बालोद तेजाब कांड : एकतरफा प्यार में अंधी सनक, 8 घंटे के भीतर पुलिस की गिरफ्त में साजिशकर्ता प्रेमी और उसका साथी

फिरोज अहमद खान (पत्रकार)
बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में इंसानियत को शर्मसार करने वाली एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। थाना बालोद क्षेत्र की सिंचाई कॉलोनी में अपने सुनहरे भविष्य की तैयारी कर रही एक निर्दोष छात्रा को एकतरफा प्यार की खौफनाक सजा भुगतनी पड़ी। पढ़ाई के बाद पुस्तकालय से घर लौट रही युवती पर दिनदहाड़े एसिड फेंककर उसे गंभीर रूप से झुलसा दिया गया। इस नृशंस वारदात के बाद पूरे इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल बन गया। हालांकि, बालोद पुलिस ने त्वरित और तकनीकी सूझबूझ का परिचय देते हुए इस खौफनाक साजिश का पर्दाफाश किया और महज 8 घंटे के भीतर मुख्य साजिशकर्ता और एसिड फेंकने वाले उसके साथी को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। जांच में सामने आया कि पीड़िता के कथित प्रेमी ने ही शादी से इंकार किए जाने पर आक्रोशित होकर इस जघन्य अपराध का ताना-बाना बुना था।

दिनदहाड़े सड़क पर खौफनाक वारदात
घटना वाले दिन पीड़िता रोज़मर्रा की तरह लाइब्रेरी से पढ़ाई पूरी कर अपने घर वापस लौट रही थी। जैसे ही वह सिंचाई कॉलोनी के पास पहुंची, पहले से घात लगाकर बैठे एक अज्ञात व्यक्ति ने अचानक उस पर तेज़ाब फेंक दिया। तेज़ाब गिरते ही छात्रा दर्द से चीखने-चिल्लाने लगी। उसकी दर्दनाक चीख सुनकर आसपास के लोग तुरंत मदद के लिए दौड़े। लोगो ने बिना समय गंवाए पीड़िता के पिता को सूचित किया और उसे तुरंत जिला अस्पताल बालोद में भर्ती कराया गया। वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर तांदुला डैम की ओर फरार हो गया।
बालोद पुलिस की घेराबंदी और त्वरित कार्रवाई
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस विभाग तुरंत हरकत में आया। पुलिस अधीक्षक किरण गंगाराम चव्हाण (भा.पु.से.) के सख्त निर्देशों और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चंद्रकांत गवर्ना के मार्गदर्शन में एक व्यापक सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। उप पुलिस अधीक्षक विनय साहू के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया, जिसे आरोपियों की जल्द से जल्द धरपकड़ की जिम्मेदारी सौंपी गई।
सीसीटीवी और तकनीकी साक्ष्यों से खुला राज
एसडीओपी विनय साहू की अगुवाई में जांच टीम ने घटनास्थल का गहन निरीक्षण किया और वहां से वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्रित किए। पुलिस ने शहर के अलग-अलग चौराहों और मुख्य मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषणात्मक अध्ययन के बाद पुलिस का संदेह पीड़िता के पूर्व परिचित और कथित प्रेमी यश कुमार सोनकर (निवासी कुंदरूपारा, बालोद) पर गहराया।
पुलिस ने जब यश सोनकर को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की, तो उसने शुरुआत में पुलिस को गुमराह करने के लिए कई मनगढ़ंत कहानियां गढ़ने का प्रयास किया। लेकिन जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की और तकनीकी सबूत सामने रखे, तो वह टूट गया और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
तीन महीने पहले रची गई थी प्रतिशोध की साजिश
पूछताछ में यश सोनकर ने स्वीकार किया कि वो युवती से प्रेम करता है। हालांकि, जब युवती ने संबंध रखने और उससे शादी करने से स्पष्ट इंकार कर दिया, तो वह गुस्से और प्रतिशोध की आग में जलने लगा। इसी बदले की भावना में आकर उसने करीब तीन महीने पहले अपने स्कूली दोस्त करण कुंजाम (निवासी भैरमगढ़, बीजापुर) के साथ मिलकर युवती पर तेज़ाब फेंकने की खतरनाक योजना बनाई थी।
यश लगातार युवती को अपने पक्ष में मनाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन जब युवती तैयार नहीं हुई, तो उसने 26 सितंबर को अपने साथी करण कुंजाम को बालोद बुला लिया। 27 सितंबर को दोनों ने तेज़ाब खरीदा और गणेश झांकी के दौरान भीड़ का फायदा उठाकर हमला करने की योजना बनाई। हालांकि, उस समय पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए वे अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो सके।
05 अक्टूबर को दिया तेजाब कांड को अंजाम
इसके बाद आरोपियों ने 05 अक्टूबर को दोपहर लगभग 12:30 बजे का समय चुना। जब युवती लाइब्रेरी से वापस घर लौट रही थी, तब यश के इशारे पर करण कुंजाम ने उस पर एसिड फेंक दिया। वारदात के बाद करण तुरंत मौके से भाग निकला और तांदुला बांध की तरफ चला गया। वहां से उसने राहगीरों से लिफ्ट ली और झलमला, मरकाटोला होते हुए चारामा तक पहुंच गया।
मुख्य साजिशकर्ता यश सोनकर का जुर्म कबूल होते ही बालोद पुलिस की टीम ने करण कुंजाम की तलाश तेज कर दी। साइबर सेल और तकनीकी इनपुट की मदद से पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी करण को कोंडागांव से धर दबोचा।
जब्त किए गए साक्ष्य और गिरफ्तार आरोपीगण
दोनों आरोपियों ने पुलिस के समक्ष दिए अपने मेमोरेण्डम बयान में अपराध स्वीकार किया। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने घटना में इस्तेमाल किया गया एसिड और वारदात के वक्त पहने गए कपड़े बरामद कर जब्त कर लिए हैं।

गिरफ्तार आरोपियों का विवरण –
- यश कुमार सोनकर (पिता: ईश्वर लाल सोनकर, उम्र: 20 वर्ष), निवासी: वार्ड नंबर 11, ग्राम नेवारिकला, जिला बालोद (छत्तीसगढ़)।
- करण कुंजाम (पिता: दिनेश कुंजाम, उम्र: 20 वर्ष), निवासी: वार्ड नंबर 15, भैरमगढ़, थाना भैरमगढ़, जिला बीजापुर (छत्तीसगढ़)।
दोनों आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस टीम की सराहना और आम जनता से अपील
इस पूरे अंधी हत्या के प्रयास का महज 8 घंटे में सफल पर्दाफाश करने में थाना प्रभारी बालोद निरीक्षक शिशुपाल सिन्हा, साइबर प्रभारी धरम भुआर्य, आरक्षक संजय सोनी सहित कोतवाली बालोद एवं साइबर सेल की टीम की अत्यंत सराहनीय और महत्वपूर्ण भूमिका रही।
बालोद पुलिस ने आम नागरिकों, विशेषकर महिलाओं और युवतियों से अपील की है कि वे अपनी सुरक्षा को लेकर सजग रहें। यदि कोई भी संदिग्ध व्यक्ति उनका पीछा करता है, धमकी देता है या परेशान करता है, तो ऐसी जानकारी को कतई नजरअंदाज न करें। किसी भी अप्रिय स्थिति या संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें ताकि समय रहते कड़ी और प्रभावी कार्रवाई की जा सके। बालोद पुलिस महिलाओं की सुरक्षा और त्वरित न्याय के लिए सदैव प्रतिबद्ध है।




