लैलूंगा में RTO की ‘मेहरबानी’: सड़कों पर मौत बनकर दौड़ रहे ओवरलोड वाहन, विभाग की मिलीभगत से ‘बड़ा खेला’ जारी!

लैलूंगा (रायगढ़): रायगढ़ जिले के लैलूंगा क्षेत्र में परिवहन विभाग (RTO) की नाक के नीचे भ्रष्टाचार और लापरवाही का एक ऐसा खेल चल रहा है, जिसने आम जनता की सुरक्षा को ताक पर रख दिया है। सड़कों पर धड़ल्ले से दौड़ रहे ओवरलोड ट्रक और नियम विरुद्ध वाहन इस बात का पुख्ता सबूत हैं कि यहाँ कानून का डर नहीं, बल्कि ‘सेटिंग’ का सिक्का चलता है।
चेकिंग के नाम पर सिर्फ औपचारिकता? – क्षेत्र से आ रही तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि RTO की गाड़ियाँ सड़कों पर मौजूद तो रहती हैं, लेकिन इनकी मौजूदगी के बावजूद ऊँचाई तक लदे और ओवरलोड वाहन बिना किसी रोक-टोक के निकल रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि विभाग के अधिकारी और कर्मचारी केवल छोटे वाहनों या बाहरी गाड़ियों को रोककर ‘खानापूर्ति’ करते हैं, जबकि बड़े सिंडिकेट से जुड़े वाहनों को ‘अभयदान’ मिला हुआ है।
सड़कों का बुरा हाल, बढ़ती दुर्घटनाएं – ओवरलोडिंग की वजह से लैलूंगा और आसपास की ग्रामीण सड़कें समय से पहले ही जर्जर हो रही हैं।
- सड़क सुरक्षा का उल्लंघन: क्षमता से दोगुना माल लदे ये ट्रक न केवल सड़कों को तोड़ रहे हैं, बल्कि आए दिन होने वाली दुर्घटनाओं का मुख्य कारण भी बन रहे हैं।
- राजस्व का चूना: जहाँ एक ओर सरकार को लाखों के राजस्व का नुकसान हो रहा है, वहीं दूसरी ओर अधिकारियों की जेबें गर्म होने की चर्चाएं आम हैं।
हॉर्न प्लीज… लेकिन नियमों को ‘बाय-बाय’ – ट्रकों के पीछे ‘Horn Please’ और ‘Wait For Side’ जैसे संदेश तो लिखे हैं, लेकिन असलियत यह है कि ये वाहन सड़क पर किसी को साइड नहीं देते और ओवरलोड होने के कारण कभी भी अनियंत्रित हो सकते हैं। इन पर न तो कोई रेडियम टेप होता है और न ही सुरक्षा के मानक।
“क्या प्रशासन किसी बड़ी अनहोनी का इंतज़ार कर रहा है? लैलूंगा में RTO विभाग की इस संदिग्ध कार्यप्रणाली की उच्च स्तरीय जांच की दरकार है।”




