BIG BREAKING: रायगढ़ में बजा चुनावी बिगुल! तमनार नगर पंचायत और पंचायत उपचुनाव का काउंटडाउन शुरू…

रायगढ़। जिले के राजनीतिक गलियारों में अचानक हलचल तेज हो गई है। राज्य निर्वाचन आयोग, रायपुर से हरी झंडी मिलते ही जिले में त्रिस्तरीय पंचायत उपचुनाव और नवगठित नगर पंचायत तमनार के पहले आम निर्वाचन की उलटी गिनती शुरू हो गई है। 5 अक्टूबर से फोटोयुक्त निर्वाचक नामावली (वोटर लिस्ट) तैयार और पुनरीक्षित करने का वृहद अभियान आधिकारिक रूप से शुरू कर दिया गया है।
प्रशासनिक अमला चुनावी मोड में आ चुका है, वहीं राजनीतिक दलों और स्थानीय दावेदारों के बीच बैठकों, रणनीति और समीकरण साधने का दौर शुरू हो गया है।
चुनावी सीटों का संपूर्ण गणित: कहां-कहां होगा मुकाबला? – इस चुनावी प्रक्रिया में ग्रामीण और नवगठित नगरीय क्षेत्र – दोनों में मुकाबला होना है:
- नवगठित नगर पंचायत तमनार (पहला आम चुनाव) : तमनार को नगर पंचायत का दर्जा मिलने के बाद यह पहला मौका है जब यहां शहर की सरकार चुनने के लिए मतदान होगा। यहां 1 नगर पंचायत अध्यक्ष पद के साथ-साथ सभी 15 वार्डों के पार्षद पदों पर सीधी चुनावी जंग होगी। पहली बार होने जा रहे इस चुनाव में सभी प्रमुख दल अपनी पूरी ताकत झोंकने की तैयारी में हैं।
- त्रिस्तरीय पंचायत (उपचुनाव) : जिले के विभिन्न ग्राम पंचायतों में रिक्त पड़े पदों को भरने के लिए उपचुनाव की प्रक्रिया शुरू की गई है। इसमें कुल 3 सरपंच और 27 पंच पदों के लिए ग्रामीण जनता अपने प्रतिनिधियों का चुनाव करेगी।
निर्वाचन कार्यक्रम : तारीख दर तारीख पूरा रोडमैप – राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित समय-सारणी के अनुसार मतदाता सूची तैयार करने से लेकर अंतिम प्रकाशन तक का कार्यक्रम इस प्रकार तय किया गया है :

कलेक्ट्रेट में अधिकारियों की आपात ट्रेनिंग : ‘जीरो एरर’ का सख्त फरमान –निर्वाचन की निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए 5 अक्टूबर को रायगढ़ में पंजीकरण अधिकारियों, सहायक पंजीकरण अधिकारियों (ERO/AERO) और प्राधिकृत कर्मचारियों का सघन जिला स्तरीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया।
प्रशिक्षण सत्र में मास्टर ट्रेनर्स और वरिष्ठ अधिकारियों ने मैदानी अमले को दो टूक हिदायतें दीं:
- डोर-टू-डोर सत्यापन पर जोर : नवगठित तमनार नगर पंचायत के परिसीमन के अनुसार वार्ड वार मतदाताओं का सही विभाजन सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसी वार्ड का मतदाता दूसरे वार्ड में दर्ज न हो।
- फर्जी और मृत मतदाताओं की छंटनी : मतदाता सूची को पूरी तरह त्रुटिरहित बनाने के लिए मृत मतदाताओं, दोहरी प्रविष्टि वाले नामों और स्थायी रूप से स्थानांतरित हो चुके लोगों के नाम नियमों के तहत विलोपित किए जाएं।
- 18 वर्ष की आयु पूरी करने वालों को मौका : तय अर्हता तिथि के अनुसार नए एवं युवा मतदाताओं के नाम शत-प्रतिशत सूची में शामिल किए जाएं।
- समयबद्ध निराकरण : 23 से 30 अक्टूबर के बीच आने वाले सभी दावों और आपत्तियों का निराकरण तय गाइडलाइन के तहत पारदर्शी ढंग से किया जाए, जिससे किसी भी पक्ष को शिकायत का मौका न मिले।
तमनार में ऐतिहासिक मुकाबला : क्यों खास है यह चुनाव? – तमनार औद्योगिक और रणनीतिक दृष्टिकोण से रायगढ़ जिले का एक बेहद महत्वपूर्ण क्षेत्र है। ग्राम पंचायत से नगर पंचायत में अपग्रेड होने के बाद यह पहला आम चुनाव है, इसलिए इस चुनाव के कई राजनीतिक मायने हैं:
- स्थानीय नेतृत्व की नई पौध : पहली बार यहां नगर पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी के लिए सीधा या अप्रत्यक्ष संग्राम होगा, जिसे लेकर स्थानीय कद्दावर नेता अपनी जमीन मजबूत करने में जुट गए हैं।
- शहरी विकास का खाका : पहली बार चुने जाने वाले 15 पार्षद और अध्यक्ष नगर पंचायत के विकास, बजट और बुनियादी सुविधाओं की दिशा तय करेंगे।
- राजनीतिक दलों का लिटमस टेस्ट : मुख्य राजनीतिक दलों के लिए यह चुनाव शक्ति प्रदर्शन का मैदान साबित होगा।
30 नवंबर को अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा किसी भी समय चुनाव की आधिकारिक तारीखों (मतदान और मतगणना) की घोषणा की जा सकती है।




