5 साल का ‘वनवास’ खत्म : रायगढ़ पुलिस के ‘ऑपरेशन तलाश’ के फंदे में फंसा आत्महत्या के लिए उकसाने वाला आरोपी!…

रायगढ़ | कानून के हाथ लंबे होते हैं, यह कहावत एक बार फिर सच साबित हुई है। रायगढ़ पुलिस ने ‘ऑपरेशन तलाश’ के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए साल 2019 से फरार चल रहे एक शातिर आरोपी को दबोच लिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) शशि मोहन सिंह के सख्त तेवरों ने यह साफ कर दिया है कि अपराधी चाहे पाताल में भी छिप जाए, रायगढ़ पुलिस उसे ढूंढ निकालेगी।
पंचायत में मिली थी प्रताड़ना, युवक ने लगा ली थी फांसी – मामला लैलूंगा थाना क्षेत्र का है, जहाँ मार्च 2019 में एक पंचायत बैठक बुलाई गई थी। आरोप है कि इस बैठक में गाँव के ही एक युवक को सरेआम अपमानित किया गया, उसके साथ मारपीट की गई और उसे इस कदर प्रताड़ित किया गया कि स्वाभिमानी युवक मानसिक रूप से टूट गया। लोक-लाज और प्रताड़ना के बोझ तले दबे उस युवक ने अगले ही दिन मौत को गले लगा लिया था।
कैसे चढ़ा पुलिस के हत्थे? – इस संवेदनशील मामले में पुलिस पहले ही 7 आरोपियों को जेल भेज चुकी थी, लेकिन भानूराम पैकरा उर्फ जमुनाडिहा पिछले 5 सालों से पुलिस को चकमा दे रहा था। वह समझ चुका था कि मामला ठंडा पड़ गया है, लेकिन SSP शशि मोहन सिंह के निर्देशन में चल रहे ‘ऑपरेशन तलाश’ की फाइलें खुलीं और थाना प्रभारी लैलूंगा गिरधारी साव की टीम ने सटीक घेराबंदी कर आरोपी का ‘गेम ओवर’ कर दिया।
पुलिस की चेतावनी : अभी और भी नंबर में हैं! – गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि इस मामले में अभी जो भी अन्य आरोपी फरार हैं, वे अपनी बारी का इंतज़ार करें।
“गंभीर अपराध करके कानून से भागना नामुमकिन है। ‘ऑपरेशन तलाश’ का मकसद ही पुराने और फरार अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुँचाना है। रायगढ़ जिले में अपराधियों के लिए कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं है।” –शशि मोहन सिंह, SSP रायगढ़




