भिलाई में साइबर ठगों का खौफनाक जाल : 60 रुपये के पेमेंट ने खोला 2.61 लाख की महाठगी का राज!…

दुर्ग। सिर्फ 60 रुपये के एक छोटे से यूपीआई (UPI) पेमेंट ने भिलाई के एक शख्स के पैरों तले जमीन खिसका दी। जब तक पीड़ित को भनक लगती, शातिर हैकर्स ने बिना कोई ओटीपी (OTP) मांगे उसके बैंक खाते में सेंधमारी कर 2 लाख 61 हजार 825 रुपये पार कर दिए।
मामले की चौंकाने वाली मुख्य बातें :
- शिकार: राजेश विश्वकर्मा (46 वर्ष), निवासी बैकुंठ नगर कैंप-2।
- ठगी की रकम: कुल ₹2,61,825 की अवैध निकासी।
- वारदात का समय: 14 मई से 18 मई के बीच (4 दिनों तक लगातार कटते रहे पैसे)।
- बैंक: बैंक ऑफ बड़ौदा।
कैसे हुआ इस बड़ी ठगी का पर्दाफाश? – यह कोई फिल्मी कहानी नहीं, बल्कि डिजिटल युग की खौफनाक सच्चाई है। 18 मई की शाम करीब 7 बजे राजेश पावर हाउस स्थित एक होटल में गए थे। वहां उन्होंने यूपीआई के जरिए मात्र 60 रुपये का भुगतान किया।
भुगतान सफल होने के बाद जब उनकी नजर स्क्रीन पर बचे हुए बैलेंस पर पड़ी, तो उनके होश उड़ गए। खाते में रकम बेहद कम थी! इसी घबराहट के बीच उनके मोबाइल पर एक और मैसेज चमका— ‘आपके खाते से 70 हजार रुपये कट गए हैं।’ इस एक मैसेज ने पूरी ठगी की पोल खोल दी। जब बैंक स्टेटमेंट खंगाला गया, तो पता चला कि अलग-अलग खातों में लगातार पैसे ट्रांसफर कर उनके अकाउंट को पूरी तरह साफ कर दिया गया है।
पुलिस एक्शन : साइबर सेल के रडार पर ठग – ठगी का अहसास होते ही पीड़ित ने तुरंत छावनी थाने में दौड़ लगाई। पुलिस ने भी मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे ‘डिजिटल सेंधमारी’ का बड़ा केस माना है और त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी है।
- FIR दर्ज : अज्ञात ठगों के खिलाफ नए कानून भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318 (4) के तहत धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
- डिजिटल ट्रेल की जांच : भिलाई पुलिस की साइबर सेल अब उन फर्जी यूपीआई आईडी, बैंक खातों और मोबाइल नंबरों की कुंडली खंगाल रही है, जिनमें यह खून-पसीने की कमाई ट्रांसफर की गई है।
आम जनता के लिए अलर्ट : भिलाई का यह मामला हर स्मार्टफोन यूजर के लिए एक बड़ी चेतावनी है। साइबर अपराधी अब नए और खतरनाक तरीके अपना रहे हैं। अपने बैंक खाते का बैलेंस और ट्रांजेक्शन हिस्ट्री नियमित रूप से चेक करते रहें, ताकि किसी भी ‘डिजिटल डकैती’ का वक्त रहते पता चल सके।




