रायगढ़

लैलूंगा में बड़ी प्रशासनिक सर्जिकल स्ट्राइक : मुकडेगा में बंद मिले 4 आंगनबाड़ी केंद्र; कार्यकर्ताओं-सहायिकाओं का मानदेय रुका, सेवा समाप्ति का अल्टीमेटम…

रायगढ़। महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत एकीकृत बाल विकास परियोजना मुकडेगा (जिला रायगढ़, छत्तीसगढ़) में आज प्रशासनिक हड़कंप मच गया। क्षेत्र में शासकीय योजनाओं की जमीनी हकीकत परखने निकले अधिकारियों को उस वक्त बड़ा झटका लगा, जब एक के बाद एक कुल 4 आंगनबाड़ी केंद्र पूरी तरह बंद और ताले लटके पाए गए। मासूम बच्चों के पोषण और विकास से जुड़े इस संवेदनशील मामले में विभाग ने बेहद कड़ा और ‘धारदार’ रुख अख्तियार किया है।

​परियोजना अधिकारी मुकडेगा द्वारा जारी ताबड़तोड़ आदेशों के तहत, अपने कर्तव्य से गायब रहने वाली 4 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और 4 सहायिकाओं (कुल 8 कर्मचारियों) का मानदेय तत्काल प्रभाव से रोकने की अनुशंसा कर दी गई है। इसके साथ ही, विभाग ने इन सभी को 3 दिनों के भीतर खुद उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने का अंतिम मौका देते हुए नौकरी से बर्खास्तगी (सेवा समाप्ति) की दोटूक चेतावनी जारी की है।

इन 4 केंद्रों में पसरा था सन्नाटा, ये कर्मचारी नपे – विभागीय जांच और औचक निरीक्षण के दौरान जिन केंद्रों में घोर लापरवाही और मनमानी पाई गई, उनके नाम और संबंधित कर्मचारियों की सूची इस प्रकार है:

  • आंगनबाड़ी केंद्र पकरीपारा चंवरपुर : कंचन पैंकरा (कार्यकर्ता) एवं किरण पैंकरा (सहायिका)।
  • आंगनबाड़ी केंद्र सराईपारा सोनाजोरी : सुनीता तिर्की (कार्यकर्ता) एवं अंजना लकड़ा (सहायिका)।
  • आंगनबाड़ी केंद्र तोलमा : निमन्ती लकड़ा (कार्यकर्ता) एवं अंजना टोप्पो (सहायिका)।
  • आंगनबाड़ी केंद्र सोनाजोरी 2 : सबीना मिंज (कार्यकर्ता) एवं तुलसीना यादव (सहायिका)।

पर्यवेक्षक को भनक तक नहीं; विभाग बोला “यह घोर लापरवाही है!” – परियोजना कार्यालय द्वारा जारी आधिकारिक कारण बताओ नोटिस में साफ तौर पर कहा गया है कि इन सभी कर्मचारियों ने केंद्र बंद रखने या अपने अनुपस्थित रहने की कोई भी पूर्व सूचना सेक्टर पर्यवेक्षक या उच्च अधिकारियों को नहीं दी थी। बिना किसी सूचना के शासकीय केंद्रों को बंद रखना इनके कर्तव्यों के प्रति घोर लापरवाही और अनुशासनहीनता को दर्शाता है। इसी वजह से इनके वित्तीय अधिकारों पर चोट करते हुए मानदेय रोकने की तत्काल अनुशंसा की गई है।

3 दिन की मोहलत… वरना सीधे बाहर का रास्ता – ​प्रशासन ने इस बार आर-पार की लड़ाई के मूड में सख्त लहजे में अल्टीमेटम दिया है:

“03 दिवस के भीतर परियोजना अधिकारी के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें। यदि निर्धारित समयावधि में जवाब प्रस्तुत नहीं किया जाता, तो यह मान लिया जाएगा कि आपको अपने बचाव में कुछ नहीं कहना है। ऐसी स्थिति में एकपक्षीय कार्रवाई करते हुए सेवा समाप्ति (नौकरी से बर्खास्तगी) हेतु नश्ती (फाइल) उच्चाधिकारियों को प्रेषित कर दी जाएगी, जिसके जिम्मेदार आप स्वयं होंगे।”

परियोजना अधिकारी, एकीकृत बाल विकास परियोजना, मुकडेगा (रायगढ़)

इस पूरी कार्रवाई की प्रतिलिपि जिला कार्यक्रम अधिकारी (महिला एवं बाल विकास, जिला रायगढ़) और संबंधित सेक्टर पर्यवेक्षकों को आवश्यक और दंडात्मक कार्रवाई के लिए प्रेषित कर दी गई है। इस कड़े कदम के बाद से जिले के अन्य लापरवाह शासकीय कर्मचारियों और बंद रहने वाले केंद्रों के प्रभारियों में हड़कंप मच गया है। 

Admin : RM24

Investigative Journalist & RTI Activist

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!