लैलूंगा के राजपुर में जमीन पर ‘महा-कब्जे’ का भंडाफोड़! सीमांकन में खुले राज, 100 साल पुराने दावों से अधिकारी भी हैरान!…

लैलूंगा/राजपुर: लैलूंगा तहसील के ग्राम राजपुर में प्रशासन की कार्रवाई ने सालों से चल रहे जमीन के खेल की पोल खोल कर रख दी है। तहसीलदार के आदेश पर जमीन नापने पहुंची राजस्व टीम के सामने अवैध कब्जों की ऐसी झड़ी लगी कि पूरे गांव में हड़कंप मच गया है। किसी ने 1992 से कब्जा जमा रखा है, तो कोई 100 साल पुराने दादा के बनाए मकान का दावा ठोक रहा है!

क्या है पूरा मामला? – प्राप्त पंचनामा रिपोर्ट के अनुसार, 12 जून 2026 को राजपुर गांव में तहसीलदार लैलूंगा के आदेश (दिनांक 14/01/2026) पर राजस्व निरीक्षक (RI) और हल्का पटवारी की टीम सीमांकन करने पहुंची थी। यह सीमांकन आवेदक जसवंत माता नीलम बाई और आलोक रंजन (निवासी राजपुर) की खसरा नंबर 575/2 और 575/1 (रकबा 0.138 और 0.138) भूमि के लिए किया जा रहा था।
जैसे ही टीम ने खसरा नंबर 339, 340 और 341 के तिमेढा (संगम) से नाप-जोख शुरू की, अवैध कब्जेदारों के चेहरे पीले पड़ गए।
कब्जेदारों के चौंकाने वाले दावे : मौके पर तैयार किए गए पंचनामे में कई बड़े खुलासे हुए हैं :
- रामनिवास पात्रा (पिता बनमाली पात्रा) : खसरा नंबर 575/2 के 0.013 हेक्टेयर रकबे पर मकान और बाड़ी बनाकर कब्जा किया हुआ पाया गया। जब इनसे पूछताछ हुई तो इनका कहना था कि वे यहाँ सन 1992 से निवासरत हैं।
- मधु पात्रा : इन्होंने 75 वर्ग मीटर में मकान और बाड़ी बना ली है। इनका दावा सबसे हैरान करने वाला था, जिसमें इन्होंने बताया कि उनके दादा ने 100 वर्ष पूर्व यहाँ मकान का निर्माण किया था!।
- चमारो (पिता रामरतन) : 0.013 हेक्टेयर पर पक्का मकान बनाकर कब्जा कर लिया गया है। चमारो ने बताया कि 1997-98 में कच्चा मकान बनाया गया था, जिसमें वे रहते हैं।
- विद्याधर पात्रा (पिता चमारो पात्रा) – : मौके पर यह शख्स कच्चा मकान तोड़कर 8.51 वर्ग मीटर में नया निर्माण करते हुए रंगे हाथों पाया गया।
शाम के अंधेरे ने रोका प्रशासनिक डंडा! 15 को फिर होगा ‘एक्शन’ – राजपुर में सिर्फ यही एक मामला नहीं है। उसी दिन (12/06/2026) तहसीलदार के एक अन्य आदेश (दिनांक 19/02/2026) के तहत खसरा नंबर 380/6 (रकबा 0.676 हेक्टेयर) का भी सीमांकन शुरू किया गया था। ग्रामवासियों की मौजूदगी में कार्रवाई शुरू तो हुई, लेकिन शाम के अंधेरे ने प्रशासन के कदम रोक दिए। शाम होने के कारण इस सीमांकन कार्य को बीच में ही स्थगित करना पड़ा।
अब प्रशासन ने साफ कर दिया है कि यह रुकी हुई कार्रवाई 15/06/2026 को सुबह 8:00 बजे से दोबारा पूरे दमखम के साथ शुरू की जाएगी।
अब देखना यह है कि 15 जून की सुबह जब राजस्व विभाग का अमला दोबारा राजपुर की जमीन पर उतरेगा, तो और कितने सफेदपोशों के अवैध कब्जों से पर्दा उठेगा! गांव में चर्चाओं का बाजार गर्म है और कब्जेदारों की रातों की नींद उड़ी हुई है।
भाग 2 में 15 तारिक को आएंगे सब के चेहरे सामने… बने रहिये RM24 के साथ….सोमवार 15 तारिक को अधिवक्ता राकेश बेहरा खुद रहेंगे मौजूद…और अब खेलेंगे न्यायिक दाव… असुविधा के लिये खेद हैँ…




