सक्ती में ‘जल-जंगल-जमीन’ की लड़ाई होगी तेज़ : गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने फूंका बिगुल, 2 मार्च को प्रदेश स्तरीय महाबैठक…

सक्ती। जिले में आदिवासियों के संवैधानिक अधिकारों और ‘जल-जंगल-जमीन’ की रक्षा को लेकर चल रहा आंदोलन अब एक बड़े सियासी और सामाजिक संग्राम का रूप लेने जा रहा है। गोंडवाना गणतंत्र पार्टी (GGP) ने क्षेत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार और प्रशासन के अड़ियल रवैये के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का एलान कर दिया है।
पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष राम अधीन पोया द्वारा जारी एक आधिकारिक पत्र के अनुसार, आगामी 2 मार्च 2026 को सक्ती जिले में एक महत्वपूर्ण प्रदेश स्तरीय समीक्षा बैठक बुलाई गई है। इस बैठक की अध्यक्षता खुद प्रदेश अध्यक्ष इंजीनियर संजय सिंह कमरो करेंगे।

प्रशासन के ‘दमन’ के खिलाफ एकजुटता की तैयारी – पिछले कुछ समय से सक्ती जिले में स्थानीय मुद्दों और भ्रष्टाचार को लेकर जनता सड़कों पर है। पार्टी का आरोप है कि प्रशासन जनहित के मुद्दों को हल करने के बजाय आंदोलनकारियों की आवाज दबाने की कोशिश कर रहा है। हाल ही में आंदोलनकारियों के विरुद्ध की गई प्रशासनिक कार्रवाइयों ने आग में घी डालने का काम किया है।
पार्टी सूत्रों का कहना है कि प्रशासन के “ढुलमुल रवैये” और “दमनकारी नीति” को देखते हुए अब इस आंदोलन को केवल जिला स्तर तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसे पूरे प्रदेश में फैलाया जाएगा।
बैठक के 3 मुख्य एजेंडे : जो सरकार की मुश्किलें बढ़ा सकते हैं –
- आंदोलन की धार तेज करना : सक्ती में चल रहे जन-आंदोलन की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की जाएगी और इसे अगले चरण में ले जाने की रणनीति बनेगी।
- प्रशासनिक कार्रवाई का जवाब : आंदोलनकारियों के विरुद्ध हो रही पुलिसिया और प्रशासनिक कार्रवाई पर कानूनी और मैदानी घेराबंदी की तैयारी।
- अन्य जिलों का समर्थन : सक्ती की इस चिंगारी को पूरे छत्तीसगढ़ में फैलाने के लिए अन्य जिलों के पदाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
संवैधानिक अधिकारों की रक्षा का संकल्प – गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय तुलेश्वर सिंह मरकाम के मार्गदर्शन में होने वाली इस बैठक में प्रदेश के सभी वरिष्ठ पदाधिकारियों, जिला अध्यक्षों और मोर्चा-प्रकोष्ठों के प्रमुखों की उपस्थिति अनिवार्य की गई है।
पार्टी नेतृत्व का स्पष्ट संदेश है – “आदिवासियों के जल, जंगल और जमीन पर उनका हक सर्वोपरि है।” यदि स्थानीय भ्रष्टाचार और शोषण बंद नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में सक्ती जिला एक बड़े उग्र आंदोलन का केंद्र बनेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
कार्यक्रम की रूपरेखा :
- दिनांक : 2 मार्च 2026 (सोमवार)
- समय : दोपहर 12:00 बजे से
- स्थान : सक्ती (छत्तीसगढ़)
- मुख्य अतिथि : इंजी. संजय सिंह कमरो (प्रदेश अध्यक्ष)
यह बैठक छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक नया मोड़ ला सकती है, क्योंकि गोंडवाना गणतंत्र पार्टी अपने कोर एजेंडे ‘गोंडवाना आंदोलन’ को फिर से मजबूती प्रदान करने की दिशा में आक्रामक रुख अपना रही है।



