सक्ती

विशेष रिपोर्ट : सक्ति के वेदांता पावर प्लांट में भीषण तकनीकी दुर्घटना, दर्जनों श्रमिक हताहत…

सक्ति। जिला अंतर्गत डभरा थाना क्षेत्र के सिंघीतराई स्थित वेदांता एथेना पावर प्लांट में आज दोपहर एक हृदयविदारक औद्योगिक दुर्घटना घटित हुई। प्लांट की मुख्य स्टीम लाइन (Main Steam Line) फटने से हुए भीषण विस्फोट और गर्म भाप के रिसाव ने पूरे परिसर को अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे में भारी जनहानि की आशंका जताई जा रही है।

घटना का घटनाक्रम : कैसे हुई त्रासदी? – दोपहर के वक्त जब प्लांट में सामान्य रूप से कार्य संचालित हो रहा था, तभी बॉयलर से टरबाइन की ओर जाने वाली उच्च क्षमता वाली मेन स्टीम लाइन अचानक दबाव सहन न कर पाने के कारण फट गई।

  • भाप का प्रहार : पाइप लाइन फटने से अत्यधिक उच्च तापमान वाली भाप (High-pressure steam) तेजी से फैली, जिससे वहां कार्यरत श्रमिकों को संभलने या सुरक्षित स्थान पर जाने का अवसर नहीं मिल सका।
  • प्रभावित श्रमिक : इस त्रासदी में मुख्य रूप से राहुल इंटरप्राइजेज, मालती कंस्ट्रक्शन और पावर मेक के श्रमिक प्रभावित हुए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धमाका इतना तेज था कि उसकी गूँज दूर तक सुनी गई और तत्काल चारों ओर धुआं व भाप छा गई।

राहत और बचाव कार्य की स्थिति – हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंच गईं। फिलहाल स्थिति काफी चुनौतीपूर्ण बनी हुई है :

  • रेस्क्यू में बाधा : प्लांट के भीतर अभी भी अत्यधिक गर्मी और गैस का प्रभाव होने के कारण बचाव दल को अंदर प्रवेश करने में तकनीकी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
  • चिकित्सा सहायता : गंभीर रूप से झुलसे हुए श्रमिकों को तत्काल खरसिया और रायगढ़ के निजी व सरकारी अस्पतालों में उपचार हेतु भर्ती कराया गया है। इनमें से कई की स्थिति अत्यंत नाजुक बताई जा रही है।
  • हताहतों की संख्या : अपुष्ट सूत्रों और प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से लगभग एक दर्जन श्रमिकों की मृत्यु की दुःखद खबर आ रही है, हालांकि जिला प्रशासन द्वारा आधिकारिक पुष्टि का अभी इंतजार किया जा रहा है।

सुरक्षा मानकों पर उठे गंभीर सवाल – इस भयावह दुर्घटना ने औद्योगिक सुरक्षा मानकों (Safety Norms) के पालन पर एक बड़ा प्रश्नचिन्ह लगा दिया है।

  • श्रमिकों का आक्रोश : प्लांट परिसर में मौजूद श्रमिकों और परिजनों ने प्रबंधन के खिलाफ भारी आक्रोश व्यक्त किया है। उनका आरोप है कि स्टीम लाइन और बॉयलर के रखरखाव में लंबे समय से लापरवाही बरती जा रही थी।
  • प्रशासनिक जांच : पुलिस और जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तकनीकी विशेषज्ञों की टीम से जांच कराने का आश्वासन दिया है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या यह हादसा ‘ओवरप्रेशर’ के कारण हुआ या इसके पीछे कोई गंभीर तकनीकी चूक थी।

परिजनों का विलाप और क्षेत्र में मातम – अस्पतालों के बाहर और प्लांट के गेट पर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। कई परिवार अपने घर के एकमात्र कमाऊ सदस्य की सूचना के लिए दर-दर भटक रहे हैं। सिंघीतराई और आसपास के गांवों में इस घटना के बाद से सन्नाटा पसरा हुआ है और माहौल पूरी तरह गमगीन है।

यह दुर्घटना न केवल एक बड़ी मानवीय त्रासदी है, बल्कि उद्योगों में काम करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा के प्रति एक बड़ी चेतावनी भी है। अब सबकी निगाहें प्रशासन की आगामी कार्रवाई और घायलों के समुचित उपचार पर टिकी हैं।

ईश्वर से प्रार्थना है कि हताहतों के परिजनों को यह अपार दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें और घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ मिले।

Admin : RM24

Investigative Journalist & RTI Activist

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