सनसनीखेज हत्याकांड : अंबिकापुर के टिहरी जंगल में 9वीं के छात्र का कुचला चेहरा; हैवानियत से कांपा सरगुजा…

- घर से ‘खेलने जा रहा हूं’ कहकर निकला था 15 वर्षीय वीरेंद्र; सुबह जंगल की झाड़ियों में खून से लथपथ मिला क्षत-विक्षत शव…
सरगुजा। जिले के उदयपुर थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ के टिहरी जंगल में 9वीं कक्षा के छात्र की अत्यंत बेरहमी और हैवानियत से हत्या कर दी गई। हत्यारों ने साक्ष्य मिटाने और पहचान छिपाने की नीयत से नाबालिग का चेहरा भारी पत्थर से पूरी तरह कुचल दिया। शव के पैरों और शरीर पर भी घसीटने व मार-पीट के कई गंभीर निशान पाए गए हैं।
इस नृशंस वारदात के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है, वहीं सलका गांव में मातम पसरा हुआ है।
क्रोनोलॉजी : गुमशुदगी से शव मिलने तक की पूरी कहानी –
- गुरुवार शाम (5:00 बजे) : ग्राम सलका निवासी वीरेंद्र कंवर (15 वर्ष), पिता का नाम कंवर, जो सलका हाईस्कूल में 9वीं कक्षा का छात्र था, परिजनों से यह कहकर घर से निकला कि वह दोस्तों के साथ खेलने जा रहा है।
- गुरुवार रात (10:00 बजे से आगे) : काफी देर तक जब वीरेंद्र घर वापस नहीं लौटा, तो परिजनों की चिंता बढ़ गई। परिजनों और ग्रामीणों ने पूरी रात गांव, खेतों और संभावित ठिकानों पर उसकी खोजबीन की, लेकिन उसका कहीं कोई सुराग नहीं लगा।
- शुक्रवार सुबह (तड़के) : टिहरी जंगल की ओर रोजाना की तरह योग और वॉक करने पहुंचे ग्रामीणों की नजर झाड़ियों के पीछे पड़ी। वहाँ खून से सना हुआ एक किशोर का शव पड़ा था।
पुलिस की जांच के मुख्य 4 बिंदु :
- अंतिम बार किसके साथ देखा गया? पुलिस गांव के उन लड़कों और दोस्तों से पूछताछ कर रही है, जिनके साथ वीरेंद्र को गुरुवार शाम देखा गया था।
- पुरानी रंजिश या आपसी विवाद: क्या परिवार या छात्र की किसी से कोई आपसी रंजिश थी? इस कोण पर भी गहराई से तहकीकात की जा रही है।
- हत्या का स्थान (Crime Scene): क्या हत्या टिहरी जंगल में ही की गई या कहीं और हत्या कर शव को यहाँ लाकर फेंका गया? खून के धब्बों और घसीटने के निशानों से इसका पता लगाया जा रहा है।
- कॉल डिटेल्स व तकनीकी साक्ष्य: अगर छात्र के पास कोई मोबाइल था, तो उसकी अंतिम लोकेशन और सीडीआर (CDR) खंगाली जा रही है।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल, ग्रामीणों में भारी जनाक्रोश – घटना की खबर फैलते ही घटनास्थल पर सैकड़ों ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। जब परिजनों ने कपड़ों और हुलिए से वीरेंद्र की पहचान की, तो उनका कलेजा फट पड़ा। मां और परिजनों के चीत्कार से पूरा जंगल गूंज उठा। सलका हाईस्कूल के सहपाठियों और शिक्षकों में भी शोक की लहर है।
स्थानीय ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि इस जघन्य और हैवानियत भरे हत्याकांड के दोषियों को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर फांसी जैसी सख्त सजा दी जाए।




