तपकरा में आदिवासी युवक से बर्बरता : बाजार में निर्वस्त्र कर की मारपीट, ‘जातिगत गाली’ और ‘अपमान’ के बाद आरोपी फरार!…

जशपुर: छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले से एक बेहद शर्मनाक और सनसनीखेज मामला सामने आया है। सुंडरू ग्राम पंचायत के पूर्व उपसरपंच और वर्तमान पंच रवि नारायण यादव पर एक आदिवासी युवक को सरेआम बाजार में निर्वस्त्र करने, मारपीट करने और जातिसूचक गाली-गलौज करने का गंभीर आरोप लगा है। इस अमानवीय घटना के बाद से आरोपी अपने दो साथियों के साथ फरार है।

क्या है पूरा मामला? – मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित अनुरंजन मिंज (35), जो पोकपानी गांव का रहने वाला है, शुक्रवार 10 जुलाई को अपनी पत्नी और 4 साल की मासूम बच्ची के साथ सुंडरू साप्ताहिक बाजार गया था। वहां मछली खरीदने के दौरान, रवि नारायण यादव ने दुकान पर मौजूद होकर अकारण अनुरंजन से बदतमीजी की।
पीड़ित ने अपनी शिकायत में बताया है कि जब उसने मछली का रेट पूछा, तो रवि नारायण ने ₹400 किलो का रेट बताया। बात बढ़ने पर आरोपी ने अनुरंजन के जेब से मोबाइल छीना और सरेआम उसका पैंट-चड्ढा खींचकर उसे निर्वस्त्र कर दिया। जब पीड़ित ने विरोध किया, तो आरोपी ने मछली काटने के औजार से जान से मारने की धमकी दी।
बीच रास्ते में घेरा, पत्नी के सामने की अभद्रता – बदहवास हालत में पीड़ित जब अपने परिवार के साथ स्कूटी से घर लौट रहा था, तभी रवि नारायण के साथी मोहन यादव और शिवकुमार यादव ने बाइक से रास्ता रोका। स्कूटी की चाबी छीनकर फिर से जातिगत गालियां दीं और मारपीट की। इस दौरान मौके पर पहुंचे सरपंच (पीड़ित के भाई) के साथ भी आरोपी ने अभद्र भाषा का प्रयोग किया और धमकी दी कि “उरांव सरपंच की राजनीति उखाड़ फेंकेंगे।”
दबंगई के खिलाफ एकजुट हुआ समाज – आरोपी की दबंगई से डरकर पीड़ित परिवार तुरंत रिपोर्ट नहीं कर पाया था। बाद में समाज के लोगों ने एक बड़ी बैठक बुलाई, जिसके बाद सोमवार, 13 जुलाई को तपकरा थाने में आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई।
इन गंभीर धाराओं में मामला दर्ज – तपकरा पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (नृशंसता निवारण) अधिनियम की धाराओं सहित भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मामला पंजीबद्ध किया है:
- SC/ST एक्ट: 3(1)(द), 3(1)(ध), 3(2)(va)
- BNS धाराएं: 115(2), 126, 296, 3(5)
पुलिस की कार्रवाई और आरोपियों की तलाश – मामला दर्ज होते ही आरोपी रवि नारायण यादव, मोहन यादव और शिवकुमार यादव फरार हो गए हैं। पुलिस सरगर्मी से उनकी तलाश कर रही है। अब सवाल यह है कि अपनी दबंगई के दम पर समाज में आतंक फैलाने वाला यह आरोपी कब तक सलाखों के पीछे होगा। जशपुर पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए घेराबंदी तेज कर दी है।
यह मामला आदिवासी बहुल जशपुर में कानून-व्यवस्था की स्थिति और समाज के कमजोर वर्गों की सुरक्षा पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा करता है।




