रायगढ़ में ‘कच्ची शराब’ का खूनी खेल : 17 साल के किशोर की बेरहमी से हत्या, सुनसान जंगल में पीपल के पेड़ के नीचे मिली लाश!…

रायगढ़। जिले का छाल थाना इलाका सोमवार की सुबह एक खौफनाक वारदात से दहल उठा। बरभौना और गुर्दा गांव के बीच एक सुनसान जंगल में 17 वर्षीय किशोर की लाश मिलने से सनसनी फैल गई है। मृतक के शरीर पर मिले अंदरूनी चोट के गहरे निशान चीख-चीख कर कत्ल की खौफनाक दास्तां बयां कर रहे हैं। इस वारदात ने इलाके में चल रहे अवैध कच्ची शराब के ‘मौत के सिंडिकेट’ की भी पोल खोल कर रख दी है।
पुलिस, FSL और डॉग स्क्वॉड की टीमें कातिलों की तलाश में जंगल का चप्पा-चप्पा छान रही हैं।
रात के अंधेरे में क्या हुआ शिव के साथ? – मृतक की शिनाख्त बरभौना निवासी शिव राठिया (17) के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक, शिव रविवार की शाम गांव के ही कुछ युवकों के साथ जंगल की ओर निकला था। रात भर इंतजार के बाद भी जब वह घर नहीं लौटा, तो परिजनों की सांसें अटक गईं। अनहोनी की आशंका के बीच सोमवार सुबह मनहूस खबर आई। बरभौना और गुर्दा गांव के बीच पीपल के पेड़ के नीचे शिव की लाश पड़ी मिली। शुरुआती जांच में ही पुलिस को किशोर के शरीर पर चोट के निशान मिले हैं, जिससे साफ है कि मौत से पहले उसके साथ बर्बरता की गई है।
कच्ची शराब के ‘काले कारोबार’ से जुड़े हैं हत्या के तार! – इस वारदात ने गांव के उस काले सच को उजागर कर दिया है, जिस पर अब तक पर्दा पड़ा था। ग्रामीणों की दबी जुबानें और पुलिस की शुरुआती तफ्तीश एक ही तरफ इशारा कर रही है – जंगल में धधकती अवैध शराब की भट्ठियां।
बताया जा रहा है कि बरभौना और आसपास के जंगलों में लंबे समय से अवैध महुआ और कच्ची शराब बनाने का सिंडिकेट सक्रिय है। रात के अंधेरे में गांव के कुछ लोग जंगल में जाकर यह काला कारोबार चलाते हैं। सनसनीखेज खुलासा यह है कि शिव भी रविवार की शाम ऐसे ही एक संदिग्ध समूह के साथ जंगल गया था।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है : आखिर उस रात जंगल में ऐसा क्या हुआ कि शिव को अपनी जान गंवानी पड़ी? क्या शराब के नशे में कोई खूनी संघर्ष हुआ? या शिव ने कोई ऐसा राज जान लिया था, जिसे छिपाने के लिए शराब माफियाओं ने उसे हमेशा के लिए खामोश कर दिया?
कातिलों की तलाश में उतरी खाकी – हत्या की भनक लगते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। छाल थाना पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाल लिया है। घटनास्थल की गंभीरता को देखते हुए फौरन फॉरेंसिक (FSL) टीम और डॉग स्क्वॉड को तलब किया गया। वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और खोजी कुत्ते जंगल में कातिलों के सुराग सूंघ रहे हैं।
पुलिस अब उन युवकों की कुंडली खंगाल रही है, जिनके साथ शिव आखिरी बार देखा गया था। खाकी के रडार पर अब गांव के वो सफेदपोश और गुर्गे भी हैं, जो जंगल में मौत की यह शराब उतारते हैं। इस खौफनाक मर्डर मिस्ट्री का सच जो भी हो, लेकिन इस वारदात ने इलाके की कानून-व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।




