शराब, चखना और खूनी खेल: रायगढ़ में महज एक ‘आम’ के लिए दोस्तों ने ले ली 16 साल के किशोर की जान!…

- खरसिया पुलिस का सनसनीखेज खुलासा: हादसे का रूप देने के लिए बरगद के नीचे छिपाया था शव, 2 युवक और 1 नाबालिग हत्यारे गिरफ्तार…
रायगढ़। कहते हैं कि शराब के नशे में इंसान हैवान बन जाता है, और रायगढ़ के खरसिया में ठीक ऐसा ही हुआ। महज ‘चखने’ के लिए आम तोड़ने जैसी मामूली बात पर शुरू हुआ विवाद एक 16 वर्षीय किशोर की दर्दनाक मौत पर जाकर खत्म हुआ। खरसिया पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर इस अंधे कत्ल (Blind Murder) की गुत्थी को सुलझाते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) श्री शशि मोहन सिंह के सख्त निर्देशों के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्यारों को सलाखों के पीछे धकेल दिया है।
प्रमुख बिंदु :
- हत्या का कारण : शराब पार्टी के दौरान चखने के लिए आम तोड़ने की बात पर हुआ विवाद।
- साजिश : हत्या के बाद शव को बरगद के पेड़ के नीचे लिटाकर ‘हादसा’ साबित करने की कोशिश की गई।
- गिरफ्तारी : 2 बालिग आरोपी और 1 अपचारी बालक को न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया।
- कानूनी कार्रवाई: आरोपियों पर बीएनएस (BNS) की धारा 103(1), 238 और 3(5) के तहत मुकदमा दर्ज।
खौफनाक वारदात की ‘इनसाइड स्टोरी’ – पुलिस जांच में सामने आया है कि 24 मई 2026 की सुबह ग्राम बरभौना (थाना छाल) का रहने वाला ऋषि डनसेना 16 वर्षीय मृतक किशोर को अपनी पल्सर बाइक पर काम के बहाने ले गया था। बाद में उसने किशोर को अपने साथियों— चन्द्रशेखर उर्फ चंदा, रघुनाथ उर्फ रघु सिंह और एक नाबालिग के पास छोड़ दिया।
ग्राम गुरदा के डोगरमुड़ा खार स्थित खेत में चारों ने मिलकर शराब पार्टी की। इसी दौरान ‘चखना’ बनाने के लिए आम तोड़ने की बात उठी। बात इतनी बिगड़ी कि मृतक और चन्द्रशेखर के बीच हाथापाई शुरू हो गई। नशे में धुत्त तीनों आरोपियों ने किशोर पर घूंसे-मुक्कों की बरसात कर दी। बेरहमी से हुई इस पिटाई के दौरान किशोर खेत की मेड़ से फिसलकर तालाब की तरफ गिर गया और गंभीर चोटें आने से उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
ऐसे रची गई झूठ और फरेब की कहानी – हत्या के बाद हत्यारों के होश उड़ गए। खुद को कानून से बचाने के लिए उन्होंने एक खौफनाक साजिश रची। तीनों ने मिलकर मृतक के शव को उठाया और एक बरगद के पेड़ के नीचे सीधा (चित अवस्था में) लिटा दिया, ताकि पुलिस और घरवालों को लगे कि यह कोई दुर्घटना है। जब ऋषि डनसेना ने फोन पर मृतक के बारे में पूछा, तो आरोपियों ने बड़ी चालाकी से झूठ बोल दिया कि वह “खाना-पीना करके घर चला गया है।”
फोन कॉल और पीएम रिपोर्ट से खुला राज – 25 मई को जब पुलिस को बरगद के पेड़ के नीचे शव मिलने की सूचना मिली, तो एसडीओपी खरसिया प्रभात पटेल और थाना प्रभारी सीताराम ध्रुव एफएसएल (FSL) और डॉग स्क्वॉड टीम के साथ मौके पर पहुंचे। मृतक के सीने और आंखों पर चोट के गहरे निशान थे। शॉर्ट पोस्टमार्टम (PM) रिपोर्ट में जब ‘हत्या’ (Homicidal Death) की पुष्टि हुई, तो पुलिस एक्शन मोड में आ गई।
पुलिस ने जब ऋषि डनसेना से कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने बताया कि घटना वाले दिन फोन पर उसे झगड़े और चीखने-चिल्लाने की आवाजें आ रही थीं। इसी लीड के आधार पर पुलिस ने तीनों संदिग्धों को दबोच लिया और अलग-अलग पूछताछ में उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
सलाखों के पीछे पहुंचे हत्यारे – पुलिस ने घटना का रिकंस्ट्रक्शन कराया और वारदात के वक्त पहने गए कपड़े भी जब्त कर लिए हैं। इस जघन्य हत्याकांड में निम्नलिखित आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है:
- चन्द्रशेखर उर्फ चंदा डनसेना (22 वर्ष) – निवासी ग्राम बरभौना, थाना छाल, जिला रायगढ़।
- रघुसिंह उर्फ रघुनाथ राठिया (30 वर्ष) – निवासी बेहरामुड़ा, थाना छाल, जिला रायगढ़।
- एक विधि से संघर्षरत बालक (नाबालिग)।
SSP का अल्टीमेटम : “अपराध कर कानून से बचना नामुमकिन है” – मामले का खुलासा होने के बाद एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने जिले के अपराधियों को खुली चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा :
“हत्या, गंभीर अपराध और कानून व्यवस्था बिगाड़ने वाले तत्वों के खिलाफ रायगढ़ पुलिस की जीरो टॉलरेंस नीति है। अपराध कर साक्ष्य छिपाने की कोशिश करने वाले आरोपियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस हर गंभीर वारदात का त्वरित खुलासा कर आरोपियों को कानून के कठघरे तक पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।”




