और आशीष ने लोहे या एल्युमिनियम के फ्रेम वाले भारी-भरकम सोलर पैनल को उठाया, वह ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन से टच हो गया। पलक झपकते ही दोनों के शरीर में हजारों वोल्ट का करंट दौड़ गया और मौके पर ही उनकी दर्दनाक मौत हो गई।
चश्मदीद की शिकायत पर एक्शन, सलाखों के पीछे जाएगा डायरेक्टर – इस भयानक मंजर को अपनी आंखों से देखने वाले तीसरे कर्मचारी संजीव साहू की शिकायत पर पुरानी बस्ती थाना पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया है। संजीव की गवाही ने कंपनी की पोल खोल कर रख दी है कि कैसे डायरेक्टर बिना सुरक्षा इंतजामों के उनसे मजदूरी करा रहा था।
थाना प्रभारी विनय सिंह का बयान : “शनिवार दोपहर सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी थी। शुरुआती जांच में साफ है कि हादसा सुरक्षा उपकरण न होने की वजह से हुआ। KY एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड के संचालक कमलेश कुमार सेन के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। कानूनन सख्त कार्रवाई की जा रही है, किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।”
बड़ा सवाल : आखिर कब तक पैसों के लिए दांव पर लगेंगी जानें? – यह घटना रायपुर के व्यापारिक जगत और उन कंपनियों के मुंह पर तमाचा है जो लेबर सेफ्टी रूल्स की धज्जियां उड़ाती हैं। हाईटेंशन लाइन के पास काम करवाते समय शटडाउन (बिजली बंद) क्यों नहीं लिया गया? कर्मचारियों को जान हथेली पर रखकर छत पर क्यों भेजा गया? फिलहाल पुलिस इस पूरे नेक्सस की जांच कर रही है और आरोपी डायरेक्टर कमलेश सेन की गिरफ्तारी की तैयारी में है।




