खाकी दागदार : सड़क पर बेसुध पड़ा मिला आरक्षक, SSP शशि मोहन सिंह ने चंद घंटों में थमाया सस्पेंशन ऑर्डर…

रायगढ़। पुलिस की वर्दी सिर्फ एक पोशाक नहीं, बल्कि अनुशासन और जिम्मेदारी का प्रतीक है। लेकिन जब रक्षक ही सड़क पर ‘बेसुध’ हालत में तमाशा बन जाए, तो खाकी की साख पर सवाल उठना लाजिमी है। रायगढ़ के थाना धरमजयगढ़ में पदस्थ आरक्षक दिलेश चन्द्रा की एक ऐसी ही शर्मनाक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हुई, जिस पर SSP शशि मोहन सिंह ने कड़ा प्रहार करते हुए आरक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
वायरल वीडियो ने मचाया हड़कंप – आज 22 अप्रैल को इंस्टाग्राम पर एक वीडियो तेजी से प्रसारित हुआ। वीडियो में आरक्षक क्रमांक 251 दिलेश चन्द्रा पुलिस की वर्दी पहने हुए एक सार्वजनिक स्थान पर सड़क किनारे बेसुध स्थिति में पड़ा नजर आ रहा था। वर्दी की इस दुर्दशा और पुलिस विभाग की छवि धूमिल होते देख स्थानीय लोगों ने इसका वीडियो बना लिया, जो देखते ही देखते वायरल हो गया।S
SSP का ‘स्ट्राइक रेट’ : संज्ञान मिलते ही एक्शन – जैसे ही यह वीडियो वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) श्री शशि मोहन सिंह की नजरों में आया, उन्होंने बिना वक्त गंवाए मामले की जांच के आदेश दिए। प्रथम दृष्टया आरक्षक का आचरण घोर अनुशासनहीनता और पदीय दायित्वों के विपरीत पाया गया। एसएसपी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरक्षक को सस्पेंड कर लाइन हाजिर कर दिया है।
- निलंबित आरक्षक : दिलेश चन्द्रा (थाना धरमजयगढ़)
- मुख्यालय : रक्षित केन्द्र रायगढ़
- दंडात्मक कार्रवाई : निलंबन अवधि में केवल नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता ही देय होगा।
“वर्दी की गरिमा से समझौता नहीं” – एसएसपी का अल्टीमेटम : एसएसपी शशि मोहन सिंह ने इस कार्रवाई के जरिए पूरे जिले के पुलिस महकमे को कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने स्पष्ट लहजे में कहा:
“पुलिस बल में अनुशासन सर्वोपरि है। जनता की सुरक्षा का जिम्मा उठाने वालों से उच्च स्तरीय आचरण की अपेक्षा की जाती है। वर्दी की गरिमा के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। यह कार्रवाई एक चेतावनी है कि अनुशासनहीनता पर पुलिस का रुख सख्त और समझौताहीन रहेगा।”
रायगढ़ पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि सोशल मीडिया की निगरानी अब केवल अपराधियों को पकड़ने के लिए नहीं, बल्कि विभाग के भीतर ‘काली भेड़ों’ को बाहर निकालने के लिए भी की जा रही है।




