बुलडोजर एक्शन पर भारी पड़ा आत्मदाह का खौफ : रायपुर में ढाबा संचालक ने खुद पर उड़ेला पेट्रोल, बैकफुट पर प्रशासन… जाने पूरा मामला…

रायपुर। राजधानी रायपुर के सड्डू इलाके में सोमवार को प्रशासनिक अमले की तोड़क कार्रवाई के दौरान उस वक्त भारी बवाल मच गया, जब प्रिंस ढाबा संचालक ने खुद पर पेट्रोल छिड़क कर आत्मदाह का प्रयास किया। बिना सीमांकन और अदालत में विचाराधीन मामले के बीच ‘अवैध’ बताकर ढाबा ढहाने पहुंचे अफसरों के इस खौफनाक मंजर के बाद हाथ-पांव फूल गए। मौके पर मची अफरा-तफरी और विस्फोटक होते हालात को देखते हुए भारी पुलिस बल के साथ पहुंची टीम को आखिरकार उल्टे पांव लौटना पड़ा।

कोर्ट में मामला, फिर भी पहुंचा तोड़क दस्ता – विवाद की मुख्य जड़ ढाबे की जमीन का सीमांकन और कानूनी प्रक्रिया की अनदेखी है। ढाबा संचालक का आरोप है कि मामला पहले से ही अदालत में विचाराधीन है। इसके बावजूद प्रशासन ने न तो जमीन की विधिवत पैमाइश (सीमांकन) कराई और न ही कानूनी मर्यादा की परवाह की। सोमवार को जैसे ही बुलडोजर और पुलिस बल ढाबे के सामने पहुंचा, संचालक और अधिकारियों के बीच तीखी बहस छिड़ गई। संचालक लगातार दस्तावेजों और कोर्ट का हवाला देता रहा, लेकिन प्रशासनिक अमला कार्रवाई पर अड़ा रहा।
माचिस सुलगाने की कोशिश, पुलिस के उड़े होश – अधिकारियों की बेरुखी और अपनी रोजी-रोटी पर चलते बुलडोजर को देख संचालक ने अप्रत्याशित कदम उठा लिया। विरोध स्वरूप उसने गैलन से खुद के ऊपर पेट्रोल उड़ेल लिया और आग लगाने की कोशिश की। पेट्रोल की गंध फैलते ही मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों और अफसरों में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में पुलिसकर्मियों ने दौड़कर संचालक को पकड़ा और किसी तरह बड़ी अनहोनी को टाला।
बैकफुट पर अफसर, कोर्ट के आदेश तक कार्रवाई स्थगित – ढाबा संचालक के आत्मघाती कदम और बेकाबू होते जनआक्रोश को भांपते हुए प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई रोकने में ही भलाई समझी। मौके पर मौजूद तहसीलदार ने सफाई देते हुए कहा कि स्थिति की संवेदनशीलता और कोर्ट में विचाराधीन मामले को देखते हुए अदालत का फैसला आने तक ध्वस्तीकरण को स्थगित कर दिया गया है।
इस घटना ने एक बार फिर राजधानी में प्रशासनिक कार्यशैली, बिना तैयारी के हो रहे ‘बुलडोजर एक्शन’ और कागजी प्रक्रियाओं को दरकिनार करने की जल्दबाजी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।




