रायपुर

राजधानी में हड़कंप: माननीय के लेटरहेड पर जालसाजी का ‘गोरखधंधा’, पुलिस की दबिश में खुला च्वॉइस सेंटर की काली करतूतों का कच्चा चिट्ठा!…

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से इस वक्त की सबसे बड़ी, सनसनीखेज और हड़कंप मचा देने वाली खबर सामने आ रही है! पुलिस ने सरकारी दस्तावेजों के नाम पर चल रहे एक बहुत बड़े ‘गोरखधंधे’ और संगठित सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। राजधानी के आजाद चौक थाना क्षेत्र में जनता के चुने हुए प्रतिनिधि (पार्षद) के ही फर्जी हस्ताक्षर और लेटरहेड का इस्तेमाल कर अवैध रूप से सरकारी दस्तावेज बनाने वाले एक शातिर च्वॉइस सेंटर संचालक को पुलिस ने दबोच लिया है।

​इस हाई-प्रोफाइल जालसाजी की एक-एक इनसाइड स्टोरी पढ़िए, जिसने नगर निगम से लेकर पुलिस महकमे की नींद उड़ा दी है:

​यह पूरा मामला तब फटा जब शहीद चूड़ामणि नायक वार्ड (क्रमांक-37), नगर पालिका निगम रायपुर के निर्वाचित पार्षद दीपक जायसवाल को अचानक भनक लगी कि बाजार में उनके नाम, रसूख और साख का सरेआम गलत इस्तेमाल हो रहा है। पार्षद ने बिना एक पल गंवाए सीधे आजाद चौक थाने में धावा बोला और लिखित शिकायत दर्ज कराई।

​पार्षद ने अपनी शिकायत में जो खुलासा किया, उसने पुलिस के भी होश उड़ा दिए। मंगल बाजार स्थित ‘आर्यन च्वॉइस सेंटर’ में पार्षद के फर्जी लेटरहेड और सील-हस्ताक्षर का एक समानांतर (पैरेलल) सिस्टम चलाया जा रहा था। इस फर्जीवाड़े के दम पर वहां:

  • अवैध जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate)
  • फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र (Death Certificate)
  • संदिग्ध आधार कार्ड (Aadhaar Card)
  • नगर निगम से जुड़े तमाम संवेदनशील सरकारी दस्तावेज धड़ल्ले से मोटी रकम लेकर तैयार किए जा रहे थे।

पुलिस का ‘मेगा एक्शन’ : च्वॉइस सेंटर पर आधी रात की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ – मामले की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने तत्काल ‘जीरो टॉलरेंस’ का रुख अपनाया। आजाद चौक थाना पुलिस की एक स्पेशल टीम ने बिना वक्त गंवाए पुख्ता डिजिटल साक्ष्य जुटाए और मंगल बाजार स्थित आर्यन च्वॉइस सेंटर पर ताबड़तोड़ दबिश (रेड) दे दी।

​पुलिस की इस अचानक कार्रवाई से पूरे इलाके और सेंटर में हड़कंप मच गया। मौके पर मौजूद मुख्य संचालक विपीन केशरी को पुलिस ने जैसे ही घेरे में लिया, उसके होश उड़ गए। जब पुलिस ने सरकारी दस्तावेजों की फाइलों को सामने रखकर कड़ाई से पूछताछ की, तो आरोपी के सारे पैंतरे धरे के धरे रह गए। पुलिस के कड़े तेवरों के आगे उसने कबूल किया कि वह लंबे समय से पार्षद के फर्जी लेटरहेड और जाली हस्ताक्षर के दम पर यह पूरा रैकेट चला रहा था।

डिजिटल जालसाजी के ‘हथियार’ जब्त, यूपी का आरोपी सलाखों के पीछे – पुलिस ने जालसाजी के इस पूरे कारखाने को सील करते हुए आरोपी को धर दबोचा है। पकड़े गए आरोपी की कुंडली इस प्रकार है:

  • मास्टरमाइंड आरोपी : विपीन केशरी (38 वर्ष)
  • पिता का नाम : राकेश चंद्र केशरी
  • मूल ठिकाना : कटरा बाजार, थाना कोईरवाना, जिला भदोही (उत्तर प्रदेश)
  • रायपुर का पता : अश्वनी नगर, कृति ब्यूटी पार्लर के पास, थाना पुरानी बस्ती, रायपुर

​पुलिस ने आरोपी के पास से अपराध में प्रयुक्त उस पूरे ‘डिजिटल सेटअप’ को जब्त कर लिया है, जिसके दम पर वह असली जैसे दिखने वाले नकली दस्तावेज छापता था:

  • 01 हाई-टेक लैपटॉप : (जिसमें कई फर्जी दस्तावेजों के फॉर्मेट और सैकड़ों लोगों का संदिग्ध डेटा होने की आशंका है)
  • 01 कलर प्रिंटर : (जिसका उपयोग हूबहू नकली लेटरहेड और रंगीन सर्टिफिकेट छापने के लिए किया जा रहा था)
  • 01 लैमिनेशन मशीन : (ताकि दस्तावेज बिल्कुल सरकारी और असली लगें)

नए कानून की ‘ब्रह्मास्त्र’ धाराओं में केस दर्ज; खुलेगा बड़ा सिंडिकेट! – आजाद चौक पुलिस ने आरोपी विपीन केशरी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सबसे सख्त और गैर-जमानती धाराओं के तहत शिकंजा कसा है। आरोपी के विरुद्ध धारा 336(3), 340(2) और 318(4) के तहत संगीन आपराधिक मामला दर्ज कर उसे जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया गया है।

अब आगे क्या? – इस बड़ी गिरफ्तारी के बाद रायपुर पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि इस च्वॉइस सेंटर से अब तक कितने सौ या हजार लोगों के फर्जी दस्तावेज बनाए जा चुके हैं? आशंका जताई जा रही है कि इन फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल बैंक लोन, सरकारी योजनाओं का गलत लाभ उठाने या अन्य संदिग्ध कामों में भी हुआ हो सकता है। पुलिस अब इस पूरे रैकेट की जड़ों को खोदने में जुट गई है!

Ambika Sao

सह-संपादक : छत्तीसगढ़

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