रायगढ़

सनसनीखेज : क्षणिक आवेश ने उजाड़ा सुहाग; महुआ बीनने गए पति ने लकड़ी से वार कर पत्नी को उतारा मौत के घाट…

रायगढ़। ‘गुस्सा इंसान का सबसे बड़ा दुश्मन है’ – यह कहावत ग्राम राजकोट अमलझरिया में उस वक्त हकीकत में बदल गई जब एक मामूली विवाद ने खूनी अंजाम ले लिया। शराब और गुस्से के मेल ने एक हंसते-खेलते परिवार को तबाह कर दिया। रायगढ़ पुलिस ने महज 48 घंटों के भीतर अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाते हुए आरोपी पति को सलाखों के पीछे भेज दिया है।

महुआ के बाग से श्मशान तक की कहानी : घटना 17 अप्रैल की है, जब गणेश कोरवा (30 वर्ष) अपनी पत्नी सुकांति कोरवा (28 वर्ष) के साथ महुआ बीनने अमलझरिया गया था। महुआ बीनने की खुशी शाम होते-होते मातम में बदल गई। बताया जा रहा है कि नशे की हालत में सुकांति जब चलने की स्थिति में नहीं थी और रास्ते में तालाब मोड़ के पास सो गई, तो गणेश का धैर्य जवाब दे गया।

​उसे उठाने की नाकाम कोशिश और गुस्से के आवेश में गणेश ने पास पड़ी बांस की फाड़ी लकड़ी से पत्नी के सिर पर ताबड़तोड़ वार कर दिया। चोट इतनी गहरी थी कि सुकांति ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

गुमराह करने की साजिश नाकाम : हत्या के बाद आरोपी पति ने खुद को बचाने के लिए झूठी कहानी गढ़ी। उसने परिजनों को बताया कि पत्नी पानी लेने गई थी और लौटी नहीं। लेकिन एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन में रैरूमाखुर्द पुलिस की पैनी नजरों से वह बच नहीं सका। सघन पूछताछ और कड़ाई बरतने पर आरोपी का झूठ ताश के पत्तों की तरह ढह गया और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई : चौकी प्रभारी उप निरीक्षक विजय एक्का ने टीम के साथ दबिश देकर आरोपी गणेश कोरवा को सोखामुडा डोंगरीपारा से गिरफ्तार किया। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल किए गए ‘बांस के डंडे’ को जब्त कर लिया है।

  • अपराध क्रमांक : 98/2026
  • धारा : 103(1) भारतीय न्याय संहिता (BNS)
  • कार्रवाई : आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया।

“संयम खोया तो समझो जीवन खोया” – एसएसपी का कड़ा संदेश : मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने आम जनता के लिए एक मार्मिक लेकिन सख्त संदेश जारी किया है:

“क्षणिक आवेश में किया गया अपराध न केवल एक जीवन छीनता है, बल्कि अपराधी के लिए भी जीवनभर का पछतावा बन जाता है। कानून अपनी कार्रवाई में कोई ढील नहीं देगा। विवाद की स्थिति में संयम बरतें, क्योंकि एक पल का गुस्सा पूरी जिंदगी की बर्बादी का कारण बन सकता है।”

Ambika Sao

सह-संपादक : छत्तीसगढ़

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