पत्थलगांव में प्रधानमंत्री आवास योजना का अजीब खेल: पहले ‘घोटाले’ की शिकायत, फिर अचानक ‘सुलहनामा’, क्या सच दब गया?…

जशपुर।जिले के पत्थलगांव जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत पालीडीह में प्रधानमंत्री आवास योजना का एक मामला इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। सरकारी पैसे के बंदरबांट और फर्जीवाड़े के आरोपों के बीच अब ‘सुलह’ का एक नया मोड़ सामने आया है, जो कई सवाल खड़े कर रहा है।
क्या था पूरा मामला? – मिली जानकारी के अनुसार, श्रीमती असंती बाई (पिता अकबर साय) के नाम पर सत्र 2024-25 में प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत हुआ था। आरोप है कि रात्रिकानंद (पिता स्व. प्रह्लाद सिंह) ने मिलीभगत कर इस आवास की 1,20,000 रुपये की राशि को सुकांती (पिता जगनसाय) के खाते में ट्रांसफर करवा ली और खुद के लिए मकान बनवा लिया। इस मामले में असंती बाई ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) पत्थलगांव को लिखित शिकायत देकर ‘फर्जी तरीके’ से राशि आहरण करने का आरोप लगाया था।
अब अचानक सुलह का ड्राफ्ट – शिकायत के कुछ ही दिनों बाद, अब मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत पत्थलगांव को एक नया आवेदन सौंपा गया है। इसमें दावा किया गया है कि रात्रिकानंद ने अब ग्राम पंचायत के समक्ष आपसी सहमति का निवेदन किया था, जिसे स्वीकार कर लिया गया है। चौंकाने वाली बात यह है कि जिस मामले में पहले ‘फर्जीवाड़ा’ और ‘अपराध पंजीबद्ध’ होने की बात कही गई थी, अब वही पक्ष सुलहनामा देकर केस निरस्त करने की मांग कर रहा है।
उठ रहे गंभीर सवाल – ग्राम पंचायत में हुए इस ‘खेल’ पर ग्रामीण अब दबी जुबान से सवाल उठा रहे हैं :
- क्या सरकारी राशि का दुरुपयोग केवल आपसी सुलह से माफ किया जा सकता है?
- क्या दबाव में आकर शिकायत वापस ली गई या इसके पीछे कोई बड़ा सौदा हुआ?
- जिस मामले में कथित तौर पर FIR दर्ज होने वाली थी , क्या वह इतनी आसानी से वापस ली जा सकती है?
इस मामले में अब प्रशासन का रुख क्या होगा, यह देखना दिलचस्प होगा। क्या इस सुलहनामे के बाद जांच ठंडे बस्ते में चली जाएगी, या फिर प्रशासन इस पूरे घटनाक्रम की बारीकी से पड़ताल करेगा?
नोट: यह रिपोर्ट उपलब्ध दस्तावेजों (शिकायत पत्र और सुलहनामा) पर आधारित है।




