वन विभाग की जमीन पर ‘ठगी’ की दुकान : ‘भू-माफिया’ रशीद का महाफर्जीवाड़ा बेनकाब! सरकारी जमीन को अपना बताकर 41 परिवारों को लूटा…

अम्बिकापुर (सरगुजा) : खुद को जमीन का मालिक बताकर सरकारी खजाने (वन भूमि) पर डाका डालने वाले एक सफेदपोश जालसाज के काले साम्राज्य का कोतवाली पुलिस ने अंत कर दिया है। आरोपी मो. रशीद ने न सिर्फ शासन की आंखों में धूल झोंकी, बल्कि 41 गरीब परिवारों की जीवनभर की जमा-पूंजी भी डकार ली।
वन विभाग की जमीन पर ‘ठगी’ की दुकान : आरोपी का दुस्साहस तो देखिए! जिस वन भूमि पर परिंदा भी पर नहीं मार सकता, उसे मो. रशीद ने अपनी ‘निजी जायदाद’ बताकर बाजार में बेच डाला। बाहर से आए मजदूरों और कम पढ़े-लिखे लोगों को निशाना बनाकर उसने ग्राम रनपुर और खैरबार में ठगी की दुकान सजा रखी थी।
वारदात की बड़ी बातें :
- 41 शिकार, लाखों का वार : आरोपी ने करीब 41 लोगों को फर्जी एग्रीमेंट के जाल में फंसाकर प्रति व्यक्ति 1.50 लाख रुपये वसूले।
- सबूतों की होली जलाई : जब पुलिस ने शिकंजा कसा, तो शातिर ठग ने सबूत मिटाने के लिए एग्रीमेंट पेपर और स्टाम्प दस्तावेज आग के हवाले कर दिए।
- धमकी का दौर : पोल खुलने पर आरोपी पीड़ितों को डरा-धमका रहा था ताकि कोई उसके खिलाफ मुंह न खोल सके।
पुलिस ने उखाड़ा जालसाजी का किला : कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक शशिकांत सिन्हा और उनकी टीम ने घेराबंदी कर आरोपी को दबोच लिया। आरोपी पर न केवल धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश की धाराएं लगी हैं, बल्कि सबूत मिटाने के जुर्म में धारा 201 भी जोड़कर उसे सीधे जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया गया है।
सावधान अम्बिकापुर!…
”प्रशासन की जमीन को निजी बताकर बेचने वाले माफियाओं की अब खैर नहीं। नेजारूदीन अंसारी की हिम्मत और पुलिस की मुस्तैदी ने इस बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया है। अगर आपके पास भी कोई कम कीमत पर जमीन का ऑफर लेकर आता है, तो पहले मालिकाना हक की जांच जरूर करें!”
इन जांबाज पुलिसकर्मियों ने किया खुलासा : निरीक्षक शशिकांत सिन्हा, एएसआई विवेक पाण्डेय, एएसआई अदीप प्रताप सिंह, आरक्षक किशोर तिवारी, संजीव पाण्डेय और शिव राजवाड़े की सक्रियता से आरोपी आज जेल में है।




