सरगुजा पुलिस का ‘मास्टरस्ट्रोक’ : करोड़ों के ऑनलाइन सट्टा गिरोह का मास्टरमाइंड पुणे से गिरफ्तार, 300 फर्जी खातों से होता था खेल…

अंबिकापुर, 20 जनवरी 2026। सरगुजा पुलिस ने ऑनलाइन सट्टे के खिलाफ एक बड़ी और ऐतिहासिक कार्यवाही को अंजाम दिया है। पिछले डेढ़ साल से फरार चल रहे सट्टा किंगपिन और इस पूरे नेटवर्क के मास्टरमाइंड आयुष सिन्हा उर्फ दीप सिन्हा को पुलिस ने पुणे (महाराष्ट्र) से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। यह गिरफ्तारी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री राजेश कुमार अग्रवाल के निर्देशन और नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) श्री राहुल बंसल के नेतृत्व में की गई।
क्या है पूरा मामला? – इस हाई-प्रोफाइल मामले की शुरुआत 13 मई 2024 को हुई थी, जब पुलिस ने आईपीएल मैच (गुजरात टाइटन्स बनाम केकेआर) के दौरान रेड मारकर एक बड़े सट्टा रैकेट का भंडाफोड़ किया था। उस समय पुलिस ने मौके से 19 मोबाइल, लाखों का कैश और कई एटीएम कार्ड बरामद किए थे। जाँच में पता चला कि आरोपी ‘स्काई एक्सचेंज’ लिंक के जरिए सट्टा खिलवाते थे।
300 फर्जी खातों का चौंकाने वाला सच : जाँच में सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह सामने आया कि मास्टरमाइंड दीप सिन्हा और उसके साथियों ने आम लोगों को कमीशन का लालच देकर उनके दस्तावेज लिए और लगभग 300 फर्जी बैंक खाते खुलवाए। इन खातों का उपयोग सट्टे के करोड़ों रुपये के अवैध लेनदेन (Transaction) के लिए किया जाता था।
पुणे में छिपा था मास्टरमाइंड : मामले में अन्य आरोपी पहले ही जेल भेजे जा चुके थे, लेकिन मुख्य सरगना दीप सिन्हा लगातार फरार चल रहा था। पुलिस ने उसके खिलाफ उद्घोषणा भी जारी की थी। आखिरकार, साइबर सेल और कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उसे पुणे, महाराष्ट्र से धर दबोचा।
आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी (420), कूटरचना (467, 468) और आईटी एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर न्यायालय में पेश किया गया है। इस कार्यवाही में टीआई शशिकान्त सिन्हा, साइबर सेल प्रभारी अजीत मिश्रा और उनकी टीम की अहम भूमिका रही।



