माँ की बेरुखी से टूटा 24 साल का अमन, ‘पापा, माँ क्यों है नाराज?’ पूछकर फंदे पर झूला; करुण क्रंदन में बदला सन्नाटा…

कोरबा। रिश्तों का बोझ और अपनों की बेरुखी जब इंसान के वजूद पर हावी हो जाए, तो जिंदगी मौत के आगे घुटने टेक देती है। ऐसा ही एक कलेजा चीर देने वाला वाकया सामने आया है उरगा थाना क्षेत्र से, जहाँ माँ की नाराजगी से आहत 24 साल के इकलौते बेटे ने मौत को गले लगा लिया। देर रात ढाई बजे पिता से फोन पर रो-रोकर माँ की नाराजगी की वजह पूछता रहा अमन और फिर कुछ ही देर बाद किराए के मकान में उसका बेजान जिस्म फंदे से लटकता मिला।
‘माँ मुझसे क्यों नाराज है?’ – आखिरी कॉल और फोन कट गया : मिली जानकारी के मुताबिक, बरपाली निवासी रोहन उर्फ अमन श्रीवास (24 वर्ष)Transport नगर में किराए के कमरे में रहकर सैलून में काम करता था। दो भाई-बहनों में इकलौता अमन बीते कुछ दिनों से अपनी माँ की नाराजगी को लेकर बुरी तरह मानसिक तनाव और व्यथा से गुजर रहा था।
गुरुवार रात 9 बजे उसने अपने पिता से सामान्य लहजे में बातचीत की। लेकिन माँ से अनबन का दंश उसे अंदर ही अंदर दीमक की तरह चाट रहा था। रात लगभग 2:30 बजे अमन ने दोबारा अपने पिता को फोन मिलाया। इस बार उसकी आवाज में सामान्य बातचीत नहीं, बल्कि बेबसी और रुलाई थी। रोते हुए उसने पिता से सिर्फ एक सवाल दागा – “पापा, माँ मुझसे इतनी नाराज क्यों है?”
इससे पहले कि पिता उसकी मानसिक स्थिति को भांप पाते या उसे संभाल पाते, कॉल कट गया। इसके बाद परिजनों ने अनगिनत बार फोन मिलाया, लेकिन दूसरी तरफ सिर्फ सन्नाटा और रिंग जाती रही, रोहन ने दोबारा फोन नहीं उठाया।
सुबह का सूरज लाया मौत की खबर – अनहोनी की आशंका से कांपते परिजन शुक्रवार की सुबह जैसे ही ट्रांसपोर्टनगर स्थित उसके किराए के कमरे पर पहुँचे, उनके पैर तले जमीन खिसक गई। दरवाजा खोलते ही सामने अमन की लाश फांसी के फंदे पर झूल रही थी। घर का इकलौता चिराग बुझ चुका था और चंद घंटों पहले पिता के कानों में गूंजती रोने की आवाज अब हमेशा के लिए खामोश हो चुकी थी।
पुलिस जांच जारी, वजहों की तलाश – घटना की सूचना मिलते ही सीएसईबी चौकी पुलिस मौके पर पहुँची। पुलिस ने तत्काल शव को फंदे से उतारकर मर्ग कायम किया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
चौकी प्रभारी राजेश तिवारी का वक्तव्य : “आत्महत्या के वास्तविक कारणों का अभी पूरी तरह खुलासा नहीं हो सका है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और परिजनों के विस्तृत बयान दर्ज होने के बाद ही मामले की असली वजह स्पष्ट हो पाएगी।”
माँ का एक दुलार शायद इस उजड़ते चिराग को बचा लेता, लेकिन एक सवाल पीछे छोड़ गई यह घटना कि आखिर माँ की किस नाराजगी ने 24 साल के युवा को मौत के कुएं में छलांग लगाने पर मजबूर कर दिया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।




