माहला रेस्टोरेंट के पीछे चल रहे अवैध जुएं के फड़ पर छापा; 6 जुआंरी गिरफ्तार, ₹1.10 लाख जब्त

फिरोज अहमद खान (पत्रकार)
बालोद। राजहरा पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक जिले के दल्ली राजहरा थाना क्षेत्र में पुलिस ने राष्ट्रीय राजमार्ग 930 के बाजू कुसुमकसा स्थित माहला रेस्टोरेंट के पीछे एक खेत में चल रहे अवैध जुआ के फड़ पर बड़ी कार्यवाही कर छह आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया है। साइबर सेल बालोद और थाना राजहरा की संयुक्त टीम को मिली मुखबिराना सूचना के बाद रविवार शाम को छापेमारी की गई, जिसमें मौके से कुल ₹1,10,000 नगद और ताश के पत्ते जब्त किए गए। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर वैधानिक कार्यवाही शुरू कर दी है।

प्रारम्भिक जानकारी के अनुसार, रविवार (14 जून 2026) की शाम लगभग 6 बजे टीम को सूचित किया गया कि माहला पेट्रोल पंप और माहला रेस्टोरेंट के पीछे स्थित खेत में कुछ लोग ताश के पत्तों पर पैसे की बाजी लगाकर जुआ खेल रहे हैं। सूचना पाकर साइबर सेल और राजहरा थाना की टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और चारों तरफ से घेराबंदी कर दी। अचानक पुलिस की उपस्थिति देख जुआरियों में भगदड़ मच गई, परन्तु पुलिस ने तत्क्षण कार्यवाही करते हुए सभी छह आरोपियों को मौके पर ही दबोच लिया।

घटनास्थल और आरोपियों की तलाशी लेने पर पुलिस ने कुल ₹1,10,000 नगद बरामद किए तथा ताश के पत्ते और जुआ खेलने में उपयोग की जाने वाली अन्य सामग्री भी गवाहों के सामने जब्त कर ली गई। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राजहरा और चिखलाकसा क्षेत्र के निवासियों के रूप में हुई है — मुकेश कुमार (44), डोमेन्द्र कुमार (24), सुनील जायसवाल (49), रंजीत सिंह (44), विजय प्रताप सिंह बग्गा (49) व सुरजीत सिंह (54)। थाना राजहरा के प्रभारी अविनाश सिंह ने बताया कि उनके विरुद्ध अपराध क्रमांक 132/2026 दर्ज किया गया है और छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3 व 2 के अंतर्गत कानूनी कार्यवाही जारी है।
वही विश्वसनीय गुप्त सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक “जुएं की फड़ माहला रेस्टोरेंट के पीछे खेत में नहीं बल्कि अंदर ही एक कमरे में ही संचालित हो रही थी। वही चल रहे जुएं की अनुमानित रकम 10 लाख रुपए थी।” हजम न होने वाली बात यह है कि वातानुकूलित (एसी) कमरे रहने व वाहन में चलने वाले धन कुबेरों ने कैसे रेस्टोरेंट के ठीक पीछे खेत की धूल और मिट्टी में इतनी तेज गर्मी में बैठ कैसे बावन पत्तियों का खेल रचाया होगा? वहीं पुलिस ने चल रहे जुएं की जगह और जुएं की रकम क्यों बदल दी ये समझ से परे है?
वही राजहरा पुलिस ने कहा कि अवैध जुआ-सट्टे से जुड़े मामलों के प्रति बेहद सख्त रवैया अपनाया जा रहा है और ऐसे अपराधों पर भविष्य में भी उसी तरह कठोर कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने नागरिकों से भी अपील की है कि मौके पर होने वाली संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को दें ताकि समय रहते कार्यवाही की जा सके और अपराध रुक सके।
जुआ खेलने के दुष्परिणाम
जुआ जीवन व परिवार दोनों के लिए विनाशकारी हो सकता है। आर्थिक दृष्टि से यह व्यक्ति को कर्ज और ऋण के दलदल में धकेल देता है, जिससे रोजमर्रा की जरूरतें, बच्चों की पढ़ाई और परिवार की आधारभूत आर्थिक सुरक्षा प्रभावित होती है। मानसिक रूप से, हार-जीत की अनिश्चितता, अपराध-बोध और सामाजिक कलंक से व्यक्ति में अवसाद, चिंता तथा आत्म-सम्मान की कमी पैदा हो सकती है। पारिवारिक रिश्तों पर इसका गहरा असर होता है — भरोसा टूटता है, झगड़े बढ़ते हैं और दर्जनों बार घरेलू हिंसा या अलगाव जैसी परिस्थितियाँ भी सामने आ जाती हैं। इसके अलावा जुए से जुड़ी अवैध गतिविधियाँ स्थानीय समाज में अपराध तथा तस्करी जैसे अन्य कृत्यों को भी बढ़ावा देती हैं, जिससे समुदाय की समग्र सुरक्षा व शांति बाधित होती है।




