रायगढ़ पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई : दो नाबालिगों और एक महिला से हैवानियत व ब्लैकमेलिंग के तीनों मामलों में आरोपी गिरफ्तार…

रायगढ़। प्यार का फरेब, सोशल मीडिया का मायाजाल और शादी का झूठा वादा – मासूमों की आबरू से खिलवाड़ करने वाले शातिर दरिंदों पर रायगढ़ पुलिस का शिकंजा कस गया है। जिले में महिला एवं बाल अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे ‘अभियान संवेदना’ के तहत महिला थाना पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए शोषण, दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग के तीन अलग-अलग मामलों का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
डीएसपी श्रीमती उन्नति ठाकुर के सुपरविजन और महिला थाना प्रभारी उप निरीक्षक कुसुम कैवर्त की अगुवाई में पुलिस टीम ने पीड़ितों की शिकायत मिलते ही तत्परता दिखाई और आरोपियों को भागने का मौका दिए बिना दबोच लिया।
केस 1 : स्कूल आते-जाते फंसाया, आपत्तिजनक फोटो से ब्लैकमेल कर 17 वर्षीय छात्रा से दरिंदगी – जूटमिल क्षेत्र की 17 वर्षीय स्कूली छात्रा को दोस्ती के जाल में फंसाकर दैहिक शोषण करने वाले आरोपी मुकेश चौहान (19 वर्ष, निवासी कोड़ातराई) को पुलिस ने धर दबोचा।
- ऐसे रची साजिश : आरोपी ने स्कूल आते-जाते छात्रा से जान-पहचान बढ़ाई और प्यार का इजहार किया। 6 अप्रैल 2025 को वह छात्रा को माता-पिता से मिलाने का झांसा देकर अपने सूने घर ले गया, जहां उसने जबरन शारीरिक संबंध बनाए और मुंह खोलने पर जान से मारने की धमकी दी।
- तस्वीरें वायरल करने की धमकी : जब पीड़िता ने उससे दूरी बनाई, तो आरोपी दोनों की निजी तस्वीरें परिजनों को भेजने, पढ़ाई छुड़वाने और शादी नहीं होने देने की धमकी देकर लगातार ब्लैकमेल करने लगा। हद तब पार हो गई जब 18 सितंबर 2026 को आरोपी छात्रा के घर पहुंचकर गाली-गलौज और बदनामी की धमकी देने लगा।
- कानूनी शिकंजा : परिजनों के संबल से पीड़िता ने थाने में गुहार लगाई। पुलिस ने अपराध क्रमांक 86/2026, धारा 64(1), 351(3) बीएनएस व 4, 6 पॉक्सो एक्ट दर्ज कर आरोपी को चंद घंटों में गिरफ्तार कर लिया।
केस 2 : स्कूल बस ड्राइवर का शादी का नाटक, दोहरे चरित्र का पर्दाफाश होने पर मारपीट व धमकी – कोतरारोड़ क्षेत्र की 36 वर्षीय महिला को शादी का झांसा देकर किराए के मकान में रखने और शोषण करने वाला बस चालक राम प्रसाद कंडरा (34 वर्ष, निवासी ग्राम मुकडेगा, लैलूंगा) सलाखों के पीछे पहुंच चुका है।
- विश्वास की आड़ में धोखा: पीड़िता जिस स्कूल में कार्यरत थी, आरोपी वहीं बस चलाता था। वर्ष 2023 में जान-पहचान के बाद आरोपी ने महिला के परिजनों व दोस्तों के सामने शादी का वादा कर गहरा विश्वास जमाया। इसके बाद वर्ष 2025 में किराए के मकान में रखकर लगातार शारीरिक संबंध बनाए।
- दूसरी महिला से अफेयर और हैवानियत: जब पीड़िता ने शादी का दबाव बनाया, तो वह टालमटोल करने लगा। पीड़िता को पता चला कि आरोपी का किसी अन्य महिला से भी संबंध है और वह इंस्टाग्राम पर सक्रिय है। इस धोखे पर जब महिला ने विरोध जताया, तो आरोपी ने शादी से मुकरते हुए उसके साथ बेरहमी से मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी।
- कानूनी शिकंजा: पीड़िता की रिपोर्ट पर महिला थाना पुलिस ने अपराध क्रमांक 87/2026, धारा 69, 351(3) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया।
केस 3 : इंस्टाग्राम पर फ्रेंडशिप, मेले के बहाने होटल में ले जाकर 16 वर्षीय किशोरी से अनाचार – सोशल मीडिया पर दोस्ती कर शादी का प्रलोभन देकर 16 वर्षीय किशोरी से दुष्कर्म और ब्लैकमेल करने वाले आरोपी मनोज निषाद (23 वर्ष, निवासी बाम्हनपाली, खरसिया) को पुलिस ने दबोच लिया है।
- डिजिटल जालसाजी : वर्ष 2025 में इंस्टाग्राम के जरिए आरोपी ने खरसिया की किशोरी से संपर्क साधा। 6 अप्रैल 2025 को जब पीड़िता रायगढ़ मेला देखने आई, तो 7 अप्रैल को मनोज ने उसे कोतरारोड़ चौक बुलाया और बहला-फुसलाकर एक होटल ले गया। नाबालिग होने की जानकारी के बावजूद उसने शादी का झांसा देकर जबरन संबंध बनाए।
- लगातार दबाव और ब्लैकमेल : इसके बाद आरोपी पीड़िता को अपने घर ले जाकर शोषण करता रहा। मिलने से मना करने पर वह संबंधों की बात परिजनों को बताने की धमकी देकर ब्लैकमेल करता था। तंग आकर पीड़िता ने अपनी बहन को आपबीती बताई।
- कानूनी शिकंजा : शिकायत के आधार पर पुलिस ने त्वरित संज्ञान लेते हुए अपराध क्रमांक 88/2026, धारा 65(1) बीएनएस व 4, 6 पॉक्सो एक्ट के तहत जुर्म दर्ज कर 3 अक्टूबर को आरोपी को धर दबोचा।
सख्त संदेश : आधी आबादी की सुरक्षा से समझौता नहीं – एसएसपी शशि मोहन सिंह के मार्गदर्शन में जिले में चल रहे ‘अभियान संवेदना’ का स्पष्ट संदेश है कि महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराध करने वालों को किसी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। इस पूरी कार्रवाई में महिला थाना प्रभारी उप निरीक्षक कुसुम कैवर्त, एएसआई सरस्वती महापात्रे, एएसआई परमेश्वर गुप्ता, प्रधान आरक्षक राजेश उरांव एवं संदीप भगत की भूमिका सराहनीय रही।




