नीट पेपर लीक और विपक्ष के दमन के खिलाफ बालोद में गरजी कांग्रेस, बारिश में जलाया पीएम का पुतला
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर अड़ी बालोद कांग्रेस; राहुल - खड़गे की हिरासत के विरोध में जयस्तंभ चौक पर जबरदस्त प्रदर्शन

फिरोज अहमद खान (पत्रकार)
बालोद। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज के दिशा-निर्देशानुसार, नीट परीक्षा में हुई धांधली और युवाओं की आवाज उठाने वाले शीर्ष नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में बालोद जिला कांग्रेस कमेटी ने मोर्चा खोल दिया है। मूसलाधार बारिश के बावजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं का उत्साह कम नहीं हुआ और उन्होंने नगर के व्यस्ततम जयस्तंभ चौक पर केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान भाजपाइयों व केंद्र की नीतियों के विरोध में नारेबाजी करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका गया तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से तत्काल पद से इस्तीफा देने की मांग की गई।

लोकतंत्र में सवाल पूछना अपराध नहीं : विधायक कुंवर सिंह निषाद
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे गुंडरदेही के विधायक कुंवर सिंह निषाद ने केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा : “जब देश के करोड़ो छात्रों के भविष्य पर संकट मंडरा रहा हो, तब विपक्ष का कर्तव्य बनता है कि वह उनके हक के लिए आवाज उठाए। लेकिन केंद्र सरकार असहिष्णुता की सारी सीमाएं लांघ चुकी है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत वरिष्ठ सांसदों को हिरासत में लेना यह साबित करता है कि भाजपा सरकार जवाब देने के बजाय विपक्ष की आवाज को कुचलना चाहती है।”
उन्होंने आगे कहा कि नीट पेपर लीक की वजह से न केवल लाखों विद्यार्थियों की दिन-रात की मेहनत पानी में मिल गई है, बल्कि उनके परिवारों की उम्मीदों को भी गहरा झटका लगा है। सरकार अपनी प्रशासनिक विफलताओं को छुपाने के लिए दमनात्मक रास्ते पर चल रही है।

शिक्षा मंत्री तुरंत लें नैतिक जिम्मेदारी : संगीता सिन्हा
संजारी-बालोद की विधायक एवं महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष संगीता सिन्हा ने परीक्षा प्रणाली की साख पर उठे सवालों को लेकर केंद्र को घेरा। उन्होंने कहा कि देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं में से एक नीट में हुई धांधली ने पूरे भारत के छात्र समुदाय के भरोसे को तोड़कर रख दिया है।
उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि अगर शिक्षा व्यवस्था से देश के युवाओं का विश्वास उठ रहा है, तो इसकी सीधी नैतिक जिम्मेदारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को स्वीकार करनी चाहिए। नैतिक आधार पर उन्हें एक पल भी अपने पद पर बने रहने का हक नहीं है।

श्रीमती संगीता सिन्हा ने छात्रों पर हुए पुलिसिया बल प्रयोग की भी कड़े शब्दों में निंदा की :
- लाठीचार्ज का विरोध : अपने अधिकार और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे निहत्थे छात्रों पर पुलिस द्वारा लाठियां भांजना बेहद शर्मनाक है।
- दमन की राजनीति : युवाओं की न्यायसंगत मांग को डंडों और पुलिसिया दमन के बल पर दबाया नहीं जा सकता। लोकतंत्र में असहमति और विरोध के अधिकार को खत्म करने की कोशिश की जा रही है।
केंद्र सरकार के समक्ष खड़े किए गए 4 तीखे सवाल
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए चार प्रमुख बिंदु जनता के सामने रखे :
- जवाबदेही पर सवाल : नीट पेपर लीक मामले में मुख्य षड्यंत्रकारियों और दोषियों के खिलाफ अब तक ठोस कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
- बल प्रयोग का औचित्य : अपने हक की लड़ाई लड़ रहे निर्दोष छात्रों पर लाठीचार्ज करने का हुक्म आखिर किसने जारी किया?
- विपक्ष का दमन : छात्रों के समर्थन में संसद से सड़क तक आवाज बुलंद करने वाले जननेताओं को हिरासत में क्यों लिया गया?
- नैतिकता की कमी : क्या केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान देश के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ की जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देंगे?
युवाओं के भविष्य और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा तक जारी रहेगा संघर्ष
बालोद जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चंद्रेश हिरवानी ने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि आज भारत का युवा अपने सुनहरे भविष्य की रक्षा के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर है।

विरोध प्रदर्शन में प्रमुख रूप से पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष विकास चोपड़ा, जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष रामजी भाई पटेल, पुरुषोत्तम पटेल, महामंत्री धीरज उपाध्याय, सतीश यादव, शंभू साहू, पार्षद विनोद बंटी शर्मा, ब्लॉक अध्यक्ष अंचल प्रकाश साहू, नरेंद्र सिन्हा, जीवन बंदे, राजकुमार प्रभाकर, सुमित शर्मा, सुनील मालेकर, रीता सोनी, पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष अनिल यादव, कमलेश श्रीवास्तव, वैभव साहू, कमल टुवानी, रविप्रकाश यादव, भूपेश नायक, रोहित सागर, सागर साहू, प्रशांत बोकडे, साजन पटेल, शहर महिला कांग्रेस अध्यक्ष पद्मिनी साहू, चमेली साहू, प्रियंका चोपड़ा, विक्की तिगाला, वैभव शर्मा, सन्नी जायसवाल, अवधेश सिंग, मनोज ठाकुर, मनोज साहू, टोमन साहू, योगेंद्र साहू, लोकेश नेताम, पीयूष, इंद्रकुमार, पालसिंह, भोला विश्वकर्मा, कमलेश टांक, अमित यादव, लोकनाथ निषाद, प्रेम ग्वालवंशी, दुलार सिंह, प्रकाश कुमार, नोवेल दीप गंजीर, पुष्कर ठाकुर, विक्की पांडे, शिवकुमार, दीपक, संतु, दिनेश साहू और राजेंद्र सोनकुटिया सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन उपस्थित रहे।
कांग्रेस नेताओं ने एक स्वर में संकल्प दोहराया कि यह लड़ाई केवल एक परीक्षा के पर्चे तक सीमित नहीं है। यह लड़ाई देश की समूची शिक्षा प्रणाली की साख को बचाने, देश के युवाओं के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा करने और सत्ता के अहंकार को चकनाचूर करने की है। जब तक नीट परीक्षा में शामिल सभी प्रभावित छात्रों को न्याय नहीं मिल जाता, तब तक कांग्रेस पार्टी का यह जन-आंदोलन इसी तेवर के साथ जारी रहेगा।




