अंबिकापुर

सत्ता का नशा या अफसरों की जिद? सीतापुर में विधायक की ‘गुंडागर्दी’ के खिलाफ सुलग उठा पूरा राजस्व महकमा!…

  • नायब तहसीलदार से मारपीट के बाद सरगुजा में हाहाकार। सरकारी दफ्तरों में लटके ताले, नार्को टेस्ट की खुली चुनौती और मूकदर्शक बनी सरकार!

​सरगुजा जिले का प्रशासनिक ढांचा इस वक्त एक बड़े बवाल के मुहाने पर खड़ा है। सीतापुर से बीजेपी विधायक रामकुमार टोप्पो और उनके समर्थकों पर राजापुर के नायब तहसीलदार तुषार मानिक को सरेआम पीटने का आरोप लगा है। सत्ता की हनक और कुर्सी के गुरूर का यह मामला अब इतना तूल पकड़ चुका है कि पटवारी से लेकर तहसीलदार तक सबने काम बंद कर बगावत का बिगुल फूंक दिया है।

क्या है पूरा विवाद : पेरोल के कागजात और शाम की वह ‘खौफनाक’ मीटिंग – यह पूरी आग 27 मई को राजापुर उप तहसील से भड़की।

  • शुरुआत : विधायक टोप्पो की चचेरी बहन सीमा धनकी अपने पति के पेरोल के लिए जमीन के कागजों पर दस्तखत कराने नायब तहसीलदार तुषार मानिक के पास पहुंचीं। यहीं दोनों के बीच विवाद हुआ।
  • विधायक की एंट्री : आरोप है कि शाम 6 बजे विधायक टोप्पो ने अपने रसूख का इस्तेमाल करते हुए सीतापुर लौट चुके नायब तहसीलदार को वापस राजापुर तलब किया।
  • मारपीट और बवाल : इसके बाद जो हुआ, उसने पूरे सिस्टम को हिला दिया। आरोप है कि विधायक और उनके समर्थकों ने मानिक के साथ गाली-गलौज और जमकर मारपीट की। अगर सीतापुर एसडीएम फागेश सिन्हा बीच-बचाव कर उन्हें वहां से न निकालते, तो हालात और भी खौफनाक हो सकते थे।

नार्को टेस्ट का ‘ब्रह्मास्त्र’ : आर-पार के मूड में पीड़ित अफसर – पीड़ित नायब तहसीलदार तुषार मानिक ने विधायक के खिलाफ सीधा मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने मांग की है कि उनका, विधायक टोप्पो, उनकी बहन सीमा और एक अन्य महिला का नार्को टेस्ट कराया जाए। मानिक ने छाती ठोक कर कहा है, “सबसे पहले मेरा नार्को टेस्ट हो, ताकि सच दुनिया के सामने आए!” वहीं, घिरे हुए विधायक टोप्पो ने भी पलटवार करते हुए कहा है कि वे किसी भी टेस्ट और जांच के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

सिस्टम पैरालाइज : आम जनता हलकान, अफसर मैदान में – विधायक की इस कथित गुंडागर्दी के खिलाफ सरगुजा का पूरा राजस्व महकमा सड़क पर उतर आया है:

  • काम-काज पूरी तरह ठप : शुक्रवार के बाद सोमवार को भी दफ्तरों में सन्नाटा पसरा रहा। लोग काम के लिए घंटों बाहर बैठे रहे और बैरंग लौट गए।
  • लाखों का नुकसान : रोजाना बनने वाले 350 से ज्यादा आय, जाति और निवास प्रमाण पत्रों का काम ठप है। जमीनों की रजिस्ट्री और अन्य काम रुकने से सरकार को भारी राजस्व का नुकसान हो रहा है।
  • काली पट्टी बांधकर विरोध : राज्य प्रशासनिक सेवा संघ (डिप्टी और अपर कलेक्टर) ने काली पट्टी बांधकर काम किया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि 3 दिन में ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो वे भी हड़ताल में कूद पड़ेंगे।

सियासत गरमाई : कहां है गिरफ्तारी, क्यों चुप हैं सीएम? – कलेक्टर अजीत वसंत से लेकर कमिश्नर तक के साथ तहसीलदारों की बातचीत बेनतीजा रही है। कलाकेंद्र मैदान में धरने पर बैठे अफसरों का सीधा सवाल है कि विधायक पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही?

  • गिरफ्तारी का यू-टर्न : विधायक ने शुक्रवार को बड़े जोर-शोर से कहा था कि वे आईजी के सामने गिरफ्तारी देंगे, लेकिन सोमवार बीत जाने के बाद भी उन्होंने ऐसा नहीं किया, जिससे अफसरों का गुस्सा सातवें आसमान पर है।
  • विपक्ष का हमला : पीसीसी चीफ दीपक बैज ने सीधे मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा है कि राज्य में खुलेआम अफसरों को पीटा जा रहा है और सीएम मूकदर्शक बनकर तमाशा देख रहे हैं।

क्या एक विधायक की हनक के आगे पूरा प्रशासनिक अमला झुक जाएगा, या फिर न्याय की मांग कर रहे इन अफसरों को इंसाफ मिलेगा? सरगुजा में फिलहाल हालात तनावपूर्ण हैं, और अगर जल्द ही कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो यह चिंगारी पूरे राज्य के प्रशासन को अपनी चपेट में ले सकती है।

पूर्व में प्रकाशित खबर…

Admin : RM24

Investigative Journalist & RTI Activist

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