छत्तीसगढ़ के बालोद में दिल दहला देने वाली वारदात : महिला के अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म का मामला, जांच में जुटी पुलिस

फिरोज अहमद खान (पत्रकार)
बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले से एक बेहद दर्दनाक और संगीन मामला सामने आया है, जिसने इलाके में सनसनी फैला दी है। बालोद – दल्ली राजहरा मुख्य मार्ग पर स्थित पर्यावरण पार्क के पास एक महिला अचेत (बेहोश) अवस्था में बरामद की गई। राहगीरों और स्थानीय निवासियों की नज़र जब उस पर पड़ी, तो तुरंत इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने बिना देर किए महिला को तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया, जहाँ उसका उपचार जारी है।
12 घंटे तक बंधक बनाकर रखा, तीन संदिग्ध चालकों पर शक
प्रारंभिक जांच और पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पीड़िता पड़ोसी जिले कांकेर की रहने वाली है। बताया जा रहा है कि महिला की मानसिक स्थिति भी पूरी तरह से सामान्य नहीं है। अस्पताल में इलाज के दौरान जब पीड़िता को होश आया, तब उसने पुलिस के समक्ष अपना बयान दर्ज कराया।
अपने बयान में महिला ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि कुछ अज्ञात लोगों ने उसका अपहरण कर लिया था और उसे लगभग 12 घंटे तक अपने कब्जे में बंधक बनाकर रखा। इस दौरान उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप) की घिनौनी वारदात को अंजाम दिया गया। पीड़िता के बयान और अब तक मिले शुरुआती सुरागों के आधार पर अंदेशा जताया जा रहा है कि इस वारदात में तीन अज्ञात ट्रक चालक शामिल हो सकते हैं।
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पुलिस ने दर्ज की एफआईआर, स्पेशल टीम गठित
मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए बालोद पुलिस तुरंत हरकत में आ गई है। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अपहरण, सामूहिक दुष्कर्म और अन्य संबंधित आपराधिक धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
आरोपियों का सुराग लगाने के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि :
- सीसीटीवी फुटेज की जांच : घटना स्थल और आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की बारीक फुटेज खंगाली जा रही है।
- परिवहन और तकनीकी साक्ष्य : वारदात के समय बालोद – दल्लीराजहरा मार्ग से गुजरने वाले सभी ट्रकों की एंट्री और ट्रांसपोर्ट रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं।
- फॉरेंसिक जांच : पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया है और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की मदद से तकनीकी व वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
बालोद थाना प्रभारी शिशुपाल सिन्हा ने स्पष्ट किया है कि अभी तक किसी भी आरोपी की आधिकारिक पहचान या गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। उनका कहना है कि पीड़िता के बयान, चिकित्सीय रिपोर्ट और फॉरेंसिक साक्ष्यों का मिलान किया जा रहा है। जांच हर पहलू से बहुत बारीकी से आगे बढ़ाई जा रही है, ताकि असली दोषियों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजा जा सके और पीड़ित महिला को न्याय मिल सके।




