सारंगढ़—में नाथलदाई क्रशर संचालक की मनमानी, लीज पर खनन नहीं फिर भी करोड़ों की रॉयल्टी पर्ची जारी….

सारंगढ़। जिले में गौण खनिज के अवैध कारोबार का एक और बड़ा मामला सामने आया है। में नाथलदाई क्रशर संचालक पर आरोप है कि खनिज विभाग से स्वीकृत चिन्हांकित लीज स्थान पर आज तक एक फावड़ा खनन नहीं हुआ, लेकिन कागजों में करोड़ों रुपये की रॉयल्टी पर्ची जारी हो चुकी है।
क्या है पूरा मामला
- लीज पर सन्नाटा: खनिज विभाग के रिकॉर्ड में जिस खसरा नंबर पर नाथलदाई क्रशर को लाइमस्टोन/पत्थर खनन की लीज दी गई है, वहां मौका-मुआयना करने पर खनन का कोई निशान नहीं मिला। जमीन जस की तस है।
- रॉयल्टी में खेल: चौंकाने वाली बात ये है कि बिना खनन के ही इसी लीज से करोड़ों रुपये की रॉयल्टी पर्ची कट चुकी है। आशंका है कि दूसरी अवैध खदानों से निकाले गए माल को वैध दिखाने के लिए इस लीज की पर्चियों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
नियम क्या कहते हैं : छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 के तहत लीज क्षेत्र से बाहर खनन करना और बिना उत्पादन के रॉयल्टी पर्ची जारी करना दोनों ही दंडनीय अपराध हैं। इसमें लीज निरस्त करने के साथ-साथ जुर्माना और FIR का भी प्रावधान है।
ग्रामीणों में आक्रोश : स्थानीय लोगों का कहना है कि क्रशर संचालक की मनमानी से शासन को करोड़ों के राजस्व का नुकसान हो रहा है। पर्यावरण और सड़कें खराब हो रही हैं, लेकिन कागजों में सब “वैध” दिख रहा है। वही विभागीय अधिकारी से हुई चर्चा पर शिकायत मिलने पर भौतिक सत्यापन और DGPS सर्वे कराने की बात कही जा रही है।
अगर भौतिक सत्यापन में आरोप सही पाए गए तो लीज निरस्त करने, जारी रॉयल्टी की वसूली और आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की कार्रवाई बनती है। अब देखने वाली बात होगी कि खनिज विभाग कार्रवाई करता है या फिर मामला फाइलों में दब जाता है।




