रायपुर

आर-पार की जंग : छत्तीसगढ़ के 17,000 NHM कर्मियों ने फूंका बिगुल, रायपुर में शक्ति प्रदर्शन की तैयारी…

यह रही आपकी प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित एक अत्यधिक धारदार और प्रभावशाली खबर। इसे समाचार पत्रों और डिजिटल पोर्टल्स की सुर्खियों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है:

रायपुर। छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ माने जाने वाले राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के कर्मचारियों ने अब अपनी लंबित मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। रविवार को राजधानी के आमापारा स्थित गुरु घासीदास प्लाजा में आयोजित प्रदेश स्तरीय बैठक में 500 से अधिक पदाधिकारियों ने हुंकार भरी। संघ ने स्पष्ट कर दिया है कि अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि अधिकार चाहिए।

महासम्मेलन से हिलेगी सत्ता – NHM कर्मचारी संघ ने निर्णय लिया है कि वे जल्द ही राजधानी रायपुर में एक ऐतिहासिक महासम्मेलन करेंगे। इसमें प्रदेश भर के 17,000 कर्मचारी अपने परिवारों के साथ शामिल होकर अपनी एकजुटता दिखाएंगे। इस आयोजन के जरिए सीधे मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री तक अपनी आवाज पहुंचाई जाएगी।

’21 साल का सेवाकाल, अब तो मिले हक का फल’ – संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि वर्ष 2005 से 2026 तक, यानी पिछले 21 वर्षों से वे प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को संभाले हुए हैं, लेकिन बदले में उन्हें केवल ‘प्रतीक्षा’ मिली है।

कर्मचारियों के 5 मुख्य ‘हथियार’ (प्रमुख मांगें) :

  • नियमितीकरण : संविदा के दंश से मुक्ति और नियमित सेवा।
  • ग्रेड पे : कार्य के अनुरूप उचित वेतनमान का निर्धारण।
  • सामाजिक सुरक्षा : अनुकंपा नियुक्ति और पारदर्शी स्थानांतरण नीति।
  • नई HR पॉलिसी : कर्मचारियों के हित में बेहतर मानव संसाधन नियमावली।
  • चिकित्सा सुविधा : स्वास्थ्य रक्षकों को स्वयं के लिए भी बेहतर स्वास्थ्य लाभ।

संगठन अब निर्णायक लड़ाई के मूड में है। हम स्वास्थ्य सेवाओं को अपनी मेहनत से सींचते हैं, लेकिन हमारी बुनियादी सुविधाओं पर चुप्पी साधी गई है। अब जल्द ही सरकार को पुनः ज्ञापन देकर आर-पार का फैसला मांगा जाएगा।” – सुश्री शकुंतला एक्का, जिलाध्यक्ष, रायगढ़

नेताओं की दहाड़ : “हम रीढ़ हैं, बोझ नहीं” – बैठक को संबोधित करते हुए लैलूंगा ब्लॉक अध्यक्ष जन्मजय सिदार और हलधर साहू ने तीखे स्वर में कहा कि NHM कर्मचारी राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं का आधार स्तंभ हैं। इसके बावजूद उन्हें उनकी मेहनत का वाजिब हक नहीं मिल रहा है।

इन दिग्गजों ने भरी हुंकार – बैठक में प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमित मिरी और महासचिव कौशलेश तिवारी के नेतृत्व में प्रदेश भर से आए पदाधिकारियों ने रणनीति तैयार की। इस दौरान हेमंत सिन्हा, डॉ. आरके दीक्षित, प्रफुल्ल पाल, श्याम मोहन दुबे सहित बड़ी संख्या में प्रदेश, जिला और ब्लॉक स्तर के नेता मौजूद रहे।

NHM कर्मचारियों का यह आक्रामक रुख आने वाले दिनों में सरकार की मुश्किलें बढ़ा सकता है। यदि महासम्मेलन से पहले कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं पर इसका व्यापक असर पड़ना तय है।

Ambika Sao

सह-संपादक : छत्तीसगढ़

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!